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सिसवारा घाट पर पुल नहीं तो वोट नहीं
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गिलौला के सिसवारा घाट पर प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : SRAWASTI
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गिलौला (श्रावस्ती)। जिले की जीवन दायिनी राप्ती नदी प्रत्येक चुनाव के दौरान किसी न किसी रूप में मुख्य चुनावी मुद्दा बनती रही है। इस बार भी विधानसभा चुनाव के दौरान राप्ती नदी कछार वासियों की मांगों का मुख्य केंद्र होगी। इस बार नदी के सिसवारा घाट पर पुल निर्माण न होना चुनाव का मुद्दा बना है। जहां क्षेत्रवासियों ने पुल निर्माण न होने से चुनाव बहिष्कार करने की घोषणा की है।
श्रावस्ती विधानसभा क्षेत्र के राप्ती नदी स्थित सिसवारा घाट पर पुल निर्माण न होने से कछार वासियों को जहां बरसात के दिनों में आने में असुविधा होती है। वहीं शेष दिनों में लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। कई बार ऐसा भी हुआ जब नाव पलटने से कई लोगों की जान भी चली गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों ने सिसवारा घाट पर पुल निर्माण कराने का दावा किया। इतना ही नहीं विगत चुनाव में सत्ता व विपक्ष के नेताओं व प्रत्याशियों ने भी चुनाव बाद पुल निर्माण का वादा किया। लेकिन यह वादा चुनावी ही रहा। इससे नाराज कछार वासियों में इस बार विधानसभा चुनाव बहिष्कार की घोषणा किया है।
उनकी मांग है कि यदि इस बार पुल निर्माण कराने की गारंटी न दी गई तो वह विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। क्योंकि राप्ती नदी के सिसवारा घाट पर पुल निर्माण न होने से मुख्यालय भिनगा पहुंचने के लिए लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। यह मार्ग गिलौला को भिनगा मुख्यालय से सीधा जोड़ता है। इस मार्ग से भिनगा की दूरी मात्र 15 किलोमीटर है। जहां जाने के लिए लोगों को या तो नाव का सहारा लेना पड़ता है या फिर लक्ष्मन नगर होकर जाना पड़ता है। जिसकी दूरी करीब 40 किलोमीटर पड़ती है।
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चुनाव बहिष्कार की घोषणा करने वालों में भिखारीपुर मसढ़ी, कोटमुबारकपुर, मोहमदापुर, एकघरवा, सुविखा, मनसुखा, मनिकौरा, हसनाभारी, रायपुरप्यारे, पिपरा गोसाईं, भुतहा, बसभरिया पुरैना, रघुनाथपुर, पुरुषोत्तमपुर, सिसवारा, नकछेद पुरवा, मैदाचक, चंद्रावां, रानीपुरकाजी व रेड़गवा गांव के लोग शामिल हैं।
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श्रावस्ती विधानसभा क्षेत्र के राप्ती नदी स्थित सिसवारा घाट पर पुल निर्माण न होने से कछार वासियों को जहां बरसात के दिनों में आने में असुविधा होती है। वहीं शेष दिनों में लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। कई बार ऐसा भी हुआ जब नाव पलटने से कई लोगों की जान भी चली गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों ने सिसवारा घाट पर पुल निर्माण कराने का दावा किया। इतना ही नहीं विगत चुनाव में सत्ता व विपक्ष के नेताओं व प्रत्याशियों ने भी चुनाव बाद पुल निर्माण का वादा किया। लेकिन यह वादा चुनावी ही रहा। इससे नाराज कछार वासियों में इस बार विधानसभा चुनाव बहिष्कार की घोषणा किया है।
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उनकी मांग है कि यदि इस बार पुल निर्माण कराने की गारंटी न दी गई तो वह विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। क्योंकि राप्ती नदी के सिसवारा घाट पर पुल निर्माण न होने से मुख्यालय भिनगा पहुंचने के लिए लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। यह मार्ग गिलौला को भिनगा मुख्यालय से सीधा जोड़ता है। इस मार्ग से भिनगा की दूरी मात्र 15 किलोमीटर है। जहां जाने के लिए लोगों को या तो नाव का सहारा लेना पड़ता है या फिर लक्ष्मन नगर होकर जाना पड़ता है। जिसकी दूरी करीब 40 किलोमीटर पड़ती है।
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चुनाव बहिष्कार की घोषणा करने वालों में भिखारीपुर मसढ़ी, कोटमुबारकपुर, मोहमदापुर, एकघरवा, सुविखा, मनसुखा, मनिकौरा, हसनाभारी, रायपुरप्यारे, पिपरा गोसाईं, भुतहा, बसभरिया पुरैना, रघुनाथपुर, पुरुषोत्तमपुर, सिसवारा, नकछेद पुरवा, मैदाचक, चंद्रावां, रानीपुरकाजी व रेड़गवा गांव के लोग शामिल हैं।