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UP: 31 साल से पुलिस में कर रहा था नौकरी, असल में निकला फ्रॉड: खुलासा हुआ तो सन्न रह गए अफसर... भेजा गया जेल

Thu, 20 Mar 2025 02:19 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, श्रावस्ती
अमर उजाला नेटवर्क, श्रावस्ती Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Thu, 20 Mar 2025 02:19 PM IST
सार

जालसाज भवनाथ यादव 31 साल से पुलिस विभाग में नौकरी कर रहा था। वह सिपाही के पद पर चयनित हुआ था। वर्तमान में मुख्य आरक्षी के पद पर काम कर रहा था। लेकिन, असल में यह फ्रॉड निकला। एक शिकायत के आधार पर जांच हुई तो खुलासा हुआ कि इसने फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी हासिल की थी। 

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head constable dismissed and sent to jail who working with help of fake records in Shravasti
anuj crime - फोटो : iStock

विस्तार

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी कर रहे सिपाही को बर्खास्त किया गया है। उसे जेल भेज दिया गया है। अब उससे वेतन के रिकवरी की तैयारी है। जिले में इससे पहले शिक्षा विभाग में फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। अब पुलिस विभाग में ऐसा मामला सामने आने से भर्ती की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 

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मामला सोनवा थाने का है। मूल रूप से गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र के रसूलपुर नंबर-दो के मजरा राघव पट्टी पंडरी गांव निवासी देवव्रत यादव पुत्र संगम यादव ने एसपी से मिलकर एक शिकायती पत्र दिया। इसमें कहा कि सोनवा थाने में तैनात मुख्य आरक्षी भवनाथ यादव जालसाज है। वह कूटरचित दस्तावेज के सहारे वर्ष 1994 में आरक्षी के पद पर भर्ती हुआ था। मौजूदा समय में मुख्य आरक्षी है। 

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शिकायत के आधार पर एसपी घनश्याम चौरसिया ने मुख्य आरक्षी भवनाथ यादव (पीएनओ नंबर 942310234) के अभिलेखों का सत्यापन कराया। भवनाथ ने पुलिस भर्ती में जो शैक्षिक अभिलेख लगाए थे। उसमें हाईस्कूल का अनुक्रमांक 0709559, प्रमाण पत्र संख्या 0323676, वर्ष 1989 तथा इंटरमीडिएट अनुक्रमांक 395726, प्रमाण पत्र संख्या 001203435, वर्ष 1992 उत्तीर्ण होना दर्शाया गया था। 

जांच में अभिलेख मिले फर्जी

जांच में माध्यमिक शिक्षा परिषद परिक्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी से प्राप्त आख्या के अनुसार इन शैक्षिक अनुक्रमांकों की पुष्टि नहीं हुई। इसके अलावा जालसाज मुख्य आरक्षी भवनाथ ने वर्ष 1992 में सतासी इंटरमीडिएट कॉलेज, रुद्रपुर, देवरिया से कक्षा 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण दिखाया था। स्कूल में इस नाम का कोई छात्र में रजिस्टर्ड या क्लास लिस्ट में अंकित नहीं मिला। जांच में पाया गया कि भवनाथ ने फर्जी उम्र व शैक्षिक अभिलेख के सहारे नौकरी हासिल की। इसके विरुद्ध थानाध्यक्ष सोनवा गणनाथ प्रसाद की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। 

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वेतन आदि की नियमानुसार वसूली कराई जाएगी-एसपी

एसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि मुख्य आरक्षी भवनाथ यादव के विरुद्ध शिकायत मिली थी। इस पर एएसपी प्रवीण कुमार यादव से प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में शिकायत सही पाई गई। उसे बर्खास्त करके जेल भेजा गया है। उसे अब तक मिले वेतन आदि की नियमानुसार वसूली कराई जाएगी।    

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