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काटे जा रहे हरे आम के पेड़
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कुछ इस तरह काटे जा रहे बौर लगे आम के पेड़।
- फोटो : SRAWASTI
तुलसीपुर (श्रावस्ती)। माघ मास के साथ ही आम के पेड़ों में बौर के लिए कूचे आने लगते हैं। इसके बावजूद मल्हीपुर व सोनवा थाना क्षेत्र में हरे आम के पेड़ों की कटान जारी है। पुलिस व वन कर्मियों की मिलीभगत से इस कार्य में लगे लोग बौर लगे पेड़ों को भी काट कर उठा रहे हैं।
माघ मास चल रहा है। ऐसे में हरे आम के पेड़ों में बौर के लिए कूचे आने लगे हैं। बसंत पंचमी तक यह कूचे बौर का रूप ले लेंगे। इसके बावजूद हरदत्त नगर गिरंट वन क्षेत्र में हरे आम के पेड़ों की कटान का सिलसिला जारी है। पुलिस व वन कर्मियों की मिलीभगत से लकड़ी माफिया बौर लगे आम के पेड़ों को काटने से परहेज नहीं कर रहे हैं।
यह लोग बगैर परमिट इन पेड़ों को धड़ल्ले से काट रहे हैं। ऐसा ही कुछ सोमवार को वन क्षेत्र हरदत्त नगर गिरंट के जयपत्तर पुरवा में बदला चौराहा नानपारा मुख्य मार्ग के किनारे देखने को मिला। जहां निशार अहमद की भूमि में लगे आम के पेड़ में बौर आना शुरू हो गया है। इसके बावजूद इन पेड़ों को काटा जा रहा है।
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इस संबंध में जब वन दरोगा राम मनोहर से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि यहां 12 पेड़ काटने की अनुमति है। परमिट जारी होने में देरी के कारण यह पेड़ समय से नहीं कट सके। जिन्हें अब काटा जा रहा है। वहीं इस संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी एपी यादव बताते हैं कि हमें इसकी जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी।
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माघ मास चल रहा है। ऐसे में हरे आम के पेड़ों में बौर के लिए कूचे आने लगे हैं। बसंत पंचमी तक यह कूचे बौर का रूप ले लेंगे। इसके बावजूद हरदत्त नगर गिरंट वन क्षेत्र में हरे आम के पेड़ों की कटान का सिलसिला जारी है। पुलिस व वन कर्मियों की मिलीभगत से लकड़ी माफिया बौर लगे आम के पेड़ों को काटने से परहेज नहीं कर रहे हैं।
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यह लोग बगैर परमिट इन पेड़ों को धड़ल्ले से काट रहे हैं। ऐसा ही कुछ सोमवार को वन क्षेत्र हरदत्त नगर गिरंट के जयपत्तर पुरवा में बदला चौराहा नानपारा मुख्य मार्ग के किनारे देखने को मिला। जहां निशार अहमद की भूमि में लगे आम के पेड़ में बौर आना शुरू हो गया है। इसके बावजूद इन पेड़ों को काटा जा रहा है।
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इस संबंध में जब वन दरोगा राम मनोहर से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि यहां 12 पेड़ काटने की अनुमति है। परमिट जारी होने में देरी के कारण यह पेड़ समय से नहीं कट सके। जिन्हें अब काटा जा रहा है। वहीं इस संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी एपी यादव बताते हैं कि हमें इसकी जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी।