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Shravasti News: कटान पीड़ितों ने लगाई गांव को बचाने की गुहार
Sun, 07 Sep 2025 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sun, 07 Sep 2025 12:55 AM IST
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घाटेपुरवा में कटान करती राप्ती नदी। - संवाद
श्रावस्ती। जमुनहा तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कथरामाफी व उसके मजरों में तेज से हो रहे कटान को लेकर शनिवार को ग्रामीण समाधान दिवस पहुंचे। ग्रामीणों ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर गांव को बचाने की फरियाद की। घाटेपुरवा व सलारूपुरवा में ठोकर न बनने की दशा में गांव का अस्तित्व खत्म होने की बात कही।
समाधान दिवस पहुंचे जगतराम, सुकई, रामलाल, मोतीलाल, पृथ्वी, अलखराम, चंदर, पूजा देवी, शीला देवी व माया देवी आदि ने बताया कि राप्ती का जलस्तर कम होने से, कटान ते ज हो गया है। एक सप्ताह के भीतर नदी ने 270 बीघा से अधिक कृषि योग्य जमीन व बागों को काट कर अपने में समाहित कर लिया है।
वहीं, जब से वो लोग अधिकारियों से फरियाद कर रहे हैं, नदी 10 मीटर कटान कर गांव के नजदीक पहुंच गई है। वर्तमान में नदी और गांव के बीच की दूरी मात्र 75 मीटर ही बची है। ऐसे में अगर समय रहते जिम्मेदारों ने कटान रोधी कार्य गांव में नहीं करवाया, तो चंद दिनों में सलारूपुरवा व घाटेपुरवा का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार फरियाद करने के बावजूद आज तक कोई ग्रामीणों का हाल जानने व कटान की स्थिति देखने नहीं पहुंचा। ऐसा लग रहा है कि जिम्मेदारों ने हमें भगवान के भरोसे छोड़ दिया है।
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समाधान दिवस पहुंचे जगतराम, सुकई, रामलाल, मोतीलाल, पृथ्वी, अलखराम, चंदर, पूजा देवी, शीला देवी व माया देवी आदि ने बताया कि राप्ती का जलस्तर कम होने से, कटान ते ज हो गया है। एक सप्ताह के भीतर नदी ने 270 बीघा से अधिक कृषि योग्य जमीन व बागों को काट कर अपने में समाहित कर लिया है।
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वहीं, जब से वो लोग अधिकारियों से फरियाद कर रहे हैं, नदी 10 मीटर कटान कर गांव के नजदीक पहुंच गई है। वर्तमान में नदी और गांव के बीच की दूरी मात्र 75 मीटर ही बची है। ऐसे में अगर समय रहते जिम्मेदारों ने कटान रोधी कार्य गांव में नहीं करवाया, तो चंद दिनों में सलारूपुरवा व घाटेपुरवा का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार फरियाद करने के बावजूद आज तक कोई ग्रामीणों का हाल जानने व कटान की स्थिति देखने नहीं पहुंचा। ऐसा लग रहा है कि जिम्मेदारों ने हमें भगवान के भरोसे छोड़ दिया है।