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Shravasti News: श्रावस्ती में मौसम का सबसे ठंडा दिन रहा शुक्रवार, न्यूनतम तापमान रहा छह डिग्री
Sat, 10 Jan 2026 12:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 10 Jan 2026 12:30 AM IST
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कटरा में अलाव तापते बौद्ध अनुयायी।- संवाद
श्रावस्ती। तराई में गलन लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार की सुबह एक बार फिर कोहरा छा गया। इसके साथ चली तेज पछुआ हवा ने ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। कोहरे व तेज हवा के चलते तराई का न्यूनतम तापमान एक डिग्री लुढ़क कर मौसम के सबसे निचले स्तर छह डिग्री पर पहुंच गया।
जनवरी के दूसरे सप्ताह में तराई में गलन ने अपना शिकंजा और कस लिया, शुक्रवार को तराई सिहर उठी। तेज हवा के चलते बृहस्पतिवार की रात ही ठंड बढ़ गई थी। सुबह हाेते-हाेते बर्फीली पछुआ हवा की रफ्तार बढ़ गई और पारा लुढ़क कर छह डिग्री पहुंच गया।
कड़ाके की ठंड के चलते ज्यादातर लोगों को घरों के अंदर ठिठके देखा गया। दोपहर बाद धूप निकली, लेकिन सर्द हवा के चलते बेदम नजर आई। गलन व हवा के चलते पूरे दिन लोग अलाव से चिपके नजर आए। ठंड का असर बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में भी देखने को मिला। यहां भूटान से आए 300 अनुयायियों के दल को भी अलाव के पास बैठे देखा गया।
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तराई बृहस्पतिवार की रात से शुक्रवार की सुबह तक कोहरे की चपेट में रही। कोहरे के चलते दृश्यता लगभग 60 मीटर रही और सुबह सात बजे तक वाहनों की रफ्तार थमी रही। हवा व गलन के चलते सुबह टहलने वाले लोगों व बाइक सवारों की संख्या न के बराबर रही।
तराई में 20 दिसंबर से कोहरे व सर्द हवा का दौर जारी है। 20 दिसंबर को तराई का न्यूनतम तापमान नौ डिग्री व अधिकतम 18 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके बाद से पारा लगातार लुढ़क रहा है। 31 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान नौ डिग्री व 10 डिग्री के बीच बना रहा। इस बीच जनवरी की शुरुआत के साथ ही सर्द हवा की गति बढ़ गई और तीन जनवरी को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री पर पहुंच गया। सात जनवरी को न्यूनतम तापमान एक डिग्री लुढ़क कर सात डिग्री पहुंच गया। नौ जनवरी को पारा एक डिग्री और लुढ़का और छह डिग्री पहुंच गया।
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलाव जलाने की व्यवस्था की है। डीएम अश्विनी पांडेय ने लोगों से अपील की है कि ठंड से बचाव के लिए ऊनी कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। स्वास्थ्य विभाग ने भी ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक सलाह जारी की है। कोहरे के कारण यातायात प्रभावित होने की भी आशंका बनी हुई है।
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जनवरी के दूसरे सप्ताह में तराई में गलन ने अपना शिकंजा और कस लिया, शुक्रवार को तराई सिहर उठी। तेज हवा के चलते बृहस्पतिवार की रात ही ठंड बढ़ गई थी। सुबह हाेते-हाेते बर्फीली पछुआ हवा की रफ्तार बढ़ गई और पारा लुढ़क कर छह डिग्री पहुंच गया।
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कड़ाके की ठंड के चलते ज्यादातर लोगों को घरों के अंदर ठिठके देखा गया। दोपहर बाद धूप निकली, लेकिन सर्द हवा के चलते बेदम नजर आई। गलन व हवा के चलते पूरे दिन लोग अलाव से चिपके नजर आए। ठंड का असर बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में भी देखने को मिला। यहां भूटान से आए 300 अनुयायियों के दल को भी अलाव के पास बैठे देखा गया।
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तराई बृहस्पतिवार की रात से शुक्रवार की सुबह तक कोहरे की चपेट में रही। कोहरे के चलते दृश्यता लगभग 60 मीटर रही और सुबह सात बजे तक वाहनों की रफ्तार थमी रही। हवा व गलन के चलते सुबह टहलने वाले लोगों व बाइक सवारों की संख्या न के बराबर रही।
तराई में 20 दिसंबर से कोहरे व सर्द हवा का दौर जारी है। 20 दिसंबर को तराई का न्यूनतम तापमान नौ डिग्री व अधिकतम 18 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके बाद से पारा लगातार लुढ़क रहा है। 31 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान नौ डिग्री व 10 डिग्री के बीच बना रहा। इस बीच जनवरी की शुरुआत के साथ ही सर्द हवा की गति बढ़ गई और तीन जनवरी को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री पर पहुंच गया। सात जनवरी को न्यूनतम तापमान एक डिग्री लुढ़क कर सात डिग्री पहुंच गया। नौ जनवरी को पारा एक डिग्री और लुढ़का और छह डिग्री पहुंच गया।
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलाव जलाने की व्यवस्था की है। डीएम अश्विनी पांडेय ने लोगों से अपील की है कि ठंड से बचाव के लिए ऊनी कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। स्वास्थ्य विभाग ने भी ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक सलाह जारी की है। कोहरे के कारण यातायात प्रभावित होने की भी आशंका बनी हुई है।