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चुनावी वैतरणी पार करने के लिए होने लगी गणेश परिक्रमा
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श्रावस्ती। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की वैतरणी पार करने के लिए इस बार सोशल मीडिया का पुरजोर तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। यही नहीं सोशल मीडिया पर चल रहे पोस्टर वार में जिले में स्थापित नेताओं के चित्र भी लगाए जा रहे हैं। ताकि उनकी साख का कुछ लाभ उन्हें मिल सके। वहीं दूसरी ओर अभी जहां जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव भी प्रारंभ नहीं हुआ है। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए दांव पेच शुरू हो गया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव इस बार हाईटेक होने की उम्मीद अभी से जताई जा रही है। पहली बार किसी पंचायत चुनाव में सोशल मीडिया का भरपूर उपयोग जिले में किया जा रहा है। यही उपयोग कुछ स्थानों पर दुरुपयोग के रूप में भी देखने को मिल रहा है। इसका कारण है कि सोशल मीडिया पर पक्ष विपक्ष में पोस्टर वार भी शुरू हो गया है। यह पोस्टर वार किसी एक पद के लिए न होकर बल्कि प्रधान, बीडीसी व डीडीसी तीनों में समान रूप से देखा जा रहा है।
कुछ लोगों ने तो ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए भी पोस्टर वार शुरू कर दिया है। इस पोस्टर वार में दूसरा सबसे चौंकाने वाला तथ्य भी देखने को मिला। जहां लोग जिले के दलीय रूप से स्थापित नेताओं का चित्र अपने साथ लगाकर प्रशासनिक व स्थानीय स्तर पर उसका लाभ लेने की जुगत लगा रहे हैं। यह बात और है कि जिले में किसी भी राजनैतिक दल ने अभी तक किसी भी वर्ग के प्रत्याशियों को अपना समर्थन नहीं दिया है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर छिड़े वार में नेताओं के चेहरे साफ तौर पर देखे जा रहे हैं।
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जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए इकौना में सरगर्मी तेज
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी इस बार जिले में सामान्य वर्ग के लिए है। इसीलिए अभी से इस कुर्सी को लेकर दांव पेंच शुरू हो गया है। यह बात और है कि जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनावी प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हुई है। इस सरगर्मी का केंद्र इकौना बना हुआ है। जहां प्रतिनिधियों की चौखट पर दिन भर जिला पंचायत सदस्य के सामान्य सीटों के संभावित प्रत्याशी व विजेता चक्कर काट रहे हैं। जबकि बताया यह भी जा रहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दौड़ में कुछ जनप्रतिनिधि भी अपने परिजनों व विश्वासपात्र लोगों को बैठाने के लिए शतरंज की चालें चल रहे हैं।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव इस बार हाईटेक होने की उम्मीद अभी से जताई जा रही है। पहली बार किसी पंचायत चुनाव में सोशल मीडिया का भरपूर उपयोग जिले में किया जा रहा है। यही उपयोग कुछ स्थानों पर दुरुपयोग के रूप में भी देखने को मिल रहा है। इसका कारण है कि सोशल मीडिया पर पक्ष विपक्ष में पोस्टर वार भी शुरू हो गया है। यह पोस्टर वार किसी एक पद के लिए न होकर बल्कि प्रधान, बीडीसी व डीडीसी तीनों में समान रूप से देखा जा रहा है।
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कुछ लोगों ने तो ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए भी पोस्टर वार शुरू कर दिया है। इस पोस्टर वार में दूसरा सबसे चौंकाने वाला तथ्य भी देखने को मिला। जहां लोग जिले के दलीय रूप से स्थापित नेताओं का चित्र अपने साथ लगाकर प्रशासनिक व स्थानीय स्तर पर उसका लाभ लेने की जुगत लगा रहे हैं। यह बात और है कि जिले में किसी भी राजनैतिक दल ने अभी तक किसी भी वर्ग के प्रत्याशियों को अपना समर्थन नहीं दिया है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर छिड़े वार में नेताओं के चेहरे साफ तौर पर देखे जा रहे हैं।
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जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए इकौना में सरगर्मी तेज
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी इस बार जिले में सामान्य वर्ग के लिए है। इसीलिए अभी से इस कुर्सी को लेकर दांव पेंच शुरू हो गया है। यह बात और है कि जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनावी प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हुई है। इस सरगर्मी का केंद्र इकौना बना हुआ है। जहां प्रतिनिधियों की चौखट पर दिन भर जिला पंचायत सदस्य के सामान्य सीटों के संभावित प्रत्याशी व विजेता चक्कर काट रहे हैं। जबकि बताया यह भी जा रहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दौड़ में कुछ जनप्रतिनिधि भी अपने परिजनों व विश्वासपात्र लोगों को बैठाने के लिए शतरंज की चालें चल रहे हैं।