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नोटिस व निलंबन के बाद भी जारी है लेखपालों का कार्य बहिष्कार
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श्रावस्ती। अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार कर रहे राजस्व लेखपालों के खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से नो वर्क नो पे की नोटिस जारी की गई है। वहीं, लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष व जिला मंत्री सहित आठ पदाधिकारियों को निलंबित भी कर दिया गया। इसके बावजूद राजस्व लेखपालों का कार्य बहिष्कार जारी है। जिले के लेखपालों ने अंजाम की परवाह किए बगैर अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को भी कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। लेखपालों की ओर से अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की गई।
कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष गोविंद मिश्र ने कहा कि लेखपाल संघ अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से कार्य बहिष्कार कर रहा है। सरकार व प्रशासन हमारी मांग पूरी न कर हमारे आंदोलन को दबाना चाहती है। सरकार के इशारे पर ही प्रशासन द्वारा संघ के पदाधिकारियों का निलंबन व लेखपालों के खिलाफ नो वर्क नो पे की नोटिस जारी की गई है।
इससे हम डरने वाले नहीं हैं। सरकार जब तक हमारी मांग पूरा नहीं करती, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। जिला मंत्री अनंतराम ने कहा कि सरकार कितनी भी कार्यवाही करे, भले ही हमें बर्खास्त क्यों न कर दे। लेकिन हम अब मांग पूरी कराए बगैर पीछे नहीं हटेंगे।
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लेखपाल एसीपी व वेतन विसंगति दूर होने, पुरानी पेंशन से वंचित लेखपालों को पेंशन मिलने, विशेष भत्ता एवं स्टेशनरी भत्ता, दो पहिया वाहन भत्ता सहित राजस्व लेखपाल का पदनाम परिवर्तित कर राजस्व उप निरीक्षक करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश की भांति प्रशासनिक व्यय एवं इंसेंटिव के लिए 18 रुपये प्रति खाता व लाभार्थी लेखपालों को भुगतान मिलने तक कार्य बहिष्कार करते रहेंगे।
इस मौके पर सौम्या तिवारी, दीपाली अग्रवाल, शिल्पी शुक्ला, संतोष कुमार यादव, अर्जुन पटेल, विक्रम सिंह, राजमनि शुक्ला, रामकरन गुप्ता, प्रदीप चौधरी, ध्रुव कुमार, धर्मेशदत्त गुप्ता, कृष्ण चंद्र मिश्रा, जगतराम शुक्ला, दिनेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष गोविंद मिश्र ने कहा कि लेखपाल संघ अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से कार्य बहिष्कार कर रहा है। सरकार व प्रशासन हमारी मांग पूरी न कर हमारे आंदोलन को दबाना चाहती है। सरकार के इशारे पर ही प्रशासन द्वारा संघ के पदाधिकारियों का निलंबन व लेखपालों के खिलाफ नो वर्क नो पे की नोटिस जारी की गई है।
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इससे हम डरने वाले नहीं हैं। सरकार जब तक हमारी मांग पूरा नहीं करती, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। जिला मंत्री अनंतराम ने कहा कि सरकार कितनी भी कार्यवाही करे, भले ही हमें बर्खास्त क्यों न कर दे। लेकिन हम अब मांग पूरी कराए बगैर पीछे नहीं हटेंगे।
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लेखपाल एसीपी व वेतन विसंगति दूर होने, पुरानी पेंशन से वंचित लेखपालों को पेंशन मिलने, विशेष भत्ता एवं स्टेशनरी भत्ता, दो पहिया वाहन भत्ता सहित राजस्व लेखपाल का पदनाम परिवर्तित कर राजस्व उप निरीक्षक करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश की भांति प्रशासनिक व्यय एवं इंसेंटिव के लिए 18 रुपये प्रति खाता व लाभार्थी लेखपालों को भुगतान मिलने तक कार्य बहिष्कार करते रहेंगे।
इस मौके पर सौम्या तिवारी, दीपाली अग्रवाल, शिल्पी शुक्ला, संतोष कुमार यादव, अर्जुन पटेल, विक्रम सिंह, राजमनि शुक्ला, रामकरन गुप्ता, प्रदीप चौधरी, ध्रुव कुमार, धर्मेशदत्त गुप्ता, कृष्ण चंद्र मिश्रा, जगतराम शुक्ला, दिनेश वर्मा आदि मौजूद रहे।