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Shravasti News: 69 फीसदी बनीं आभा आईडी, श्रावस्ती टॉप-10 में
Wed, 21 Oct 2026 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Wed, 21 Oct 2026 11:45 PM IST
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श्रावस्ती। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत बुधवार को इकौना के एक होटल में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने सीडीओ शाहिद अहमद और सीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।
सीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जिले में अब तक 69 फीसदी आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। यह उपलब्धि राज्य के औसत से बेहतर है। इसके साथ ही श्रावस्ती प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल हो गया है। उन्होंने मिशन का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।
डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपनी आभा आईडी बनवाने के साथ आमजन को भी इसके लाभों के प्रति जागरूक करने की अपील की। सीडीओ शाहिद अहमद ने कहा कि डिजिटल तकनीक अपनाने से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुगम होंगी।
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राज्य स्तरीय प्रशिक्षक डॉ. रीना वर्मा और सौम्य श्रीवास्तव ने मिशन के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र विकसित करना है, जिससे नागरिकों को सरल और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी डॉ. डीके सिंह ने बताया कि आभा 14 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या है। इसके जरिये मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जा सकते हैं। इससे पुरानी रिपोर्ट साथ ले जाने और अनावश्यक जांच दोहराने की जरूरत कम होती है।
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सीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जिले में अब तक 69 फीसदी आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। यह उपलब्धि राज्य के औसत से बेहतर है। इसके साथ ही श्रावस्ती प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल हो गया है। उन्होंने मिशन का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।
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डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपनी आभा आईडी बनवाने के साथ आमजन को भी इसके लाभों के प्रति जागरूक करने की अपील की। सीडीओ शाहिद अहमद ने कहा कि डिजिटल तकनीक अपनाने से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुगम होंगी।
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राज्य स्तरीय प्रशिक्षक डॉ. रीना वर्मा और सौम्य श्रीवास्तव ने मिशन के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र विकसित करना है, जिससे नागरिकों को सरल और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी डॉ. डीके सिंह ने बताया कि आभा 14 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या है। इसके जरिये मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जा सकते हैं। इससे पुरानी रिपोर्ट साथ ले जाने और अनावश्यक जांच दोहराने की जरूरत कम होती है।