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तिलकपुर तटबंध कटा, एक की मौत, चार को ग्रामीणों ने बचाया
Updated Mon, 14 Aug 2017 10:04 PM IST
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श्रावस्ती। राप्ती नदी ने सोमवार सुबह तिलकपुर तटबंध को भकला पुल के पास काट दिया। जिससे बाढ़ का पानी भिनगा की ओर बढ़ने लगा है। वहीं डेहरिया गांव के पास मवेशी बचाने गए एक युवक की डूबने से मौत हो गई। जबकि मोहम्मदीपुरवा, अशरफ नगर व परसा गांव के पास ग्रामीणों ने नदी में बहकर आ रहे चार लोगों को बाहर निकालकर उनकी जान बचाई। इस समय इकौना सहित अन्य क्षेत्रों के 122 गांवों में राप्ती अपना तांडव कर रही है।
राप्ती नदी जिले के सभी हिस्सों में अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है। लेकिन जमुनहा के सात-आठ गांवों में राप्ती नदी का पानी कुछ कम हुआ है। जिसके चलते लोगों ने राहत की सांस ली है। जबकि हरिहरपुररानी व इकौना में राप्ती नदी का तांडव अभी भी चरम पर है। सोमवार सुबह राप्ती ने भकला घाट के पास पुराने तटबंध को लगभग 20 से 25 मीटर काट दिया। जिसके चलते राप्ती नदी की मुख्य धारा का पानी सीधे भिनगा की ओर अपना रुख कर दिया है। आशंका जताई जा रही है कि यदि कटान की स्थिति नहीं सुधरी तो देर रात तक भंगहा मोड़ तिलकपुर मार्ग भी कट सकता है। जिससे राप्ती नदी का पानी सीधे जिला मुख्यालय में पहुंच सकता है। जबकि डेहरिया गांव के निकट राप्ती ने रविवार देर शाम मवेशियों को निकालने गए बनवारी (30) पुत्र बहादुर की नदी में डूबने से मौत हो गई। जबकि ककरदरी निवासी कुन्ने जो परसा गांव के निकट नदी में बहकर जा रहा था, उसे बाढ़ देखने गए ग्रामीणों ने रस्से में फेंसा कर बाहर निकाल अस्पताल पहुंचाया। ऐसे ही मोहम्मदीपुरवा के पास नेपाल की ओर से बहकर आने वाले ननके लोनिया व गोपाल लोनिया व अशरफा के पास ग्रामीणों ने गोली को नदी से बाहर निकाला। जिनका इलाज चल रहा है। वहीं दूसरी ओर इकौना क्षेत्र में राप्ती का कहर लोगों पर टूट रहा है। यहां के डिंगुराजोत के मजरा जिवनारायनपुरवा जहां सोमवार को मुख्यमंत्री को जाना था। वहां पांच से छह फिट पानी भरा होने के कारण उनका कार्यक्रम रद्द हो गया। ऐसे ही मनिकौरा कोड़री, खरकहिया, नीबाभारी, रामपुर त्रिभौना, लालपुर लोहरातारा, चक्र भंडार, खरगौरा बनेश, नारायणपुर, मध्यनगर, राजगढ़ गुलहरिया, भुतहा, लैबुड़वा, मनिका कोट, भवानीनगर, मनोहरापुर का है। भिनगा के वीरपुर, हरिहरपुर महराजनगर, भंगहा सहित लगभग 122 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
सरयू नहर भी कर रही तांडव
बहराइच के सरयू नहर का एक तटबंध टूटने के कारण उसका पानी श्रावस्ती के सरयू योजक नहरों में भी पहुंच रहा है। पानी आने की सूचना के बाद सिंचाई विभाग ने रविवार रात को ही सभी शटर खोल दिया था। जिसके चलते सोमवार सुबह नहर अपने खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी। जबकि नहर तुलसीपुर के पास गलगल कोटिया गांव के निकट एक तट को काट रही है। जिसे ग्रामीण बचाने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके तक नहीं पहुंचा।
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चार दिन से छत पर कर रहे राहत का इंतजार
सर्रा व नीबाभारी सहित कई गांवों में अभी भी आने जताने का रास्ता मात्र मोटर बोट ही है। इसके बाद भी इन गांव में राहत सामग्री नहीं पहुंच पाई। तहसील प्रशासन द्वारा राहत सामग्री केवल उन्हीं स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है जाहां साधन आ जा सकते हों। जबकि कई गांवों में नीचे लोगों के घरों में पानी भरा है। ऊपर से भारी बरसात हों रही है। लकड़ी अनाज जो कुछ भी था वह सब खराब हो चुका है। इसके बाद भी उन तक राहत नहीं पहुंच सकी है।
मोटर बोट खराब
लक्ष्मननगर के पास बाढ़ राहत के लिए आया मोटर बोट खराब हो गया। जिसके चलते बचाव कार्य इस क्षेत्र में बाधित रहा। वहीं भारी बरसात के कारण भिनगा लक्ष्मनपुर, भिनगा तेंदुआ, जमुनहा बैरियर से कथरा माफी, बराव व बरंगा, हसनापुर सलारूपुरवा, घाटेपुरवा, गजोबरी सहित कई मार्गों पर पानी भरा होने के कारण आवागमन बाधित है।
बरसात व बाढ़ से ढहे मकान
राप्ती नदी की विभीषिका व अतिप्लावन के कारण कच्चे व फूस के मकानों के गिरने का सिलसिला चल पड़ा है। अतिप्लावन के कारण नेवरिया मोड़ पर भूपविक्रम पुत्र रामप्रसाद व अर्जुन पुत्र सिपाही लाल के पक्के मकान की दीवार ढह गई। जबकि जमुनहा के वीरपुर में कई लोगों के कच्चे मकान व फूस के मड़हे बाढ़ की भेंट चढ़ गए।
बाढ़ का पानी देखने गए तीन किशोर डूबे, बाल-बाल बचे
इकौना (श्रावस्ती)। इकौना बाजार निवासी सुंदरम त्रिपाठी (15) पुत्र मुन्ना त्रिपाठी सोमवार को अपनी मोटर साइकिल से बाढ़ का पानी देखने निकला था। इस दौरान उसके साथ बाजार निवासी अनुराग मिश्रा (16) पुत्र विजय मिश्रा व अभिषेंक यादव (16) पुत्र नानबाबू यादव भी थे। जैसे ही सुंदरम महादा गांव के निकट पहुंचा मोटर साइकिल अनियंत्रित हो मार्ग किनारे खड्ड में जा गिरी। आसपास मौजूद लोगों ने सुंदरम, अभिषेक व अनुराग को पानी से बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची इकौना पुलिस ने तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना पहुंचाया गया। वहीं चिकित्सकों ने अनुराग की हालत गंभीर होने के कारण उसका प्राथमिक उपचार कर उसे जिला अस्पताल बहराइच रेफर कर दिया है। जबकि दो अन्य का इलाज सीएचसी इकौना में चल रहा है।
बाढ़ में फंसी गर्भवती महिला, पति ने लगाई मदद की गुहार
श्रावस्ती। गिलौला के नकहा धर्मनगर निवासी ननके यादव की पत्नी उर्मिला देवी गर्भवती है। बाढ़ में फंसे होने के कारण ननके व उसकी पत्नी उर्मिला भयभीत हैं। ऐसे में ननके ने उप जिलाधिकारी जमुनहा राजकुमार से फोन पर मददद की गुहार लगाई है। वहीं इस संबंध में एसडीएम जमुनहा का कहना है कि मुख्य मार्ग पर 108 एंबुलेंस बुलाई जा चुकी है। एसएसबी व एनडीआरएफ के जवान पीड़ित परिवार को लेकर आने वाले हैं। जिन्हें सीधे एंबुलेंस से भिनगा भेजा जाएगा।
वर्जन
नहर में अचानक अत्यधिक पानी आ जाने के कारण संभव है गलगल कोटिया गांव के निकट कटान हो रही है। संबंधित अवर अभियंता को तत्काल इसकी सूचना देकर मौके पर भेजा जाएगा। जिनके द्वारा मौके पर जाकर उचित प्रबंध किए जाएंगे।
-अजय कुमार अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड छह/जिला बाढ़ नोडल अधिकारी
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राप्ती नदी जिले के सभी हिस्सों में अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है। लेकिन जमुनहा के सात-आठ गांवों में राप्ती नदी का पानी कुछ कम हुआ है। जिसके चलते लोगों ने राहत की सांस ली है। जबकि हरिहरपुररानी व इकौना में राप्ती नदी का तांडव अभी भी चरम पर है। सोमवार सुबह राप्ती ने भकला घाट के पास पुराने तटबंध को लगभग 20 से 25 मीटर काट दिया। जिसके चलते राप्ती नदी की मुख्य धारा का पानी सीधे भिनगा की ओर अपना रुख कर दिया है। आशंका जताई जा रही है कि यदि कटान की स्थिति नहीं सुधरी तो देर रात तक भंगहा मोड़ तिलकपुर मार्ग भी कट सकता है। जिससे राप्ती नदी का पानी सीधे जिला मुख्यालय में पहुंच सकता है। जबकि डेहरिया गांव के निकट राप्ती ने रविवार देर शाम मवेशियों को निकालने गए बनवारी (30) पुत्र बहादुर की नदी में डूबने से मौत हो गई। जबकि ककरदरी निवासी कुन्ने जो परसा गांव के निकट नदी में बहकर जा रहा था, उसे बाढ़ देखने गए ग्रामीणों ने रस्से में फेंसा कर बाहर निकाल अस्पताल पहुंचाया। ऐसे ही मोहम्मदीपुरवा के पास नेपाल की ओर से बहकर आने वाले ननके लोनिया व गोपाल लोनिया व अशरफा के पास ग्रामीणों ने गोली को नदी से बाहर निकाला। जिनका इलाज चल रहा है। वहीं दूसरी ओर इकौना क्षेत्र में राप्ती का कहर लोगों पर टूट रहा है। यहां के डिंगुराजोत के मजरा जिवनारायनपुरवा जहां सोमवार को मुख्यमंत्री को जाना था। वहां पांच से छह फिट पानी भरा होने के कारण उनका कार्यक्रम रद्द हो गया। ऐसे ही मनिकौरा कोड़री, खरकहिया, नीबाभारी, रामपुर त्रिभौना, लालपुर लोहरातारा, चक्र भंडार, खरगौरा बनेश, नारायणपुर, मध्यनगर, राजगढ़ गुलहरिया, भुतहा, लैबुड़वा, मनिका कोट, भवानीनगर, मनोहरापुर का है। भिनगा के वीरपुर, हरिहरपुर महराजनगर, भंगहा सहित लगभग 122 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
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सरयू नहर भी कर रही तांडव
बहराइच के सरयू नहर का एक तटबंध टूटने के कारण उसका पानी श्रावस्ती के सरयू योजक नहरों में भी पहुंच रहा है। पानी आने की सूचना के बाद सिंचाई विभाग ने रविवार रात को ही सभी शटर खोल दिया था। जिसके चलते सोमवार सुबह नहर अपने खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी। जबकि नहर तुलसीपुर के पास गलगल कोटिया गांव के निकट एक तट को काट रही है। जिसे ग्रामीण बचाने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके तक नहीं पहुंचा।
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सर्रा व नीबाभारी सहित कई गांवों में अभी भी आने जताने का रास्ता मात्र मोटर बोट ही है। इसके बाद भी इन गांव में राहत सामग्री नहीं पहुंच पाई। तहसील प्रशासन द्वारा राहत सामग्री केवल उन्हीं स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है जाहां साधन आ जा सकते हों। जबकि कई गांवों में नीचे लोगों के घरों में पानी भरा है। ऊपर से भारी बरसात हों रही है। लकड़ी अनाज जो कुछ भी था वह सब खराब हो चुका है। इसके बाद भी उन तक राहत नहीं पहुंच सकी है।
मोटर बोट खराब
लक्ष्मननगर के पास बाढ़ राहत के लिए आया मोटर बोट खराब हो गया। जिसके चलते बचाव कार्य इस क्षेत्र में बाधित रहा। वहीं भारी बरसात के कारण भिनगा लक्ष्मनपुर, भिनगा तेंदुआ, जमुनहा बैरियर से कथरा माफी, बराव व बरंगा, हसनापुर सलारूपुरवा, घाटेपुरवा, गजोबरी सहित कई मार्गों पर पानी भरा होने के कारण आवागमन बाधित है।
बरसात व बाढ़ से ढहे मकान
राप्ती नदी की विभीषिका व अतिप्लावन के कारण कच्चे व फूस के मकानों के गिरने का सिलसिला चल पड़ा है। अतिप्लावन के कारण नेवरिया मोड़ पर भूपविक्रम पुत्र रामप्रसाद व अर्जुन पुत्र सिपाही लाल के पक्के मकान की दीवार ढह गई। जबकि जमुनहा के वीरपुर में कई लोगों के कच्चे मकान व फूस के मड़हे बाढ़ की भेंट चढ़ गए।
बाढ़ का पानी देखने गए तीन किशोर डूबे, बाल-बाल बचे
इकौना (श्रावस्ती)। इकौना बाजार निवासी सुंदरम त्रिपाठी (15) पुत्र मुन्ना त्रिपाठी सोमवार को अपनी मोटर साइकिल से बाढ़ का पानी देखने निकला था। इस दौरान उसके साथ बाजार निवासी अनुराग मिश्रा (16) पुत्र विजय मिश्रा व अभिषेंक यादव (16) पुत्र नानबाबू यादव भी थे। जैसे ही सुंदरम महादा गांव के निकट पहुंचा मोटर साइकिल अनियंत्रित हो मार्ग किनारे खड्ड में जा गिरी। आसपास मौजूद लोगों ने सुंदरम, अभिषेक व अनुराग को पानी से बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची इकौना पुलिस ने तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना पहुंचाया गया। वहीं चिकित्सकों ने अनुराग की हालत गंभीर होने के कारण उसका प्राथमिक उपचार कर उसे जिला अस्पताल बहराइच रेफर कर दिया है। जबकि दो अन्य का इलाज सीएचसी इकौना में चल रहा है।
बाढ़ में फंसी गर्भवती महिला, पति ने लगाई मदद की गुहार
श्रावस्ती। गिलौला के नकहा धर्मनगर निवासी ननके यादव की पत्नी उर्मिला देवी गर्भवती है। बाढ़ में फंसे होने के कारण ननके व उसकी पत्नी उर्मिला भयभीत हैं। ऐसे में ननके ने उप जिलाधिकारी जमुनहा राजकुमार से फोन पर मददद की गुहार लगाई है। वहीं इस संबंध में एसडीएम जमुनहा का कहना है कि मुख्य मार्ग पर 108 एंबुलेंस बुलाई जा चुकी है। एसएसबी व एनडीआरएफ के जवान पीड़ित परिवार को लेकर आने वाले हैं। जिन्हें सीधे एंबुलेंस से भिनगा भेजा जाएगा।
वर्जन
नहर में अचानक अत्यधिक पानी आ जाने के कारण संभव है गलगल कोटिया गांव के निकट कटान हो रही है। संबंधित अवर अभियंता को तत्काल इसकी सूचना देकर मौके पर भेजा जाएगा। जिनके द्वारा मौके पर जाकर उचित प्रबंध किए जाएंगे।
-अजय कुमार अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड छह/जिला बाढ़ नोडल अधिकारी