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गर्भवती के बैंक खाते का आधार से लिंक होना जरूरी
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श्रावस्ती। पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल व उचित पोषण प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के तहत धनराशि सीधे गर्भवती/ धात्री के बैंक खाते में भेजी जाती है। इस योजना के तहत गर्भवती को तीन किश्तों में पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। एसीएमओ और योजना के नोडल अफसर डॉ. उदयनाथ ने बताया कि इस योजना का लाभ पाने के लिए जरूरी है कि बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए। वर्तमान में कई राष्ट्रीयकृत बैंकों का एक दूसरे में विलय हो गया है। जिसके कारण लाभार्थियों का खाता आधार से लिंक नहीं हो पा रहा है। इस कारण जिले की करीब 1650 गर्भवती महिलाओं के खाते में पैसा भेजने में दिक्कत आ रही है।
ऐसी महिला लाभार्थी जो योजना के लाभ से वंचित हैं, वह शीघ्र ही अपने बैंक की शाखा पर जाकर अपने बैंक खाते से अपने आधार को लिंक कराएं। इस योजना का लाभ प्राप्त करें। यदि लाभार्थी को इसमें कोई दिक्कत आ रही है तो सीएमओ कार्यालय के पीएमएमवीवाई सेल के कक्ष में योजना के जिला समन्वयक से अथवा नजदीक के सीएचसी या फिर स्टेट हेल्पलाइन नम्बर 7998799804 पर संपर्क कर सकती हैं। योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक मनीष शुक्ला ने बताया कि पहली बार गर्भवती होने वाली हर महिला को विभाग द्वारा इस योजना के तहत पंजीकृत करने का प्रयास किया जा रहा है।
योजना का आवेदन फार्म भरने के लिए घर बैठे स्वयं आवेदन किया जा सकता है। वह चाहे तो क्षेत्रीय आशा या एएनएम से मदद ले सकती है। प्रसव चाहे सरकारी स्वास्थ्य इकाई में हुआ हो या निजी लाभ सभी को मिलता है। बशर्ते पंजीकरण सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर ही होना चाहिए। पंजीकरण के लिए गर्भवती व पति का आधार कार्ड, गर्भवती की बैंक पासबुक की फोटो कॉपी, मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड (एमसीपी कार्ड) जरूरी है। गर्भवती का बैंक खाता संयुक्त नहीं होना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए राज्य स्तर से जारी की गई हेल्पलाइन नम्बर 7998799804 पर कॉल कर प्राप्त की जा सकती है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पूरी तरह से निशुल्क है।
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अब तक जिले में करीब 24500 महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है। मालूम रहे कि केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना एक जनवरी 2017 में शुरू की गयी। इस योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने पर पोषण के लिए पांच हजार रुपये तीन किश्तों में गर्भवती के खाते में दिए जाते हैं। पहली किश्त 1000 रुपये की गर्भधारण के 150 दिनों के अंदर पंजीकरण कराने पर, दूसरी किश्त में 2000 रुपये 180 दिनों के अंदर व 2000 रूपये की तीसरी किश्त प्रसव पश्चात तथा शिशु के प्रथम टीकाकरण चक्र के पूरा होने पर मिलते हैं।
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ऐसी महिला लाभार्थी जो योजना के लाभ से वंचित हैं, वह शीघ्र ही अपने बैंक की शाखा पर जाकर अपने बैंक खाते से अपने आधार को लिंक कराएं। इस योजना का लाभ प्राप्त करें। यदि लाभार्थी को इसमें कोई दिक्कत आ रही है तो सीएमओ कार्यालय के पीएमएमवीवाई सेल के कक्ष में योजना के जिला समन्वयक से अथवा नजदीक के सीएचसी या फिर स्टेट हेल्पलाइन नम्बर 7998799804 पर संपर्क कर सकती हैं। योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक मनीष शुक्ला ने बताया कि पहली बार गर्भवती होने वाली हर महिला को विभाग द्वारा इस योजना के तहत पंजीकृत करने का प्रयास किया जा रहा है।
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योजना का आवेदन फार्म भरने के लिए घर बैठे स्वयं आवेदन किया जा सकता है। वह चाहे तो क्षेत्रीय आशा या एएनएम से मदद ले सकती है। प्रसव चाहे सरकारी स्वास्थ्य इकाई में हुआ हो या निजी लाभ सभी को मिलता है। बशर्ते पंजीकरण सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर ही होना चाहिए। पंजीकरण के लिए गर्भवती व पति का आधार कार्ड, गर्भवती की बैंक पासबुक की फोटो कॉपी, मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड (एमसीपी कार्ड) जरूरी है। गर्भवती का बैंक खाता संयुक्त नहीं होना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए राज्य स्तर से जारी की गई हेल्पलाइन नम्बर 7998799804 पर कॉल कर प्राप्त की जा सकती है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पूरी तरह से निशुल्क है।
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अब तक जिले में करीब 24500 महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है। मालूम रहे कि केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना एक जनवरी 2017 में शुरू की गयी। इस योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने पर पोषण के लिए पांच हजार रुपये तीन किश्तों में गर्भवती के खाते में दिए जाते हैं। पहली किश्त 1000 रुपये की गर्भधारण के 150 दिनों के अंदर पंजीकरण कराने पर, दूसरी किश्त में 2000 रुपये 180 दिनों के अंदर व 2000 रूपये की तीसरी किश्त प्रसव पश्चात तथा शिशु के प्रथम टीकाकरण चक्र के पूरा होने पर मिलते हैं।