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नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ केस
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इकौना (श्रावस्ती)। कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत बने आदर्श गोशाला के निर्माण के घोटाले से जुड़ी पत्रावली के मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष इकौना के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। इससे नगर पंचायत में हड़कंप मचा गया है।
गौरतलब है कि नगर पंचायत इकौना के मोहल्ला गौतम नगर में वर्ष 20016-17 में कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत आदर्श गोशाला का निर्माण कराया गया था। इस गोशाला के निर्माण कार्य को लेकर सभासदों ने सासन व मंडलायुक्त के यहां शिकायत दर्ज कराई थी। मंडलायुक्त की जांच में लगभग 58 लाख रुपये के घोटाले की पुष्टि हुई थी।
मंडलायुक्त ने घोटाले की रकम नगर पंचायत अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी समेत अन्य जिम्मेदारों से वसूल करने के आदेश दिए थे। वसूली न होने पर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे। मंडलायुक्त के आदेश के विरुद्ध नगर पंचायत अध्यक्ष ने माननीय उच्च न्यायालय में गुहार लगाई।
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इसी दौरान जिला प्रशासन की तरफ से गोशाला निर्माण की मूल पत्रावली की तलाश शुरू की गई तो नगर पंचायत कार्यालय से पत्रावली नदारद मिली। उस पत्रावली को लेकर नगर पंचायत के अधिकारियों, कर्मचारियों व अध्यक्ष द्वारा एक-दूसरे पर पत्रावली गायब करने का आरोप लगाया जाने लगा। इस संबंध में पिछले दिनों इकौना थाने में नगर पंचायत अध्यक्ष व कर्मचारियों की पंचायत हुई जिसमें कर्मचारियों ने पत्रावली अध्यक्ष के पास होने तथा अध्यक्ष द्वारा पत्रावली कर्मचारियों के पास होने का आरोप लगाया गया।
काफी दिनों बाद भी पत्रावली न मिलने से नगर पंचायत प्रशासक शिवध्यान पांडेय की तरफ से थाना इकौना में अध्यक्ष जीतेंद्र कुमार गुप्ता व उनके रिश्तेदार (साले) रामप्रताप गुप्ता, अधिशाषी अधिकारी प्रेमनाथ, लिपिक ज्योत्सना श्रीवास्तव, भगतराम यादव, सेवानिवृत्त लिपिक इशरत हुसैन व चपरासी महात्मा प्रसाद के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। केस दर्ज होने के बाद नगर पंचायत में हड़कंप मचा हुआ है।
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गौरतलब है कि नगर पंचायत इकौना के मोहल्ला गौतम नगर में वर्ष 20016-17 में कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत आदर्श गोशाला का निर्माण कराया गया था। इस गोशाला के निर्माण कार्य को लेकर सभासदों ने सासन व मंडलायुक्त के यहां शिकायत दर्ज कराई थी। मंडलायुक्त की जांच में लगभग 58 लाख रुपये के घोटाले की पुष्टि हुई थी।
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मंडलायुक्त ने घोटाले की रकम नगर पंचायत अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी समेत अन्य जिम्मेदारों से वसूल करने के आदेश दिए थे। वसूली न होने पर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे। मंडलायुक्त के आदेश के विरुद्ध नगर पंचायत अध्यक्ष ने माननीय उच्च न्यायालय में गुहार लगाई।
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इसी दौरान जिला प्रशासन की तरफ से गोशाला निर्माण की मूल पत्रावली की तलाश शुरू की गई तो नगर पंचायत कार्यालय से पत्रावली नदारद मिली। उस पत्रावली को लेकर नगर पंचायत के अधिकारियों, कर्मचारियों व अध्यक्ष द्वारा एक-दूसरे पर पत्रावली गायब करने का आरोप लगाया जाने लगा। इस संबंध में पिछले दिनों इकौना थाने में नगर पंचायत अध्यक्ष व कर्मचारियों की पंचायत हुई जिसमें कर्मचारियों ने पत्रावली अध्यक्ष के पास होने तथा अध्यक्ष द्वारा पत्रावली कर्मचारियों के पास होने का आरोप लगाया गया।
काफी दिनों बाद भी पत्रावली न मिलने से नगर पंचायत प्रशासक शिवध्यान पांडेय की तरफ से थाना इकौना में अध्यक्ष जीतेंद्र कुमार गुप्ता व उनके रिश्तेदार (साले) रामप्रताप गुप्ता, अधिशाषी अधिकारी प्रेमनाथ, लिपिक ज्योत्सना श्रीवास्तव, भगतराम यादव, सेवानिवृत्त लिपिक इशरत हुसैन व चपरासी महात्मा प्रसाद के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। केस दर्ज होने के बाद नगर पंचायत में हड़कंप मचा हुआ है।