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Shravasti News: इन्फ्लूएंजा से घबराएं नहीं, रहें सतर्क
Fri, 17 Mar 2023 10:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 17 Mar 2023 10:42 PM IST
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श्रावस्ती। प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में एच3एन2 के रोगी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है। सीजनल इन्फ्लूएंजा एच3एन2 के संक्रमण से बचाव के लिए सावधानियां एवं प्रोटोकॉल का अनुपालन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. एसपी तिवारी ने कहा है कि इन्फ्लूएंजा को लेकर घबराएं नहीं बल्कि सतर्क रहें। इस संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए हम सभी को कुछ सावधानियां एवं प्रोटोकॉल का पालन करना बेहद जरूरी है। एच3एन2 के संक्रमण से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थलों, चिकित्सालयों, कार्यालयों, बाजारों एवं अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क एवं सैनेटाइजर का प्रयोग करें। खांसते एवं छींकते समय नाक एवं मुंह ढक कर रखें। नाक, चेहरा एवं आंख को बार-बार छूने से बचें। पानी एवं तरल पदार्थ का अत्यधिक प्रयोग करें। हाथ मिलाने एवं गले मिलने से बचें, सार्वजनिक स्थलों पर थूकें नहीं, शारीरिक दूरी का पालन करें, बच्चे, बुजुर्ग एवं बीमार लोग भीड़ भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक जाने से बचें। वहीं एसीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया ने बताया कि देश और प्रदेश में मौसमी इन्फ्लूएंजा के जो भी मामले आए हैं।
अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ रही। यदि किसी को फ्लू जैसे लक्षण हैं तो उसे कोविड के अलावा एन्फ्लुएंजा टेस्ट भी कराना चाहिए। बुखार, सर्दी-खांसी, कफ और सिर व शरीर में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एन्फ्लूएंजा के लक्षण आने पर स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। बिना चिकित्सक की सलाह के दवाओं का सेवन न करें। कुछ मामलों में कफ के लंबे समय तक रहने की बात सामने आई है लेकिन आमतौर पर 7 से 10 दिनों में मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।
इन्फ्लूएंजा के लक्षण
एक सप्ताह या इससे अधिक दिन तक बुखार। नाक से पानी आना। सिर में दर्द रहना। उल्टी महसूस होना। भूख का कम होना। शरीर में दर्द रहना। बुखार भी तेज होना। खांसी काफी समय तक रहना। बलगम की परेशानी बढ़ना।
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बचाव के उपाय
बाहर निकलते समय या ऑफिस में हमेशा फेस मास्क पहनें। खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को अच्छी तरह कवर करें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। हाथों को समय-समय पर पानी और साबुन से धोते रहें। खुद को हाइड्रेट रखें, पानी-फ्रूट जूस या अन्य पेय पदार्थ लेते रहें। नाक और मुंह छूने से बचें। सार्वजनिक स्थलों पर न थूकें और न ही हाथ मिलाएं। किसी भी तरह के शारीरिक संपर्क से बचें। चिकित्सक की सलाह लिए बगैर एंटीबायोटिक न लें।
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अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ रही। यदि किसी को फ्लू जैसे लक्षण हैं तो उसे कोविड के अलावा एन्फ्लुएंजा टेस्ट भी कराना चाहिए। बुखार, सर्दी-खांसी, कफ और सिर व शरीर में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एन्फ्लूएंजा के लक्षण आने पर स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। बिना चिकित्सक की सलाह के दवाओं का सेवन न करें। कुछ मामलों में कफ के लंबे समय तक रहने की बात सामने आई है लेकिन आमतौर पर 7 से 10 दिनों में मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।
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इन्फ्लूएंजा के लक्षण
एक सप्ताह या इससे अधिक दिन तक बुखार। नाक से पानी आना। सिर में दर्द रहना। उल्टी महसूस होना। भूख का कम होना। शरीर में दर्द रहना। बुखार भी तेज होना। खांसी काफी समय तक रहना। बलगम की परेशानी बढ़ना।
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बचाव के उपाय
बाहर निकलते समय या ऑफिस में हमेशा फेस मास्क पहनें। खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को अच्छी तरह कवर करें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। हाथों को समय-समय पर पानी और साबुन से धोते रहें। खुद को हाइड्रेट रखें, पानी-फ्रूट जूस या अन्य पेय पदार्थ लेते रहें। नाक और मुंह छूने से बचें। सार्वजनिक स्थलों पर न थूकें और न ही हाथ मिलाएं। किसी भी तरह के शारीरिक संपर्क से बचें। चिकित्सक की सलाह लिए बगैर एंटीबायोटिक न लें।