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शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ेंगे 80 दिव्यांग बच्चे
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श्रावस्ती। दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के होम बेस्ड एजूकेशन कार्यक्रम चलाया जाएगा। शासन की ओर से प्रथम चरण में प्रदेश के देवीपाटन मंडल में सभी चारों जिलों को चुना गया है। इसमें होम बेस्ड एजूकेशन कार्यक्रम को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जाएगा।
यह बातें शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओंमकार राणा ने राज्य परियोजना कार्यालय में आयोजित प्रशिक्षण में कही। वहीं प्रशिक्षक आरएन सिंह ने बताया कि जो बच्चे सेरेब्रल पाल्सी, बहु दिव्यांग, गंभीर अस्थि रोग आदि से पीड़ित हैं, जिसकी वजह से वह विद्यालय की शिक्षा से वंचित हैं, उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
ऐसे बच्चों के साथ यह भी समस्या है कि इनके अभिभावक भी इन्हें इनकी दिव्यांगता के कारण विद्यालय नहीं पहुंचा सकते। इसलिए यह बच्चे जीवन भर शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ नहीं पाते हैं। जिले में इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए 80 बच्चों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ जिले में कार्यरत विशेष शिक्षक उनके घर जाकर पठन पाठन का कार्य करेंगे।
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गंभीर दिव्यांग बच्चों के चिन्हीकरण का कार्य जिला समन्वयक अजीत कुमार उपाध्याय एवं एक्शन एड संस्था के द्वारा कराया जा रहा है। अक्तूबर से होम बेस्ड एजूकेशन का कार्य आरंभ होगा। इसके लिए 25 लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
जिसमें गंभीर प्रकृति के दिव्यांग बच्चों के चिन्हीकरण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। सर्वेक्षण के बाद इन बच्चों का विवरण शारदा पोर्टल पर भरे जाने की भी जानकारी प्रदान दी गयी। प्रशिक्षण में सौरभ शुुक्ल, सपना सोनी, अनूप श्रीवास्तव, गुलिस्ता सहित 20 वालंटियर मौजूद रहे।
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यह बातें शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओंमकार राणा ने राज्य परियोजना कार्यालय में आयोजित प्रशिक्षण में कही। वहीं प्रशिक्षक आरएन सिंह ने बताया कि जो बच्चे सेरेब्रल पाल्सी, बहु दिव्यांग, गंभीर अस्थि रोग आदि से पीड़ित हैं, जिसकी वजह से वह विद्यालय की शिक्षा से वंचित हैं, उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
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ऐसे बच्चों के साथ यह भी समस्या है कि इनके अभिभावक भी इन्हें इनकी दिव्यांगता के कारण विद्यालय नहीं पहुंचा सकते। इसलिए यह बच्चे जीवन भर शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ नहीं पाते हैं। जिले में इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए 80 बच्चों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ जिले में कार्यरत विशेष शिक्षक उनके घर जाकर पठन पाठन का कार्य करेंगे।
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गंभीर दिव्यांग बच्चों के चिन्हीकरण का कार्य जिला समन्वयक अजीत कुमार उपाध्याय एवं एक्शन एड संस्था के द्वारा कराया जा रहा है। अक्तूबर से होम बेस्ड एजूकेशन का कार्य आरंभ होगा। इसके लिए 25 लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
जिसमें गंभीर प्रकृति के दिव्यांग बच्चों के चिन्हीकरण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। सर्वेक्षण के बाद इन बच्चों का विवरण शारदा पोर्टल पर भरे जाने की भी जानकारी प्रदान दी गयी। प्रशिक्षण में सौरभ शुुक्ल, सपना सोनी, अनूप श्रीवास्तव, गुलिस्ता सहित 20 वालंटियर मौजूद रहे।