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Shravasti News: गलत आय प्रमाणपत्र से नौकरी लेने का आरोप
Mon, 30 Mar 2026 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Mon, 30 Mar 2026 11:48 PM IST
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श्रावस्ती। बेड़सरा गांव निवासी लक्ष्मी देवी ने डीएम को शिकायती पत्र देकर आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में धांधली का आरोप लगाया है। लक्ष्मी ने लेखपाल से सांठगांठ कर गलत आय प्रमाणपत्र पर नौकरी हासिल करने का आरोप लगाते हुए डीएम से मामले की जांच करवाने की मांग की है।
लक्ष्मी देवी ने बताया कि उन्होंने आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए आवेदन किया था। उनके साथ गांव निवासी रीता देवी ने भी आवेदन किया था। रीता देवी मेरिट सूची में दूसरे नंबर पर थीं, लेकिन जिला कार्यक्रम अधिकारी ने रीता देवी के आय प्रमाणपत्र को आधार बनाकर उन्हें चयनित कर लिया।
लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि रीता का आय प्रमाणपत्र लेखपाल से सांठगांठ कर बनवाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रीता के ससुर के नाम 40 बीघे से अधिक कृषि योग्य जमीन है और उनके तीन बेटे हैं। ऐसे में एक बेटे के हिस्से में 13 बीघे से अधिक जमीन आएगी। राशन कार्ड में भी वे संयुक्त परिवार के तौर पर दर्ज हैं, जबकि उनके ससुर के नाम 10 बीघे जमीन है और उनके पति तीन भाई हैं।
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वहीं उनके पति व उनके भाइयों के नाम ढाई-ढाई बीघे जमीन है। ऐसे में उनके पति व भाइयों के हिस्से में लगभग छह बीघा जमीन थी, जिसमें 12 बीघा राप्ती नदी में कटान की भेंट चढ़ चुकी है। पूरा परिवार छह बीघा जमीन के सहारे जीवनयापन कर रहा है।
बावजूद इसके उनका आय प्रमाणपत्र रीता देवी से अधिक का बना दिया गया और उसी के आधार पर मेरिट अधिक होने के बाद भी उनका चयन नहीं किया गया। महिला की शिकायत पर डीएम अश्वनी कुमार पांडेय ने प्रकरण की जांच सीडीओ शाहिद अहमद से शुरू करवा दी है।
लक्ष्मी देवी ने बताया कि उन्होंने आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए आवेदन किया था। उनके साथ गांव निवासी रीता देवी ने भी आवेदन किया था। रीता देवी मेरिट सूची में दूसरे नंबर पर थीं, लेकिन जिला कार्यक्रम अधिकारी ने रीता देवी के आय प्रमाणपत्र को आधार बनाकर उन्हें चयनित कर लिया।
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लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि रीता का आय प्रमाणपत्र लेखपाल से सांठगांठ कर बनवाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रीता के ससुर के नाम 40 बीघे से अधिक कृषि योग्य जमीन है और उनके तीन बेटे हैं। ऐसे में एक बेटे के हिस्से में 13 बीघे से अधिक जमीन आएगी। राशन कार्ड में भी वे संयुक्त परिवार के तौर पर दर्ज हैं, जबकि उनके ससुर के नाम 10 बीघे जमीन है और उनके पति तीन भाई हैं।
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वहीं उनके पति व उनके भाइयों के नाम ढाई-ढाई बीघे जमीन है। ऐसे में उनके पति व भाइयों के हिस्से में लगभग छह बीघा जमीन थी, जिसमें 12 बीघा राप्ती नदी में कटान की भेंट चढ़ चुकी है। पूरा परिवार छह बीघा जमीन के सहारे जीवनयापन कर रहा है।
बावजूद इसके उनका आय प्रमाणपत्र रीता देवी से अधिक का बना दिया गया और उसी के आधार पर मेरिट अधिक होने के बाद भी उनका चयन नहीं किया गया। महिला की शिकायत पर डीएम अश्वनी कुमार पांडेय ने प्रकरण की जांच सीडीओ शाहिद अहमद से शुरू करवा दी है।