{"_id":"5f9adc6f8ebc3e9b96616a7e","slug":"dm-present-in-village-11-farmers-burnt-straw-six-arrested-srawasti-news-lko547621048","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम गांव में मौजूद, 11 किसानों ने जलाई पराली, छह गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम गांव में मौजूद, 11 किसानों ने जलाई पराली, छह गिरफ्तार
विज्ञापन
श्रावस्ती। प्रशासन की तमाम सख्ती के बावजूद जिले में किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे। प्रशासन की कार्रवाई का भी किसानों में कोई खौफ नहीं दिख रहा है। इसका प्रमाण भंगहा में देखने को मिला। जहां गांव के 11 किसानों ने अपने खेत में पराली जला दी। इस दौरान डीएम गांव में ही मौजूद थे। जानकारी पर मौके पर पहुंचे डीएम ने आग बुझवाई। मामले में सभी किसानों के खिलाफ केस दर्ज कर छह को गिरफ्तार कर लिया गया है। डीएम ने अन्य किसानों की गिरफ्तारी जल्द करने का निर्देश दिया है।
पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। इसे देखते हुए शासन ने पराली जलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद किसान मानने को तैयार नहीं हैं। जिलाधिकारी टीके शिबु हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र के मुख्यालय भंगहा गांव गए थे। इसी बीच भंगहा के 11 किसानों ने अपने खेतों में रखी पराली जला दी।
इसकी जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी ने अपनी उपस्थिति में आग को बुझवाया। मामले में 11 किसानों के विरुद्ध फसल अवशेष जलाने का मामला दर्ज किया गया। जिनमें से छह किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष किसानों की गिरफ्तारी के लिए भंगहा चौकी प्रभारी को निर्देश दिए।
विज्ञापन
ऐसा ही कुछ जमुनहा क्षेत्र के शिवपुर भागड़, गणेशपुर भागड़, रामपुर भागड़, घूमना घूमनी, बरगदहा गांव में देखने को मिला। जहां किसान अपने खेतों की पराली जलाते दिखे। इससे जहां शासन के आदेशों कीी अवहेलना हो रही है। उप कृषि निदेशक आरपी राना ने बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की ओर से फसल अवशेष जलाना एक दंडनीय अपराध घोषित किया गाय है।
फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है। इससे वायु प्रदूषण तो फैलता ही है साथ ही साथ भूमि की उर्वरा शक्ति भी कम हो जाती है। यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसका दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को झेलना पडे़गा। फसल अवशेष न जलाये जाने से भूमि की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होती है।
विज्ञापन
पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। इसे देखते हुए शासन ने पराली जलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद किसान मानने को तैयार नहीं हैं। जिलाधिकारी टीके शिबु हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र के मुख्यालय भंगहा गांव गए थे। इसी बीच भंगहा के 11 किसानों ने अपने खेतों में रखी पराली जला दी।
विज्ञापन
इसकी जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी ने अपनी उपस्थिति में आग को बुझवाया। मामले में 11 किसानों के विरुद्ध फसल अवशेष जलाने का मामला दर्ज किया गया। जिनमें से छह किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष किसानों की गिरफ्तारी के लिए भंगहा चौकी प्रभारी को निर्देश दिए।
विज्ञापन
ऐसा ही कुछ जमुनहा क्षेत्र के शिवपुर भागड़, गणेशपुर भागड़, रामपुर भागड़, घूमना घूमनी, बरगदहा गांव में देखने को मिला। जहां किसान अपने खेतों की पराली जलाते दिखे। इससे जहां शासन के आदेशों कीी अवहेलना हो रही है। उप कृषि निदेशक आरपी राना ने बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की ओर से फसल अवशेष जलाना एक दंडनीय अपराध घोषित किया गाय है।
फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है। इससे वायु प्रदूषण तो फैलता ही है साथ ही साथ भूमि की उर्वरा शक्ति भी कम हो जाती है। यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसका दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को झेलना पडे़गा। फसल अवशेष न जलाये जाने से भूमि की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होती है।