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Shravasti News: फाइलेरिया का प्रकोप विकलांगता बढ़ाने में मददगार
Fri, 14 Jul 2023 12:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 14 Jul 2023 12:36 AM IST
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कटरा (श्रावस्ती)। फाइलेरिया की रोकथाम से जुड़े कार्यक्रमों के बारे में प्रशिक्षित करने के लिए बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें शामिल आशा, आशा संगिनी व एएनएम को बताया गया कि फाइलेरिया दुनिया में विकलांगता व विरूपता बढ़ाने वाला सबसे बड़ा रोग है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि यह एक पैरासाइट बीमारी है जो कि धागे के समान दिखाई देने वाले निमेटोड कीड़े के शरीर में प्रवेश करने के कारण होती है। फाइलेरिया को फीलपांव के नाम से जाना जाता है। इस रोग में व्यक्ति का पांव हाथी के पांव की तरह हो जाता है।
उन्होंने बताया कि इस बीमारी को एक संक्रमण के रूप में देखा जाता है। निमेटोड कीड़े परजीवी मच्छरों की प्रजातियों और खून चूसने वाले कीटों के जरिए इंसान के शरीर में प्रवेश करते हैं। नगर स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अब्दुल हन्नान ने कहा कि दुनिया भर में फाइलेरिया मुख्य रूप से उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में अधिक पाया जाता है। बताया कि भारत सरकार का भारतीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय फाइलेरिया रोग से लड़ने वालों के लिए मुफ्त उपचार सुविधा प्रदान करता हैं। कार्यक्रम में डा. अनिल कुमार त्रिपाठी, वसीम अहमद सहित काफी संख्या में आशा, आशा संगिनी व एएनएम कार्यकता मौजूद रहे। संवाद
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उन्होंने बताया कि इस बीमारी को एक संक्रमण के रूप में देखा जाता है। निमेटोड कीड़े परजीवी मच्छरों की प्रजातियों और खून चूसने वाले कीटों के जरिए इंसान के शरीर में प्रवेश करते हैं। नगर स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अब्दुल हन्नान ने कहा कि दुनिया भर में फाइलेरिया मुख्य रूप से उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में अधिक पाया जाता है। बताया कि भारत सरकार का भारतीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय फाइलेरिया रोग से लड़ने वालों के लिए मुफ्त उपचार सुविधा प्रदान करता हैं। कार्यक्रम में डा. अनिल कुमार त्रिपाठी, वसीम अहमद सहित काफी संख्या में आशा, आशा संगिनी व एएनएम कार्यकता मौजूद रहे। संवाद
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