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Shravasti News: तरस रहे भारतीय किसान, नेपाल में किराना की दुकानों पर बेची जा रही यूरिया
Tue, 09 Sep 2025 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:39 AM IST
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नेपाल के बेताहनी चौक पर दुकान के बाहर रखी भारतीय खाद की बोरी। - संवाद
श्रावस्ती। तराई के किसान जहां एक बोरी यूरिया के लिए 10-10 घंटे लाइन लगाकर धक्के खा रहे हैं, तो वहीं पड़ोसी देश नेपाल में किराना की दुकानों पर भारतीय खाद बेची जा रही है। भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय खाद तस्कर मुनाफाखोरी के लिए भारतीय किसानों के हिस्से की अनुदानित खाद धड़ल्ले से नेपाल में बेच रहे हैं और जिम्मेदार इस पर अंकुश लगाने में विफल नजर आ रहे हैं।
नेपाल के पड़ोसी जिला श्रावस्ती व बहराइच से यूरिया की तस्करी किस कदर की जा रही है, इसका उदाहरण सोमवार को नेपाल के बेताहनी चौक पर देखने को मिला। वहां किराना की दुकानों पर जगह-जगह भारतीय खाद की बोरियां रखी दिखीं।
बोरियों के पास ही माप-तौल यंत्र भी रखा मिला। जानकारी करने पर पता चला कि खाद नेपाली किसानों को फुटकर में दो से पांच किलो तौल कर दी जाती है। नेपाल के बेतहानी चौक पर रखी मिलीं भारतीय खाद की बोरियों पर भारत सरकार द्वारा सब्सिडी युक्त होना साफ-साफ लिखा पाया गया।
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नेपाल पहुंचते ही 1600 रुपये की हो जाती है 267 की बोरी
यूरिया की नेपाल में तस्करी कर शातिर मालामाल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों से जानकारी करने पर पता चला कि नेपाल में एक बोरी भारतीय यूरिया की कीमत 1600 रुपये है, फुटकर में बेचकर और मुनाफा कमाया जा रहा है। लोगों ने बताया कि तस्कर भारतीय क्षेत्र से 400 से 500 रुपये में एक बोरी यूरिया खरीदते हैं और उसे नेपाल में 1000 रुपये तक में बेच देते हैं। वहीं, नेपाल के स्थानीय दुकानदार इसे 1500 से 1600 रुपये में बेचते हैं।
गुलहरिया क्षेत्र से नेपाल के बेताहनी पहुंच रही यूरिया
नेपाल के बेताहनी चौक की बहराइच के नवाबगंज विकासखंड के गंगापुर गुलहरिया से दूरी मात्र तीन किलोमीटर है। ऐसे में तस्कर श्रावस्ती व बहराइच से खाद खरीदने के बाद इसे गंगापुर गुलहरिया के रास्ते नेपाल पहुंचा रहे हैं। दूरी कम होने के चलते इन्हें आने-जाने में आसानी रहती है और धरपकड़ का भी खतरा कम रहता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक तस्कर खाद दिन में खरीद कर रख देते हैं और रात के अंधेरे में नेपाल पहुंचा देते हैं।
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नेपाल के पड़ोसी जिला श्रावस्ती व बहराइच से यूरिया की तस्करी किस कदर की जा रही है, इसका उदाहरण सोमवार को नेपाल के बेताहनी चौक पर देखने को मिला। वहां किराना की दुकानों पर जगह-जगह भारतीय खाद की बोरियां रखी दिखीं।
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बोरियों के पास ही माप-तौल यंत्र भी रखा मिला। जानकारी करने पर पता चला कि खाद नेपाली किसानों को फुटकर में दो से पांच किलो तौल कर दी जाती है। नेपाल के बेतहानी चौक पर रखी मिलीं भारतीय खाद की बोरियों पर भारत सरकार द्वारा सब्सिडी युक्त होना साफ-साफ लिखा पाया गया।
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नेपाल पहुंचते ही 1600 रुपये की हो जाती है 267 की बोरी
यूरिया की नेपाल में तस्करी कर शातिर मालामाल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों से जानकारी करने पर पता चला कि नेपाल में एक बोरी भारतीय यूरिया की कीमत 1600 रुपये है, फुटकर में बेचकर और मुनाफा कमाया जा रहा है। लोगों ने बताया कि तस्कर भारतीय क्षेत्र से 400 से 500 रुपये में एक बोरी यूरिया खरीदते हैं और उसे नेपाल में 1000 रुपये तक में बेच देते हैं। वहीं, नेपाल के स्थानीय दुकानदार इसे 1500 से 1600 रुपये में बेचते हैं।
गुलहरिया क्षेत्र से नेपाल के बेताहनी पहुंच रही यूरिया
नेपाल के बेताहनी चौक की बहराइच के नवाबगंज विकासखंड के गंगापुर गुलहरिया से दूरी मात्र तीन किलोमीटर है। ऐसे में तस्कर श्रावस्ती व बहराइच से खाद खरीदने के बाद इसे गंगापुर गुलहरिया के रास्ते नेपाल पहुंचा रहे हैं। दूरी कम होने के चलते इन्हें आने-जाने में आसानी रहती है और धरपकड़ का भी खतरा कम रहता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक तस्कर खाद दिन में खरीद कर रख देते हैं और रात के अंधेरे में नेपाल पहुंचा देते हैं।