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मीडिया संस्थानों पर छापे के विरोध में उतरे पत्रकार, सौंपा ज्ञापन
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श्रावस्ती। सरकार के इशारों पर विगत दिनों मीडिया संस्थानों पर हुए ताबड़तोड़ मारे गए छापे को लेकर जिले के पत्रकारों में गहरा आक्रोश है। आक्रोशित पत्रकारों ने सोमवार को राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
जिलाधिकारी टीके शिबु को सौंपे ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा है कि सरकार को मीडिया के प्रति अपने रवैये में सुधार लाना होगा। अन्यथा की स्थिति में आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। संविधान में मीडिया संस्थानों को चौथे स्तंभ का दर्जा दिया गया है। परंतु मीडिया संस्थानों की निष्पक्ष एवं सच्ची खबरों के लिए लगातार सरकार द्वारा सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करके दबाया जा रहा है।
अभी हाल में ही सरकार द्वारा सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करते हुए मीडिया संस्थान पर आईटी के माध्यम से छापा मारने की कार्रवाई की ई। जो लगातार 36 घंटे तक चलती रही। जिसका जिले के पत्रकार कड़ी निंदा करते हैं। सरकार द्वारा मीडिया के आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है, जो सरासर गलत है। अगर सरकार मीडिया के प्रति अपने रवैये में सुधार नहीं लाती है तो हम लोग आरपार की लड़ाई को बाध्य होंगे। इस मौके पर काफी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। (संवाद)
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जिलाधिकारी टीके शिबु को सौंपे ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा है कि सरकार को मीडिया के प्रति अपने रवैये में सुधार लाना होगा। अन्यथा की स्थिति में आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। संविधान में मीडिया संस्थानों को चौथे स्तंभ का दर्जा दिया गया है। परंतु मीडिया संस्थानों की निष्पक्ष एवं सच्ची खबरों के लिए लगातार सरकार द्वारा सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करके दबाया जा रहा है।
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अभी हाल में ही सरकार द्वारा सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करते हुए मीडिया संस्थान पर आईटी के माध्यम से छापा मारने की कार्रवाई की ई। जो लगातार 36 घंटे तक चलती रही। जिसका जिले के पत्रकार कड़ी निंदा करते हैं। सरकार द्वारा मीडिया के आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है, जो सरासर गलत है। अगर सरकार मीडिया के प्रति अपने रवैये में सुधार नहीं लाती है तो हम लोग आरपार की लड़ाई को बाध्य होंगे। इस मौके पर काफी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। (संवाद)
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