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कोरोना का डर, मुर्गा हुआ साग बराबर
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श्रावस्ती। कोरोना का डर लोगों के दिलो दिमाग पर इस कदर छा गया है कि मीट बाजार जिले में औंधे मुंह गिर गया। सोमवार को जहां मुर्गे की कीमत साग के बराबर हो गई, वहीं सबसे महंगा बिकने वाला मुर्गा कड़कनाथ भी करेले से भी सस्ता बिका। वायलर मुर्गे का बाजार एकदम से ठंडा पड़ गया। वायलर फार्म हाउस में कई दिनों के इंतजार के बाद भी खरीददार नहीं पहुंच रहे हैं। यही नहीं मीट बाजार की तरफ से भी लोग जाने में गुरेज कर रहे हैं।
कई संदिग्ध मरीज जिले में मिले, जिनके बारे में आम लोगों का मानना है कि उन्हें कोरोना हो सकता है। संदिग्धों के बलगम का सैंपल जांच के लिए बहराइच लैब भेजा गया। इस सूचना के बाद लोग खान-पान को लेकर जागरूक हुए। जागरूकता का ही असर रहा कि लोगों ने मीट बाजार से पल्ला झाड़ लिया। सोमवार को मीट बाजार में सन्नाटा छाया रहा। ग्राहकों के न आने के कारण मुर्गे के थोक भाव में काफी गिरावट दर्ज की गई।
जिले में थोक वायलर मुर्गा 35 से 40 रुपये प्रति किलो की दर से बिका जबकि इस रेट में सब्जी बाजार में पालक व बथुए के साग की बिक्री हुई। वायलर मुर्गे के साथ ही देशी व कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गे की बिक्री में भी कमी आई। मीट बाजार में कड़कनाथ जो आम तौर पर 500 से 700 रुपये प्रति किलो बिकता था, वही 70 से 80 रुपये तक पहुंच गया। देशी मुर्गे का भी यही हाल रहा। वह 50 से 55 रुपये में बिका। इस न्यूनतम दर के बाद भी मीट बाजार पूरे दिन औंधे मुंह ही गिरा रहा। यहां बमुश्किल 40 से 50 हजार रुपये का दिन भर में व्यापार हो पाया।
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मुर्गी फार्म व मीट बाजार की तरफ जाने से कर रहे गुरेज
मुर्गे की कीमत साग बराबर पहुंचने से जहां मांस व्यापार की स्थिति चरमरा गई। वहीं यह पूरा इलाका ही लोगों के लिए संदिग्ध हो गया। कुछ व्यापारी व खरीददारों को यदि छोड़ दिया जाए तो मुर्गी फार्म व मीट बाजार से भी लोग निकलने से गुरेज कर रहे हैं। लोगों के दिमाग में हैं कि मीट के माध्यम से भी संक्रमण हो सकता है। इसलिए वह उससे दूरी बनाए हुए हैं।
सब्जी बाजार का भाव चढ़ा
मीट बाजार के औंधेमुंह गिरने के बाद सब्जी बाजार में हरियाली आ गई। मुर्गे से कई गुना महंगी सब्जी बिकी। सब्जी की महंगाई थोक भाव के सापेक्ष खुदरा में ज्यादा दर्ज की गई। सोमवार दोपहर में सब्जी का भाव कुछ इस तरह रहा। परवल 100, लहसुन 80, करैला 60, भिंडी 50, सेम 50, कटहल 40, आलू 24, गोभी 20, लौकी 30, टमाटर 30, प्याज 30 व मटर 30।
जिले में अभी तक किसी भी मरीज में कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन एहतियात ही बचाव का मुख्य आधार है। इसलिए आम लोगों से अपील है कि भीड़-भाड़ वाले इलाके में न जाएं। खान-पान में एहतियात बरतें, संभव हो तो मीट-मुर्गे का सेवन न करें। फल-सलाद का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें। बाहर निकलना हो तो मास्क या फिर अंगोछे से मुंह ढक कर निकलें। ज्यादा से ज्यादा बार हाथ को धोएं।
-डॉ. एपी भार्गव, सीएमओ
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कई संदिग्ध मरीज जिले में मिले, जिनके बारे में आम लोगों का मानना है कि उन्हें कोरोना हो सकता है। संदिग्धों के बलगम का सैंपल जांच के लिए बहराइच लैब भेजा गया। इस सूचना के बाद लोग खान-पान को लेकर जागरूक हुए। जागरूकता का ही असर रहा कि लोगों ने मीट बाजार से पल्ला झाड़ लिया। सोमवार को मीट बाजार में सन्नाटा छाया रहा। ग्राहकों के न आने के कारण मुर्गे के थोक भाव में काफी गिरावट दर्ज की गई।
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जिले में थोक वायलर मुर्गा 35 से 40 रुपये प्रति किलो की दर से बिका जबकि इस रेट में सब्जी बाजार में पालक व बथुए के साग की बिक्री हुई। वायलर मुर्गे के साथ ही देशी व कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गे की बिक्री में भी कमी आई। मीट बाजार में कड़कनाथ जो आम तौर पर 500 से 700 रुपये प्रति किलो बिकता था, वही 70 से 80 रुपये तक पहुंच गया। देशी मुर्गे का भी यही हाल रहा। वह 50 से 55 रुपये में बिका। इस न्यूनतम दर के बाद भी मीट बाजार पूरे दिन औंधे मुंह ही गिरा रहा। यहां बमुश्किल 40 से 50 हजार रुपये का दिन भर में व्यापार हो पाया।
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मुर्गी फार्म व मीट बाजार की तरफ जाने से कर रहे गुरेज
मुर्गे की कीमत साग बराबर पहुंचने से जहां मांस व्यापार की स्थिति चरमरा गई। वहीं यह पूरा इलाका ही लोगों के लिए संदिग्ध हो गया। कुछ व्यापारी व खरीददारों को यदि छोड़ दिया जाए तो मुर्गी फार्म व मीट बाजार से भी लोग निकलने से गुरेज कर रहे हैं। लोगों के दिमाग में हैं कि मीट के माध्यम से भी संक्रमण हो सकता है। इसलिए वह उससे दूरी बनाए हुए हैं।
सब्जी बाजार का भाव चढ़ा
मीट बाजार के औंधेमुंह गिरने के बाद सब्जी बाजार में हरियाली आ गई। मुर्गे से कई गुना महंगी सब्जी बिकी। सब्जी की महंगाई थोक भाव के सापेक्ष खुदरा में ज्यादा दर्ज की गई। सोमवार दोपहर में सब्जी का भाव कुछ इस तरह रहा। परवल 100, लहसुन 80, करैला 60, भिंडी 50, सेम 50, कटहल 40, आलू 24, गोभी 20, लौकी 30, टमाटर 30, प्याज 30 व मटर 30।
जिले में अभी तक किसी भी मरीज में कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन एहतियात ही बचाव का मुख्य आधार है। इसलिए आम लोगों से अपील है कि भीड़-भाड़ वाले इलाके में न जाएं। खान-पान में एहतियात बरतें, संभव हो तो मीट-मुर्गे का सेवन न करें। फल-सलाद का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें। बाहर निकलना हो तो मास्क या फिर अंगोछे से मुंह ढक कर निकलें। ज्यादा से ज्यादा बार हाथ को धोएं।
-डॉ. एपी भार्गव, सीएमओ