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Shravasti News: पांच हजार से अधिक बच्चे बने ई-पाठशाला का हिस्सा
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श्रावस्ती। अमर उजाला फाउंडेशन और सेंटर फॉर सोशल रिसर्च की ओर से मंगलवार को जगतजीत इंटर कॉलेज में ई-पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें पांच हजार से अधिक छात्रों ने प्रतिभाग किया। अधिकारियों व प्रशिक्षकों ने डिजिटल दुनिया, साइबर अपराध को लेकर बच्चों की जिज्ञासा का समाधान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएम नेहा प्रकाश ने किया। ई-पाठशाला में सेंटर फॉर सोशल रिसर्च की ट्रेनर तान्या ठाकुर व सैंड्रा एलिजा मनु ने मेटा आधारित ट्रेनिंग मॉड्यूल को समझाया। रोजाना होने वाले साइबर अपराध से बचने के लिए प्रतिदिन आने वाले मेल, मैसेज पर यकीन करने से पहले कई बार सोचने के साथ ही डिजिटल सेफ्टी और मानसिक सुरक्षा को लेकर टिप्स दिए।
सोशल मीडिया व मोबाइल के इस्तेमाल में समय प्रबंधन करने को कहा। उन्होंने बताया कि आभासी मित्रों के बजाय वास्तविक दोस्तों के साथ समय बिताना ठीक होता है। इस अवसर पर सीएसआर टीम के साथ ही इंडियन बैंक इकौना के शाखा प्रबंधक सौरभ गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार रखें।
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डिजिटल वर्ल्ड जितना सब कुछ आसान कर रहा है, उतना ही उससे खतरा भी बढ़ता जा रहा है। साइबर अपराध करने वाले मिनटों में आपके खाते से पैसा चुराकर आपकी शांति भंग कर देते हैं। यदि मनोरंजन के लिए मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो अन्य साधनों को भी अपनाएं। खेलकूद समेत अन्य रचनात्मक कार्यों से खुद को जोड़ें।
डा भूदेश्वर पांडे, प्रधानाचार्य
किसी को अपने बैंक खाते की व्यक्तिगत जानकारी नहीं देनी चाहिए। ऑनलाइन ठगी होने की जानकारी हेल्पलाइन नंबर 155260 या फिर डायल 112 पर तत्काल देनी चाहिए। अज्ञात नंबर से आने वाले लिंक को नहीं खोलना चाहिए। सरकारी उपक्रम, वेबसाइट या फिर फंड की अधिकृत वेबसाइट पर ही वित्तीय लेन-देन करें और आधार का इस्तेमाल करें।
रामपाल यादव, एसएचओ एनएमटी
साइबर अपराध की जड़ लालच है। इसलिए लाभ देने वाली योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री आवास, कौन बनेगा करोड़पति, डीलरशिप, लॉटरी आदि के लालच में किसी के खाते में रुपये जमा न करें। इंटरनेट मीडिया अकाउंट में सूचनाएं भरते समय विशेष ध्यान रखे।
ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देख साइबर सेल बनाया गया है। इसकी जानकारी ही बचाव का सबसे अच्छा माध्यम है। अमर उजाला फाउंडेशन व सेंटर फॉर सोशल रिसर्च का यह पहल प्रशंसनीय है। इसका आप लोग लाभ लें।
नेहा प्रकाश, डीएम
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कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएम नेहा प्रकाश ने किया। ई-पाठशाला में सेंटर फॉर सोशल रिसर्च की ट्रेनर तान्या ठाकुर व सैंड्रा एलिजा मनु ने मेटा आधारित ट्रेनिंग मॉड्यूल को समझाया। रोजाना होने वाले साइबर अपराध से बचने के लिए प्रतिदिन आने वाले मेल, मैसेज पर यकीन करने से पहले कई बार सोचने के साथ ही डिजिटल सेफ्टी और मानसिक सुरक्षा को लेकर टिप्स दिए।
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सोशल मीडिया व मोबाइल के इस्तेमाल में समय प्रबंधन करने को कहा। उन्होंने बताया कि आभासी मित्रों के बजाय वास्तविक दोस्तों के साथ समय बिताना ठीक होता है। इस अवसर पर सीएसआर टीम के साथ ही इंडियन बैंक इकौना के शाखा प्रबंधक सौरभ गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार रखें।
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डिजिटल वर्ल्ड जितना सब कुछ आसान कर रहा है, उतना ही उससे खतरा भी बढ़ता जा रहा है। साइबर अपराध करने वाले मिनटों में आपके खाते से पैसा चुराकर आपकी शांति भंग कर देते हैं। यदि मनोरंजन के लिए मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो अन्य साधनों को भी अपनाएं। खेलकूद समेत अन्य रचनात्मक कार्यों से खुद को जोड़ें।
डा भूदेश्वर पांडे, प्रधानाचार्य
किसी को अपने बैंक खाते की व्यक्तिगत जानकारी नहीं देनी चाहिए। ऑनलाइन ठगी होने की जानकारी हेल्पलाइन नंबर 155260 या फिर डायल 112 पर तत्काल देनी चाहिए। अज्ञात नंबर से आने वाले लिंक को नहीं खोलना चाहिए। सरकारी उपक्रम, वेबसाइट या फिर फंड की अधिकृत वेबसाइट पर ही वित्तीय लेन-देन करें और आधार का इस्तेमाल करें।
रामपाल यादव, एसएचओ एनएमटी
साइबर अपराध की जड़ लालच है। इसलिए लाभ देने वाली योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री आवास, कौन बनेगा करोड़पति, डीलरशिप, लॉटरी आदि के लालच में किसी के खाते में रुपये जमा न करें। इंटरनेट मीडिया अकाउंट में सूचनाएं भरते समय विशेष ध्यान रखे।
ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देख साइबर सेल बनाया गया है। इसकी जानकारी ही बचाव का सबसे अच्छा माध्यम है। अमर उजाला फाउंडेशन व सेंटर फॉर सोशल रिसर्च का यह पहल प्रशंसनीय है। इसका आप लोग लाभ लें।
नेहा प्रकाश, डीएम