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दृष्टिहीन से रिश्वत लेने वाला लेखपाल निलंबित
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श्रावस्ती। दृष्टिहीन से दो हजार रुपये रिश्वत लेने वाले लेखपाल को शुक्रवार को एसडीएम भिनगा ने निलंबित कर दिया। लेखपाल ने दृष्टिहीन से यह पैसा ढाई बीघा जमीन पैमाइश करने के नाम पर लिया था। पैसा लेने के बाद भी वह जमीन की पैमाइश नहीं कर रहा था। जिसकी शिकायत पीड़ित ने डीएम से की थी।
सिरसिया के ग्राम वीरपुर निवासी राजिंदर प्रसाद पुत्र जगराम दृष्टिहीन है। उसकी ढाई बीघा जमीन गांव में ही है। इसकी हदबरारी के लिए उसने आदेश कराया था। हदबरारी के लिए शाहपुरबरदगवा क्षेत्र के लेखपाल प्रेमनारायण पांडेय को आदेश भी हुआ था। इस आदेश के बाद भी लेखपाल ने दृष्टिहीन से ढाई बीघा जमीन की हदबरारी के लिए दो हजार रुपये रिश्वत ले ली।
पैसा लेने के बाद भी वह जमीन की पैमाइश नहीं कर रहा था। इससे परेशान पीड़ित ने मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम से मिल कर लेखपाल के खिलाफ शिकायती पत्र दिया था। इस शिकायती पत्र पर डीएम ने लेखपाल को तलब कर जानकारी ली तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया।
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इस दौरान दृष्टिहीन की पीड़ा को देखते हुए डीएम ओपी आर्य ने पीड़ित को अपने पास से दो हजार रुपये देकर मामले की जांच का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद एसडीएम भिनगा चंद्र मोहन गर्ग ने आरोपी लेखपाल को निलंबित करते हुए मामले की जांच तहसीलदार भिनगा राजकुमार पांडेय को सौंपी है।
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सिरसिया के ग्राम वीरपुर निवासी राजिंदर प्रसाद पुत्र जगराम दृष्टिहीन है। उसकी ढाई बीघा जमीन गांव में ही है। इसकी हदबरारी के लिए उसने आदेश कराया था। हदबरारी के लिए शाहपुरबरदगवा क्षेत्र के लेखपाल प्रेमनारायण पांडेय को आदेश भी हुआ था। इस आदेश के बाद भी लेखपाल ने दृष्टिहीन से ढाई बीघा जमीन की हदबरारी के लिए दो हजार रुपये रिश्वत ले ली।
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पैसा लेने के बाद भी वह जमीन की पैमाइश नहीं कर रहा था। इससे परेशान पीड़ित ने मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम से मिल कर लेखपाल के खिलाफ शिकायती पत्र दिया था। इस शिकायती पत्र पर डीएम ने लेखपाल को तलब कर जानकारी ली तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया।
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इस दौरान दृष्टिहीन की पीड़ा को देखते हुए डीएम ओपी आर्य ने पीड़ित को अपने पास से दो हजार रुपये देकर मामले की जांच का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद एसडीएम भिनगा चंद्र मोहन गर्ग ने आरोपी लेखपाल को निलंबित करते हुए मामले की जांच तहसीलदार भिनगा राजकुमार पांडेय को सौंपी है।