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कृषि योग्य भूमि से खोदाई पर किसानों का हंगामा

Thu, 05 May 2022 11:07 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 11:07 PM IST
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Farmers' uproar over digging from arable land
इकौना के कोटवा गांव में प्रदर्शन करते किसान - फोटो : SRAWASTI
इकौना (श्रावस्ती)। कोटरा ग्राम के पास बाढ़ खंड द्वारा तटबंध का निर्माण किया जाना है। बृहस्पतिवार को जैसे ही ठेकेदारों ने मौके पर काम प्रारंभ किया। वैसे ही किसानों ने वहां पहुंच कर हंगामा कर दिया। किसानों का आरोप था कि कार्य करने वाले ठेकेदार निर्धारित स्थान के बजाए उनकी कृषि योग्य भूमि से मिट्टी निकाल रहे हैं। इस पर किसान यूनियन मौके पर धरना-प्रदर्शन कर रहा है।
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राप्ती नदी की बाढ़ से कई गांव प्रभावित होते हैं। इस बाढ़ से कोटवा गांव को बचाने के लिए बाढ़ खंड तटबंध का निर्माण करवा रहा है। निर्माण कार्य के लिए लगभग 50 ट्रैक्टर लगाए गए थे। कार्य जैसे ही प्रारंभ हुआ ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि तटबंध बनाने के लिए उन्होंने पहले ही अपनी जमीन बैनामा कर दी थी। कार्य करने वाले ठेकेदार को उस जमीन पर मिट्टी डालकर तटबंध का निर्माण करना था। लेकिन वह बाहर से मिट्टी लाने के बजाए बगल के कृषि वाली मिट्टी बिना किसानों की अनुमति के खोद रहा था। जिससे कई खेत तालाब में परिवर्तित हो चुके हैं।
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यही नहीं बाढ़ के समय मिट्टी निकालने से बने खड्ड लोगों के लिए जानलेवा भी हो सकते हैं। इस पर काम रुकवाने के लिए किसान मौके पर पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिया। वह ट्रैक्टर-ट्रॉली के सामने लेट गए। कुछ ही देर में किसानों के समर्थन में किसान यूनियन भी मौके पर उतर आया। किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष विनोद शुक्ल खेत में ही धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि किसानों के खेतों से खोदी गई मिट्टी फिर से वापस खेतों में डाली जाए। ताकि किसान अपनी खेती कर सकें। वहीं इस हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे अवर अभियंता ने स्वीकार किया कि किसानों के खेत से मिट्टी बिना उसकी अनुमति से लेना गलत था।
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एसडीएम व बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता ने आश्वासन दिया है कि बिना किसानों के सहमति के कहीं भी मिट्टा का खनन नहीं किया जाएगा। जिन स्थानों पर बिना सहमति के चार से पांच फीट मिट्टी खोद कर निकाली गई है। उसे भरा जाएगा। इसी आश्वासन के साथ धरना समाप्त किया गया है कि दो दिन में ठेकेदार किसानों के खेत में मिट्टी नहीं पाटते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। -विनोद शुक्ला, नेता किसान यूनियन

किसानों की सहमति पर एक से डेढ़ फिीट मिट्टी ठेकेदार ले सकता है। जहां-जहां बिना सहमति के ज्यादा मिट्टी खोदी गई है। उसे ठेकेदार पटवाएगा। -आरपी चौधरी, एसडीएम इकौना
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