{"_id":"5c42106abdec2273ac45d636","slug":"71547833450-shravasti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नमसा में घोटाले के बाद बढ़ी उप निदेशक कृषि की मुसीबतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नमसा में घोटाले के बाद बढ़ी उप निदेशक कृषि की मुसीबतें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रावस्ती। भूमि संरक्षण कृषि विभाग की नमसा योजना में घोटाले के बाद उप निदेशक कृषि की मुसीबतें बढ़ गई हैं। पहले जहां घोटाले में भुगतान में आरोपित किए गए, वहीं अब डीएम ने उनसे छह माह का कार्य विवरण तलब किया है। कार्य विवरण न देने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति पत्र भेजने की चेतावनी दी है।
नमसा योजना में तात्कालिक भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. राजेश कुमार के साथ उप निदेशक कृषि जसपाल भी भुगतान करने के मामले में आरोपित किए गए थे। इस मामले में डीएम ने पहले ही अपर मुख्य सचिव को अर्द्ध शासकीय पत्र लिख कर आरोपियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही थी। वहीं डीएम ने पंद्रह जनवरी को उप निदेशक कृषि जसपाल को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि उनकी ओर से अपने दायित्वों के निर्वहन में पर्याप्त रुचि नहीं ली जा रही है।
इसके साथ ही शासकीय कार्यों के संपादन में शिथिलता व लापरवाही बरती जा रही है। उनसे विगत छह माह में किए गए अधीनस्थ कार्यालयों का निरीक्षण व अनुपालन आख्या की छाया प्रति के साथ ही छह माह के दौरान उर्वरक बीज के कितने प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण करने का विवरण तलब किया गया है।
विज्ञापन
पत्र में उन्होंने निरीक्षण में किस प्रकार की कार्रवाई की, शासन की ओर से संचालित विभिन्न लाभार्थी परक योजनाओं में अपेक्षित प्रगति प्राप्त करने के संबंध में की गई कार्रवाई व उसका विवरण तथा कृषि विभाग में सेवानिवृत्त व मृत्यु कर्मियों के सेवानिवृत्त देयों के भुगतान का क्रमवार विवरण के साथ ही छह माह में डीएम कार्यालय की ओर से ली गई विभागीय बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार स्थिति मांगी है।
इसके साथ ही यह भी कहा है कि यदि तीन दिन के अंदर रिपोर्ट नहीं दी जाती है तो यह माना जाएगा कि आपको इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। ऐसे में आपके विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। डीएम के इस कड़े रुख के बाद पूरे विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
विज्ञापन
नमसा योजना में तात्कालिक भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. राजेश कुमार के साथ उप निदेशक कृषि जसपाल भी भुगतान करने के मामले में आरोपित किए गए थे। इस मामले में डीएम ने पहले ही अपर मुख्य सचिव को अर्द्ध शासकीय पत्र लिख कर आरोपियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही थी। वहीं डीएम ने पंद्रह जनवरी को उप निदेशक कृषि जसपाल को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि उनकी ओर से अपने दायित्वों के निर्वहन में पर्याप्त रुचि नहीं ली जा रही है।
विज्ञापन
इसके साथ ही शासकीय कार्यों के संपादन में शिथिलता व लापरवाही बरती जा रही है। उनसे विगत छह माह में किए गए अधीनस्थ कार्यालयों का निरीक्षण व अनुपालन आख्या की छाया प्रति के साथ ही छह माह के दौरान उर्वरक बीज के कितने प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण करने का विवरण तलब किया गया है।
विज्ञापन
पत्र में उन्होंने निरीक्षण में किस प्रकार की कार्रवाई की, शासन की ओर से संचालित विभिन्न लाभार्थी परक योजनाओं में अपेक्षित प्रगति प्राप्त करने के संबंध में की गई कार्रवाई व उसका विवरण तथा कृषि विभाग में सेवानिवृत्त व मृत्यु कर्मियों के सेवानिवृत्त देयों के भुगतान का क्रमवार विवरण के साथ ही छह माह में डीएम कार्यालय की ओर से ली गई विभागीय बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार स्थिति मांगी है।
इसके साथ ही यह भी कहा है कि यदि तीन दिन के अंदर रिपोर्ट नहीं दी जाती है तो यह माना जाएगा कि आपको इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। ऐसे में आपके विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। डीएम के इस कड़े रुख के बाद पूरे विभाग में हड़कंप की स्थिति है।