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Shravasti News: कागजों पर सुविधाएं, हकीकत में बंद ग्राम सचिवालय

Thu, 22 Oct 2026 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Thu, 22 Oct 2026 11:32 PM IST
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Facilities on paper, but in reality, the village secretariat is closed.
औरैया टिकई का बंद ग्राम सचिवालय
तुलसीपुर। ग्रामीणों को गांव में ही सरकारी और ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायतों में लाखों रुपये खर्च कर ग्राम सचिवालय बनवाए गए हैं। इनमें कंप्यूटर, इंटरनेट, फर्नीचर और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की गई है। संचालन के लिए पंचायत सहायकों की नियुक्ति कर उन्हें मानदेय भी दिया जा रहा है। इसके बावजूद कई ग्राम सचिवालयों पर ताले लटक रहे हैं। इससे ग्रामीणों को खसरा, खतौनी, परिवार रजिस्टर की नकल और जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जैसे कामों के लिए ब्लॉक मुख्यालय या जनसेवा केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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सचिवालय के साथ डिजिटल लाइब्रेरी भी बंद


गिलौला विकासखंड की ग्राम पंचायत रतनापुर में बने ग्राम सचिवालय की पड़ताल में सचिवालय ताले में कैद मिला। वहीं, इसी भवन में संचालित डिजिटल लाइब्रेरी भी बंद मिली। यही नहीं आसपास गंदगी भी मिली। राहगीर सुरेश और रामखेलावन ने बताया कि ग्राम सचिवालय आए दिन बंद रहता है। न तो सचिव आते हैं और नहीं प्रधान आते हैं। अधिकारियों को जब कोई काम होता है, तभी वे आते हैं और अपना काम निपटाकर चले जाते हैं। ग्रामीणों को अपने कामों के लिए ब्लॉक मुख्यालय व जनसेवा केंद्र जाना पड़ता है।
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औरैया टिकई के सचिवालय में भी ताला

ग्राम पंचायत औरैया टिकई का ग्राम सचिवालय धनऊपुर गांव में बना है। बृहस्पतिवार दोपहर पड़ताल के दौरान यहां भी भवन पर ताला लटकता मिला। मौके पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। सचिवालय के पास मिले शोभाराम और कमलेश कुमार ने बताया कि भवन में रंगाई-पुताई का काम चल रहा है। उनके अनुसार, यहां केवल मजदूर आते हैं, जबकि कोई अधिकारी नहीं बैठता। हालांकि, पड़ताल के दौरान मौके पर मजदूर भी नहीं मिले।
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संसाधन होने के बाद भी सुविधा नहीं
ग्राम सचिवालयों में कंप्यूटर, इंटरनेट और अन्य जरूरी संसाधनों के साथ कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद इनके नियमित संचालन पर सवाल उठ रहे हैं। सचिवालय बंद रहने से ग्रामीणों को गांव में ही सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

जांच टीम भेजकर सचिवालयों के बंद होने की जांच करवाई जाएगी। अगर सचिवालय बंद होने के पीछे किसी की लापरवाही उजागर होती है, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वीपी सिंह, बीडीओ गिलौला

औरैया टिकई का बंद ग्राम सचिवालय

औरैया टिकई का बंद ग्राम सचिवालय

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