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पेट्रोल भराने दिन में चार बार जा रहे नेपाल

Thu, 28 Oct 2021 11:00 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 11:00 PM IST
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श्रावस्ती। नेपाल में डीजल और पेट्रोल सस्ता मिलने के कारण पड़ोसी देश से अब इसकी तस्करी शुरू हो गई है। तस्कर नेपाल से डीजल-पेट्रोल भारत में लाने के लिए कई नायाब तरीके निकाल रहे हैं। इसमें सबसे प्रचलित और आसान तरीका अपने वाहनों में पेट्रोल भरा कर लाना है। जानकारों के मुताबिक तस्कर दिन में तीन से चार राउंड अपनी कार व अन्य वाहनों को लेकर नेपाल जाते हैं। वहां से पेट्रोल व डीजल टंकी फुल कराकर वापस आते हैं। यहां इस तेल को निकाल कर बेच दिया जाता है। औसतन 200 लीटर डीजल व पेट्रोल प्रति व्यक्ति तस्करी करके नेपाल से भारत में इन दिनों ला रहा है। भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में यह हाथों हाथ बिक जाता है।
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ऐसे ही दिन भर में तीन से चार राउंड लोग लगाते हैं। हालांकि इस तरह की तस्करी श्रावस्ती में नहीं होती। इसका कारण है कि श्रावस्ती से नेपाल आने जाने के लिए कोई अधिकृत मार्ग नहीं है। यहां पगडंडी व गैर पारंपरिक रास्ते ही हैं। जो नेपाल से भारत में आवागमन के लिए जुड़े हैं। इस तरह की तस्करी का मुख्य केंद्र बहराइच का रुपईडिहा बार्डर है। जिसका प्रभाव श्रावस्ती के जमुनहा क्षेत्र तक पड़ता है। नेपाल से भारत में पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी का फिलहाल प्रमुख माध्यम नेपाल में वाहन ले जाकर वहां तेल भरा कर वापस आना है।
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इसका कारण है कि नेपाल में वाहन प्रवेश के लिए यदि दिन भर में ही वापसी करना है तो केवल सीमा पर इंट्री (लाल पुर्जा भरना) कराना आवश्यक है। इसके लिए एक प्रपत्र भर कर उसकी एक कापी मिल जाती है। इसके बाद इसी प्रपत्र से दिन भर आसानी से आ जा सकते हैं। यही स्थिति भारत सीमा पर भी है। यहां एसएसबी केवल वाहनों के नंबर की इंट्री करके जाने देती है। दूसरा माध्यम पगडंडी के रास्ते हैं। जहां गैलेन से भर कर कैरियर के माध्यम से डीजल पेट्रोल की तस्करी होती है।
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श्रावस्ती में पेट्रोल 104.58 रुपये तथा डीजल 96.77 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। नेपाल में पेट्रोल 81 रुपये और डीजल 70.60 रुपये (भारतीय मुद्रा) के हिसाब से मिल रहा है। दोनों देशों में कीमतों में भारी अंतर के कारण नेपाल से इसकी तस्करी तेज हो गई है। भारत द्वारा नेपाल को डीजल व पेट्रोल दिया जाता है। भारत से नेपाल तेल रिफाइन होकर जाता है। भारत केवल रिफाइनरी शुल्क ही लेता है। इंडियन आयल कार्पोरेशन खरीद मूल्य पर भी तेल देता है। भारत में जो भी तेल बिकता है, उस पर पहले केंद्र सरकार की 12 फीसदी एक्साइज ड्यूटी, फिर प्रदेश सरकार द्वारा 26 फीसदी स्पेशल वैट, 13 प्रतिशत इंट्री टैक्स लिया जाता है। इसके साथ ही तीन रुपये डीलर का कमीशन भी भुगतान करना पड़ता है। नेपाल में केवल एक टैक्स ही देना पड़ता है।
भारत के सीमावर्ती नेपाली क्षेत्र में लगे पेट्रोल पंपों पर इस समय बिक्री सामान्य दिनों की अपेक्षा 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़ी है। इसके दो कारण हैं कि एक तो भारत से वाहन लेकर नेपाल आने वाले लोग अपने वाहन में डीजल व पेट्रोल भरा रहे हैं, कुछ लोग गैलन में भी तेल लेते हैं। इस तेल का क्या उपयोग हो रहा है, फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।

- नंद लाल वैश्य, अध्यक्ष नेपालगंज उद्योग वाणिज्यिक संघ।
भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। श्रावस्ती सीमा पर गैर पारंपरिकरास्तों से आने जाने वालों की जांच पड़ताल करके ही आने की अनुमति है। पगडंडी रास्तों पर भी नियमित गश्त पुलिस व एसएसबी के जवान कर रहे हैं। पेट्रोल व डीजल की तस्करी पर हर हाल में अंकुश लगाया जाएगा।
- बीसी दुबे एएसपी।
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