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संतुलित आहार की कमी से होता कुपोषण

Thu, 13 Feb 2020 11:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Feb 2020 11:42 PM IST
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Lack of balanced diet leads to malnutrition
इकौना तहसील में आयोजित गोदभराई कार्यक्रम में मौजूद एसडीएम व अन्य। - फोटो : SRAWASTI
कटरा (श्रावस्ती)। इकौना तहसील के ग्राम विशुनापुर में गुरुवार को गोदभराई कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान मुख्य रूप से उपजिलाधिकारी इकौना मौजूद रहे। उनके नेतृत्व में गर्भवती की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। इस दौरान एसडीएम ने कुपोषित बच्चों को फल भी वितरित किया। उन्होंने कह कि संतुलित आहार की कमी से ही कुपोषण होता है।
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कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी राजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि शरीर के लिए आवश्यक संतुलित आहार लंबे समय तक नहीं मिलना ही कुपोषण है। कुपोषण के कारण बच्चों व महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इससे वह आसानी से कई तरह की बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। कुपोषण की जानकारी होना जरूरी है। कुपोषण प्राय: पर्याप्त संतुलित आहार के अभाव में होता है। बच्चों और स्त्रियों के अधिकांश रोगों की जड़ में कुपोषण ही होता है।
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स्त्रियों में रक्त अल्पता या घेंघा रोग अथवा बच्चों में सूखा रोग व रतौंधी यहां तक कि अंधत्व भी कुपोषण के ही दुष्परिणाम हैं। इसके अलावा ऐसे पचासों रोग हैं जिनका कारण अपर्याप्त या असंतुलित भोजन होता है। यदि मानव शरीर को संतुलित आहार के जरूरी तत्व लंबे समय तक न मिले तो उसके लक्षण दिखते हैं। जिनसे कुपोषण का पता चल जाता है।
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शरीर की वृद्धि रुकना, मांस पेशियों का ढीला होना अथवा सिकुड़ जाना। पीले रंग की त्वचा, कार्य करने पर शीघ्र थकान आना, मन में उत्साह का अभाव, चिड़चिड़ापन तथा घबराहट होना, बाल रुखे और चमक रहित होना, चेहरा कांतिहीन, आंखें धंसी हुई तथा उनके चारों ओर काला वृत्त बनाना, शरीर का वजन कम होना तथा कमजोरी, नींद तथा पाचन क्रिया का गड़बड़ होना, हाथ पैर पतले और पेट बढ़ा होना या शरीर में सूजन आना इसके प्रमुख लक्षण है। ऐसे लोगों को तत्काल चिकित्सक को दिखाना चाहिए।

वह पोषक तत्वों की कमी का पता लगाकर आवश्यक दवाइयां और खाने में सुधार के बारे में बतलाएगा। विकसित राष्ट्रों की अपेक्षा विकासशील देशों में कुपोषण की समस्या विकराल है। इसका प्रमुख कारण गरीबी है। धनाभाव में गरीब लोग पर्याप्त पौष्टिक चीजें जैसे दूध, फल, घी इत्यादि नहीं खरीद पाते। कार्यक्रम में गर्भवती की गोदभराई व बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। इस मौके पर ग्राम प्रधान व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
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