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Shravasti News: मताधिकार व प्रमाणपत्रों के लिए भटकना मजबूरी
Tue, 20 Jan 2026 12:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 20 Jan 2026 12:15 AM IST
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बेलरी गांव में सोमवार को प्रदर्शन करते कटान पीड़ित। - संवाद
गिरंट बाजार। जमुनहा तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेलरी निवासी कटान पीड़ितों का दर्द सिर्फ मतदान के अधिकार तक ही सीमित नहीं है। कटान पीड़ितों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। वर्षों तक बेलरी में रहने के बाद भी ग्रामीणों का आरोप है कि उनके आय, जाति व निवास संबंधी प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए जाते हैं, जबकि 2013 तक उनके परिवार का नाम रजिस्टर में दर्ज था।
जिम्मेदारों की उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को गांव में प्रदर्शन किया। साथ ही मतदाता सूची में नाम दर्ज न करने पर तहसील स्तर पर प्रदर्शन की चेतावनी दी। बेलरी निवासी कटान पीड़ित बेचूराम यादव, राम उजागर यादव, धोतू यादव, रामरूप यादव, रखवाले, सुनील यादव, चेतराम, गोलीराम, रामसागर, झब्बर प्रसाद, मुन्नू यादव आदि ने बताया कि वर्ष 2014 में आई बाढ़ के दौरान गांव के 150 से अधिक घर कट गए थे।
उसके बाद सभी ने पड़ोसी जिला बहराइच के नवाबगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत होलिया के मजरा लक्ष्मणपुर लहसोरवा में शरण ली थी। लगभग 11 वर्ष तक वे सभी लक्ष्मणपुर लहसोरवा में रहे, लेकिन उनका नाम वहां की मतदाता सूची में दर्ज नहीं किया गया।
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उसके उलट उनका नाम बेलरी से भी काट दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि 2025 में नदी की धारा मुड़ने से उनकी भूमि फिर खाली हो गई और उन सभी ने फूस की झोपड़ियां बनाईं। ग्रामीणों ने बताया कि छह माह से वे सभी अपने पैतृक जमीन पर फूस के घर बनाकर रह रहे हैं, लेकिन नाम दर्ज नहीं हो रहा है।
400 से अधिक मतदाताओं के कटे नाम, डीएम ने दिया आश्वासन
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि 400 से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची से नदारज हैं। जिसके लिए उन सभी ने गांव के बीएलओ, एसडीएम व डीएम से मुलाकात कर नाम दर्ज करवाने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीएलओ व एसडीएम कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। डीएम से मुलाकात करने पर उन्होंने जांच करवाकर नाम बढ़वाने का आश्वासन दिया है।
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जिम्मेदारों की उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को गांव में प्रदर्शन किया। साथ ही मतदाता सूची में नाम दर्ज न करने पर तहसील स्तर पर प्रदर्शन की चेतावनी दी। बेलरी निवासी कटान पीड़ित बेचूराम यादव, राम उजागर यादव, धोतू यादव, रामरूप यादव, रखवाले, सुनील यादव, चेतराम, गोलीराम, रामसागर, झब्बर प्रसाद, मुन्नू यादव आदि ने बताया कि वर्ष 2014 में आई बाढ़ के दौरान गांव के 150 से अधिक घर कट गए थे।
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उसके बाद सभी ने पड़ोसी जिला बहराइच के नवाबगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत होलिया के मजरा लक्ष्मणपुर लहसोरवा में शरण ली थी। लगभग 11 वर्ष तक वे सभी लक्ष्मणपुर लहसोरवा में रहे, लेकिन उनका नाम वहां की मतदाता सूची में दर्ज नहीं किया गया।
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उसके उलट उनका नाम बेलरी से भी काट दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि 2025 में नदी की धारा मुड़ने से उनकी भूमि फिर खाली हो गई और उन सभी ने फूस की झोपड़ियां बनाईं। ग्रामीणों ने बताया कि छह माह से वे सभी अपने पैतृक जमीन पर फूस के घर बनाकर रह रहे हैं, लेकिन नाम दर्ज नहीं हो रहा है।
400 से अधिक मतदाताओं के कटे नाम, डीएम ने दिया आश्वासन
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि 400 से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची से नदारज हैं। जिसके लिए उन सभी ने गांव के बीएलओ, एसडीएम व डीएम से मुलाकात कर नाम दर्ज करवाने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीएलओ व एसडीएम कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। डीएम से मुलाकात करने पर उन्होंने जांच करवाकर नाम बढ़वाने का आश्वासन दिया है।