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Shravasti News: ठंड से गोवंश की हुई मौत तो नपेंगे जिम्मेदार
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श्रावस्ती। जिले में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। गो आश्रय स्थलों में रह रहे गोवंशों को ठंड से बचाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं। यदि किसी गोवंश की ठंड के कारण मौत हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
यह बातें डीएम नेहा प्रकाश ने अधिकारियों को जारी निर्देश में कहीं। उन्होंने कहा है कि निराश्रित व बेसहारा गोवंशों का संरक्षण व भरण-पोषण सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी गोवंशों के लिए पौष्टिक आहार, पीने के लिए स्वच्छ ताजा पानी उपलब्ध कराएं। शीतलहर के प्रभाव को रोकने के लिए तिरपाल, बोरा, पराली आदि का इंतजाम कराएं। वृद्ध, अशक्त व नवजात गोवंश पर विशेष ध्यान दें।
डीएम ने निर्देश दिया कि गोवंश को ठंड से बचाव के लिए शेड को विधिवत कवर कराया जाए। गोवंश के बिछावन के लिए पराली, लकड़ी का बुरादा, गन्ने की खोई आदि का प्रयोग करें। कोई भी गोवंश रात में खुले स्थान पर न रहे। उसे दिन में धूप में रखा जाए। आश्रय स्थलों की नियमित सफाई कराने के साथ गोबर व गोमूत्र के निकासी की व्यवस्था कराएं। समय-समय पर बिछावन बदलें। पर्याप्त मात्रा में भूसा, पराली, हरा चारा, दाना, गुड़ आदि मुहैया कराया जाए। इसमें लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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यह बातें डीएम नेहा प्रकाश ने अधिकारियों को जारी निर्देश में कहीं। उन्होंने कहा है कि निराश्रित व बेसहारा गोवंशों का संरक्षण व भरण-पोषण सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी गोवंशों के लिए पौष्टिक आहार, पीने के लिए स्वच्छ ताजा पानी उपलब्ध कराएं। शीतलहर के प्रभाव को रोकने के लिए तिरपाल, बोरा, पराली आदि का इंतजाम कराएं। वृद्ध, अशक्त व नवजात गोवंश पर विशेष ध्यान दें।
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डीएम ने निर्देश दिया कि गोवंश को ठंड से बचाव के लिए शेड को विधिवत कवर कराया जाए। गोवंश के बिछावन के लिए पराली, लकड़ी का बुरादा, गन्ने की खोई आदि का प्रयोग करें। कोई भी गोवंश रात में खुले स्थान पर न रहे। उसे दिन में धूप में रखा जाए। आश्रय स्थलों की नियमित सफाई कराने के साथ गोबर व गोमूत्र के निकासी की व्यवस्था कराएं। समय-समय पर बिछावन बदलें। पर्याप्त मात्रा में भूसा, पराली, हरा चारा, दाना, गुड़ आदि मुहैया कराया जाए। इसमें लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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