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सुलह-समझौता से करें वादों का निपटारा
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श्रावस्ती। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बुधवार को भिनगा कोतवाली क्षेत्र के सेमरी चकपिहानी गांव में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
इसमें मौजूद लोगों को किशोर अपराध, घरेलू हिंसा व महिला संवेदन शीलता सहित आगामी दिनों में होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर की। उन्होंने कहा कि आपसी सुलह समझौते के आधार पर वादों का निपटारा किया जाए।
शिविर में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व सिविल जज शैलेश पांडेय ने कहा कि महिलाओं से संबंधित विभिन्न कानूनों के प्रति जागरूकता जरूरी है।
उन्होंने घरेलू हिंसा व बाल विवाह, आपराधिक संशोधन अधिनियम के बारे में जानकारी दी। साथ ही महिलाओं के कल्याण कार्यक्रमों, योजनाओं के प्रचार प्रसार पर बल देते हुए कोर ग्रुप की स्थापना कर जनप्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल करने की सलाह दी।
नौ मार्च को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने न्यायालय का सहारा लेने से पूर्व मामलों को आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित करने की सलाह दी।
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तहसीलदार भिनगा राज कुमार पांडेय ने लैंगिक शोषण, नाबालिग अपराध के बारे में जानकारी दी। महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने तथा शिकायतों के निस्तारण से संबंधित व्यवहारिक जानकारी दी।
सीओ भिनगा डॉ. जंग बहादुर यादव ने सुलह समझौते के लाभ के बारे में बताया। शिविर को अधिवक्ता राम चंदर वर्मा, एसआई पवन कनौजिया, अनूप कुमार, प्रमोद मिश्र लेखपाल ने भी संबोधित किया।
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इसमें मौजूद लोगों को किशोर अपराध, घरेलू हिंसा व महिला संवेदन शीलता सहित आगामी दिनों में होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर की। उन्होंने कहा कि आपसी सुलह समझौते के आधार पर वादों का निपटारा किया जाए।
शिविर में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व सिविल जज शैलेश पांडेय ने कहा कि महिलाओं से संबंधित विभिन्न कानूनों के प्रति जागरूकता जरूरी है।
उन्होंने घरेलू हिंसा व बाल विवाह, आपराधिक संशोधन अधिनियम के बारे में जानकारी दी। साथ ही महिलाओं के कल्याण कार्यक्रमों, योजनाओं के प्रचार प्रसार पर बल देते हुए कोर ग्रुप की स्थापना कर जनप्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल करने की सलाह दी।
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नौ मार्च को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने न्यायालय का सहारा लेने से पूर्व मामलों को आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित करने की सलाह दी।
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तहसीलदार भिनगा राज कुमार पांडेय ने लैंगिक शोषण, नाबालिग अपराध के बारे में जानकारी दी। महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने तथा शिकायतों के निस्तारण से संबंधित व्यवहारिक जानकारी दी।
सीओ भिनगा डॉ. जंग बहादुर यादव ने सुलह समझौते के लाभ के बारे में बताया। शिविर को अधिवक्ता राम चंदर वर्मा, एसआई पवन कनौजिया, अनूप कुमार, प्रमोद मिश्र लेखपाल ने भी संबोधित किया।