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पहले करें जरूरी काम फिर लगाएं ध्यान : देवानंद
Mon, 15 Dec 2025 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Mon, 15 Dec 2025 12:41 AM IST
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तपोस्थली में प्रार्थना करते बौद्ध अनुयायी।- संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती रविवार को बर्मा से आए अनुयायियों के 40 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में आनंद कुटी पर पारंपरिक तरीके से पूजन-अर्चन किया। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि आध्यात्मिक साधना के लिए सबसे अहम ध्यान का अभ्यास करना है। यही कारण है कि बौद्ध धर्म में ध्यान करना बहुत ही जरूरी माना गया है। संवेदनाओं से ऊपर उठकर अपने विचारों पर नियंत्रण रखने से ही इंसान बुद्धत्व को पा सकता है।
भिक्षु ने आगे बताया कि जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप अपना महत्वपूर्ण काम पहले करें और फिर ध्यान लगाएं। भावनाओं से ऊपर उठकर कोई भी बुद्धत्व को प्राप्त कर सकता है। सिर्फ प्रार्थना करते रहने से कुछ भी नहीं मिलता, किसी चीज की प्राप्ति के लिए कर्म करना भी जरूरी है। सत्य कभी किसी से नहीं छुपता, असत्य को अपने आचरण में ना उतारें, उससे दूर रहने में ही मनुष्य की भलाई है।
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सभी के बाद अनुयायियों ने तपोस्थली का भ्रमण किया और उसके इतिहास की जानकारी ली।
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बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि आध्यात्मिक साधना के लिए सबसे अहम ध्यान का अभ्यास करना है। यही कारण है कि बौद्ध धर्म में ध्यान करना बहुत ही जरूरी माना गया है। संवेदनाओं से ऊपर उठकर अपने विचारों पर नियंत्रण रखने से ही इंसान बुद्धत्व को पा सकता है।
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भिक्षु ने आगे बताया कि जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप अपना महत्वपूर्ण काम पहले करें और फिर ध्यान लगाएं। भावनाओं से ऊपर उठकर कोई भी बुद्धत्व को प्राप्त कर सकता है। सिर्फ प्रार्थना करते रहने से कुछ भी नहीं मिलता, किसी चीज की प्राप्ति के लिए कर्म करना भी जरूरी है। सत्य कभी किसी से नहीं छुपता, असत्य को अपने आचरण में ना उतारें, उससे दूर रहने में ही मनुष्य की भलाई है।
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सभी के बाद अनुयायियों ने तपोस्थली का भ्रमण किया और उसके इतिहास की जानकारी ली।