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74 लाख रुपये पर कुंडली मारे बैठे पूर्व व मौजूदा प्रधान
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श्रावस्ती। विकास कार्य में गबन के पैसे पर मौजूदा व पूर्व प्रधान कुंडली मारे बैठे हैं। इस तरह का पैसा करीब 74 लाख रुपये है। जिस पर डीएम की ओर से आरसी जारी की जा चुकी है। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी इन पैसों की रिकवरी नहीं हुई। गबन किए गए पैसों में एमडीएम, विकास कार्य व आवास योजना का पैसा शामिल है।
गांवों के विकास का जिम्मा ग्राम पंचायतों के पास है। लेकिन ग्राम पंचायत के चुने हुए नुमाइंदे विकास कार्यों के धन का बंदरबांट कर रहे हैं। इसका खुलासा जिले व अन्य स्तरों से हुई जांच में कई बार हुआ। जांच के बाद गबन किए गए पैसे की वसूली के लिए विभागों के पत्र पर डीएम ने आरसी जारी किया। यह आरसी तहसीलों में पहुंच गई। लेकिन इस पर महीनों बाद भी रिकवरी नहीं हुई।
इस तरह के पूरे जिले में सैकड़ों मामले हैं। जिन पर आरसी जारी है। और इन आरसी के माध्यम से करीब 74 लाख रुपये तहसीलों को वसूल करके विभाग को वापस करना है। ऐसा ही मामला जमुनहा तहसील के ग्राम पंचायत नीबाभारी का भी है। यहां करीब 14 महीने पहले हुई जांच में पूर्व प्रधान पर दो लाख सत्तर रुपये गबन का दोष सिद्ध हुआ था।
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इसकी वसूली के लिए डीएम ने आरसी जारी करने का निर्देश दिया था। लेकिन अभी तक आरसी तहसीलों के रजिस्टर में दर्ज मात्र है। जबकि इसी मामले में ग्राम सचिव को भी आरोपित कर उससे भी दो लाख सत्तर रुपये की रिकवरी की आरसी जारी हुई थी। जिसे ग्राम सचिव ने जमा कर दिया। ऐसे पांच मामले केवल जमुनहा विकासखंड में ही हैं। जिन पर रिकवरी के लिए डीपीआरओ ने डीएम के माध्यम से आरसी जारी कराई थी। इस आरसी पर तहसील को 4,41,140 रुपये वसूलने थे। इसके सापेक्ष मात्र 10 हजार रुपये की वसूली आज तक हो पाई।
इतने रुपये की होनी है वसूली
तहसील मद आरसी रुपये वसूल हुआ
भिनगा एमडीएम 19 1442944 82770
भिनगा पीएम आवास 15 900000 8289
इकौना इंदिरा आवास 31 3145000 00
इकौना एमडीएम 32 155200 55000
इकौना पीएम आवास 3 260000 00
जमुनहा विकास कार्य 5 441140 10000
जमुनहा एमडीएम 33 1459309 145351
वसूली न होने का कारण
जानकारों की माने तो इसमें से अधिकांश पैसे की रिकवरी मौजूदा व पूर्व प्रधानों पर है। सभी प्रधानों को कहीं न कहीं से संरक्षण मिला हुआ है। जिसके चलते वसूली प्रभावित होती है। वहीं विभाग नियत पद के सापेक्ष कम कर्मचारियों के होने के कारण वसूली प्रभावित होने की बात कहता है। जिले में संग्रह अमीन के कुल 46 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष मात्र पंद्रह कार्यरत हैं। जबकि अमीन के सहायक के 48 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष 19 ही कार्यरत हैं।
वसूली की समीक्षा जिले स्तर पर की जाती है। प्रतिमाह वसूली का लक्ष्य भी निर्धारित है। जहां तक ग्राम पंचायतों के पैसे की वसूली का मामला है तो इस पर विशेष ध्यान देकर वसूली पूरी करने का निर्देश तहसीलों को दिया गया है।
-योगानंद पांडे, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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गांवों के विकास का जिम्मा ग्राम पंचायतों के पास है। लेकिन ग्राम पंचायत के चुने हुए नुमाइंदे विकास कार्यों के धन का बंदरबांट कर रहे हैं। इसका खुलासा जिले व अन्य स्तरों से हुई जांच में कई बार हुआ। जांच के बाद गबन किए गए पैसे की वसूली के लिए विभागों के पत्र पर डीएम ने आरसी जारी किया। यह आरसी तहसीलों में पहुंच गई। लेकिन इस पर महीनों बाद भी रिकवरी नहीं हुई।
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इस तरह के पूरे जिले में सैकड़ों मामले हैं। जिन पर आरसी जारी है। और इन आरसी के माध्यम से करीब 74 लाख रुपये तहसीलों को वसूल करके विभाग को वापस करना है। ऐसा ही मामला जमुनहा तहसील के ग्राम पंचायत नीबाभारी का भी है। यहां करीब 14 महीने पहले हुई जांच में पूर्व प्रधान पर दो लाख सत्तर रुपये गबन का दोष सिद्ध हुआ था।
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इसकी वसूली के लिए डीएम ने आरसी जारी करने का निर्देश दिया था। लेकिन अभी तक आरसी तहसीलों के रजिस्टर में दर्ज मात्र है। जबकि इसी मामले में ग्राम सचिव को भी आरोपित कर उससे भी दो लाख सत्तर रुपये की रिकवरी की आरसी जारी हुई थी। जिसे ग्राम सचिव ने जमा कर दिया। ऐसे पांच मामले केवल जमुनहा विकासखंड में ही हैं। जिन पर रिकवरी के लिए डीपीआरओ ने डीएम के माध्यम से आरसी जारी कराई थी। इस आरसी पर तहसील को 4,41,140 रुपये वसूलने थे। इसके सापेक्ष मात्र 10 हजार रुपये की वसूली आज तक हो पाई।
इतने रुपये की होनी है वसूली
तहसील मद आरसी रुपये वसूल हुआ
भिनगा एमडीएम 19 1442944 82770
भिनगा पीएम आवास 15 900000 8289
इकौना इंदिरा आवास 31 3145000 00
इकौना एमडीएम 32 155200 55000
इकौना पीएम आवास 3 260000 00
जमुनहा विकास कार्य 5 441140 10000
जमुनहा एमडीएम 33 1459309 145351
वसूली न होने का कारण
जानकारों की माने तो इसमें से अधिकांश पैसे की रिकवरी मौजूदा व पूर्व प्रधानों पर है। सभी प्रधानों को कहीं न कहीं से संरक्षण मिला हुआ है। जिसके चलते वसूली प्रभावित होती है। वहीं विभाग नियत पद के सापेक्ष कम कर्मचारियों के होने के कारण वसूली प्रभावित होने की बात कहता है। जिले में संग्रह अमीन के कुल 46 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष मात्र पंद्रह कार्यरत हैं। जबकि अमीन के सहायक के 48 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष 19 ही कार्यरत हैं।
वसूली की समीक्षा जिले स्तर पर की जाती है। प्रतिमाह वसूली का लक्ष्य भी निर्धारित है। जहां तक ग्राम पंचायतों के पैसे की वसूली का मामला है तो इस पर विशेष ध्यान देकर वसूली पूरी करने का निर्देश तहसीलों को दिया गया है।
-योगानंद पांडे, एडीएम वित्त एवं राजस्व