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लापरवाही पर बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि
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श्रावस्ती। परिषदीय विद्यालयों का हाल जिले में ठीक नहीं है। इसका खुलासा डीएम की जांच में भी हो रहा है। डीएम ने गुरुवार को जमुनहा के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय नासिरगंज का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में कुछ बच्चों को पुस्तकें मिलने तो कुछ को नहीं मिलने की जानकारी हुई। उन्हें एक कक्ष में विगत वर्ष के स्वेटर भी रखे मिले। इस पर डीएम ने बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्ट देने का निर्देश देते हुए जवाब तलब किया है। वहीं बीएसए से विगत वर्ष ड्रेस वितरण व पाठ्य पुस्तक वितरण का ब्योरा तलब किया है।
डीएम ओपी आर्य गुरुवार को सीडीओ अवनीश राय व एडीएम योगानंद पांडेय के साथ जमुनहा के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय नासिरगंज पहुंचे। इस दौरान डीएम ने वहां मौजूद एनपीआरसी दिनेश कुमार मिश्रा से पाठ्य पुस्तकों के वितरण का ब्योरा मांगा तो वह कोई जानकारी नहीं दे सके।
डीएम ने जब विगत वर्ष बच्चों को वितरित की गई पाठ्य पुस्तक व ड्रेस वितरण की जानकारी मांगी तो वह इसकी भी कोई जानकारी न दे सके। इस पर डीएम ने विद्यालयों के प्रधान अध्यापकों को फटकार लगाई। उन्होंने बीईओ की ओर से विद्यालयों की मॉनीटियरिंग ठीक ढंग से न किए जाने पर उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया है।
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इस दौरान उन्होंने देखा कि कक्षा 1 में पंजीकृत 42 बच्चे के सापेक्ष केवल 30 बच्चों को ही पुस्तक वितरण किया गया है। कक्षा 2 में 49 के सापेक्ष 28 को, 03 में 47 के सापेक्ष 23 को, 04 में 34 के सापेक्ष 08 को, 05 में 32 के सापेक्ष 15 को, 06 में 63 के सापेक्ष 31 को, 07 में 52 के सापेक्ष 14 को तथा कक्षा 08 में 31 के सापेक्ष केवल 14 बच्चों को ही पाठ्य पुस्तक वितरण किया गया है।
इस पर डीएम ने एनपीआरसी को फटकार लगाते हुए शत प्रतिशत बच्चों को पाठ्य पुस्तक वितरण करने का निर्देश दिया। स्टोर रूम में रखी एक आलमारी में उन्हें विगत वर्ष वितरण के लिए आए तीस स्वेटर रखे मिले। इस पर डीएम ने बीईओ से स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं बीएसए से विगत वर्ष ड्रेस व पाठ्य पुस्तक वितरण का ब्योरा तलब किया है।
वहीं विद्यालय में मौजूद बच्चों से ब्लैक बोर्ड पर लिखी अंग्रेजी वर्णमाला पढ़वाया। जिसे बच्चे पढ़कर नहीं सुना सके। इस पर डीएम ने विद्यालयों के शिक्षकों को दो माह में शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया। इस दौरान मौजूद अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता भी परखी। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय में प्रसाधन, पेयजल का भी निरीक्षण किया। जहां पानी की दिक्कत होने पर जली मोटर को तत्काल लगवाने को कहा। इस दौरान अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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डीएम ओपी आर्य गुरुवार को सीडीओ अवनीश राय व एडीएम योगानंद पांडेय के साथ जमुनहा के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय नासिरगंज पहुंचे। इस दौरान डीएम ने वहां मौजूद एनपीआरसी दिनेश कुमार मिश्रा से पाठ्य पुस्तकों के वितरण का ब्योरा मांगा तो वह कोई जानकारी नहीं दे सके।
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डीएम ने जब विगत वर्ष बच्चों को वितरित की गई पाठ्य पुस्तक व ड्रेस वितरण की जानकारी मांगी तो वह इसकी भी कोई जानकारी न दे सके। इस पर डीएम ने विद्यालयों के प्रधान अध्यापकों को फटकार लगाई। उन्होंने बीईओ की ओर से विद्यालयों की मॉनीटियरिंग ठीक ढंग से न किए जाने पर उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया है।
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इस दौरान उन्होंने देखा कि कक्षा 1 में पंजीकृत 42 बच्चे के सापेक्ष केवल 30 बच्चों को ही पुस्तक वितरण किया गया है। कक्षा 2 में 49 के सापेक्ष 28 को, 03 में 47 के सापेक्ष 23 को, 04 में 34 के सापेक्ष 08 को, 05 में 32 के सापेक्ष 15 को, 06 में 63 के सापेक्ष 31 को, 07 में 52 के सापेक्ष 14 को तथा कक्षा 08 में 31 के सापेक्ष केवल 14 बच्चों को ही पाठ्य पुस्तक वितरण किया गया है।
इस पर डीएम ने एनपीआरसी को फटकार लगाते हुए शत प्रतिशत बच्चों को पाठ्य पुस्तक वितरण करने का निर्देश दिया। स्टोर रूम में रखी एक आलमारी में उन्हें विगत वर्ष वितरण के लिए आए तीस स्वेटर रखे मिले। इस पर डीएम ने बीईओ से स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं बीएसए से विगत वर्ष ड्रेस व पाठ्य पुस्तक वितरण का ब्योरा तलब किया है।
वहीं विद्यालय में मौजूद बच्चों से ब्लैक बोर्ड पर लिखी अंग्रेजी वर्णमाला पढ़वाया। जिसे बच्चे पढ़कर नहीं सुना सके। इस पर डीएम ने विद्यालयों के शिक्षकों को दो माह में शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया। इस दौरान मौजूद अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता भी परखी। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय में प्रसाधन, पेयजल का भी निरीक्षण किया। जहां पानी की दिक्कत होने पर जली मोटर को तत्काल लगवाने को कहा। इस दौरान अन्य अधिकारी मौजूद रहे।