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महिला सशक्तीकरण के लिए कुप्रथाओं को करें समाप्त
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श्रावस्ती। कुप्रथाओं को समाप्त कर ही समाज में महिला सशक्तीकरण हो सकता है। हमें अपनी सोच बदलने के साथ महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार, दहेज प्रथा, बाल विवाह सहित अन्य कुप्रथाओं का विरोध करना होगा।
महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करनी होगी। यह बातें जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) इकौना में अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित परिचर्चा में वक्ताओं ने कहीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. कौशल किशोर ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज बेटियां घर के चूल्हा चौका, शिक्षा, स्वास्थ्य, सीमा सुरक्षा सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।
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बेटियां किसी भी मामले में बेटों से पीछे नहीं हैं। उन्हें घर की चारदिवारी से बाहर निकलने का पूरा मौका दिया जाना चाहिए।
इस दौरान प्रवक्ता आदर्श कुमार सिंह, ओम प्रकाश यादव के साथ ही महिला आरक्षी मौसम भारती व कंचन ने प्रशिक्षणार्थियों को यातायात संकेत सहित डायल 100, 1098 व 1090 के बारे में जानकारी दी।
जब तक कन्या भ्रूण हत्या, दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ व महिलाओं पर अत्याचार नहीं रुकता तब तक पूरी तरह से महिला सशक्तीकरण नहीं होगा। इसके लिए हमें कुप्रथाओं को समाप्त करना होगा। - सत्या तिवारी
नारी दीपक के समान है। जबकि पुरुष उस दीपक की बाती है। जब तक दोनों एक साथ न हो, तब तक प्रकाश संभव नहीं है। वेदों में भी महिलाओं को पुरुष से पहले स्थान मिला है, इसे मूर्तिरूप मिलना चाहिए। - किरन जैसवार
बदलते परिवेश के अनुसार अब हमें अपनी सोच बदलनी होगी। अपमान, अत्याचार व दहेज जैसी कुप्रथा का हमें खुल कर विरोध करना होगा। लोगों को बताना होगा कि हम भी किसी मामले में कम नहीं हैं। - कोमल गुप्ता
नारी दीपक के समान है, जो हर रूप में दूसरों को प्रकाश देती है। जबकि उसका खुद का जीवन अंधेरे में रहता है। हमें इन परंपराओं को तोड़ कर मर्यादा में रहते हुए राष्ट्र निर्माण के लिए आगे आना होगा। - ऊषा
नारियां आज जागरूक हो रही हैं, वह अपने कर्तव्य व अधिकार को समझती हैं। जागरूक महिला होने के नाते हमें अपने व दूसरों के साथ हो रहे अपराधों पर खुल कर लड़ाई लड़ने की जरूरत है। - दिव्या सिंह
युवतियों को सभी के सामने अपनी बात रखने के लिए मंच उपलब्ध कराने की पहल सराहनीय है। अमर उजाला की यह पहल समाज में महिलाओं के प्रति फैले भेदभाव को दूर करने में सहायक होगी। - अतुल पटेल
भगवान बुद्ध की इस धरती से दुनिया को शांति का संदेश मिला। आज हम संकल्प लेते हैं कि लड़के और लड़की का भेदभाव समाज से पूरी तरह से मिटाएंगे, उन्हें सभी जगहों पर बराबरी का हक देंगे। - मुस्कान सिंह
बेटियां दो घरों को रोशन करती हैं। यदि इन्हें भेदभाव रहित खुला आसमान मिले तो निश्चित ही समाज व देश में संपन्नता आएगी। हम सभी मिल कर यह संकल्प लेते हैं कि हम दहेज लोभियों का बहिष्कार करेंगे। - रूबी राव
अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत हुई परिचर्चा में बालिकाओं व महिलाओं की सम्मान की रक्षा के लिए जो सीख मिली है, इसे दूसरों से साझा कर सभी को इसके बारे में भी जागरूक करेंगें। - आनंद चौहान
परिचर्चा में अधिकारियों से वूमेन पावर लाइन, महिला हेल्प लाइन आदि के बारे में जो जानकारी मिली, वह हर कदम पर काम आएगी। इससे अन्य लोग भी लाभान्वित हों इसके लिए सभी को जागरूक करूंगी। - संध्या जायसवाल
हमने जो सीखा उसको अपने जीवन में आत्मसात करने के साथ ही लोगों को इसके प्रति जागरूक भी करेंगे। यदि हम सड़क पर चलते समय यातायात नियमों का अनुपालन करें तो निश्चित ही हम सुरक्षित रहेंगे। - सुनीता देवी
अमर उजाला की ओर सेे आयोजित कार्यक्रम से हमें कई महत्वपूर्ण जानकारियों मिलीं। इस कार्यक्रम से महिला सशक्तीकरण, यातायात नियमों की जो जानकारी मिली उसका जीवन में हर कदम पर लाभ मिलेगा। - रानी सुमन
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महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करनी होगी। यह बातें जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) इकौना में अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित परिचर्चा में वक्ताओं ने कहीं।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. कौशल किशोर ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज बेटियां घर के चूल्हा चौका, शिक्षा, स्वास्थ्य, सीमा सुरक्षा सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।
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बेटियां किसी भी मामले में बेटों से पीछे नहीं हैं। उन्हें घर की चारदिवारी से बाहर निकलने का पूरा मौका दिया जाना चाहिए।
इस दौरान प्रवक्ता आदर्श कुमार सिंह, ओम प्रकाश यादव के साथ ही महिला आरक्षी मौसम भारती व कंचन ने प्रशिक्षणार्थियों को यातायात संकेत सहित डायल 100, 1098 व 1090 के बारे में जानकारी दी।
जब तक कन्या भ्रूण हत्या, दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ व महिलाओं पर अत्याचार नहीं रुकता तब तक पूरी तरह से महिला सशक्तीकरण नहीं होगा। इसके लिए हमें कुप्रथाओं को समाप्त करना होगा। - सत्या तिवारी
नारी दीपक के समान है। जबकि पुरुष उस दीपक की बाती है। जब तक दोनों एक साथ न हो, तब तक प्रकाश संभव नहीं है। वेदों में भी महिलाओं को पुरुष से पहले स्थान मिला है, इसे मूर्तिरूप मिलना चाहिए। - किरन जैसवार
बदलते परिवेश के अनुसार अब हमें अपनी सोच बदलनी होगी। अपमान, अत्याचार व दहेज जैसी कुप्रथा का हमें खुल कर विरोध करना होगा। लोगों को बताना होगा कि हम भी किसी मामले में कम नहीं हैं। - कोमल गुप्ता
नारी दीपक के समान है, जो हर रूप में दूसरों को प्रकाश देती है। जबकि उसका खुद का जीवन अंधेरे में रहता है। हमें इन परंपराओं को तोड़ कर मर्यादा में रहते हुए राष्ट्र निर्माण के लिए आगे आना होगा। - ऊषा
नारियां आज जागरूक हो रही हैं, वह अपने कर्तव्य व अधिकार को समझती हैं। जागरूक महिला होने के नाते हमें अपने व दूसरों के साथ हो रहे अपराधों पर खुल कर लड़ाई लड़ने की जरूरत है। - दिव्या सिंह
युवतियों को सभी के सामने अपनी बात रखने के लिए मंच उपलब्ध कराने की पहल सराहनीय है। अमर उजाला की यह पहल समाज में महिलाओं के प्रति फैले भेदभाव को दूर करने में सहायक होगी। - अतुल पटेल
भगवान बुद्ध की इस धरती से दुनिया को शांति का संदेश मिला। आज हम संकल्प लेते हैं कि लड़के और लड़की का भेदभाव समाज से पूरी तरह से मिटाएंगे, उन्हें सभी जगहों पर बराबरी का हक देंगे। - मुस्कान सिंह
बेटियां दो घरों को रोशन करती हैं। यदि इन्हें भेदभाव रहित खुला आसमान मिले तो निश्चित ही समाज व देश में संपन्नता आएगी। हम सभी मिल कर यह संकल्प लेते हैं कि हम दहेज लोभियों का बहिष्कार करेंगे। - रूबी राव
अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत हुई परिचर्चा में बालिकाओं व महिलाओं की सम्मान की रक्षा के लिए जो सीख मिली है, इसे दूसरों से साझा कर सभी को इसके बारे में भी जागरूक करेंगें। - आनंद चौहान
परिचर्चा में अधिकारियों से वूमेन पावर लाइन, महिला हेल्प लाइन आदि के बारे में जो जानकारी मिली, वह हर कदम पर काम आएगी। इससे अन्य लोग भी लाभान्वित हों इसके लिए सभी को जागरूक करूंगी। - संध्या जायसवाल
हमने जो सीखा उसको अपने जीवन में आत्मसात करने के साथ ही लोगों को इसके प्रति जागरूक भी करेंगे। यदि हम सड़क पर चलते समय यातायात नियमों का अनुपालन करें तो निश्चित ही हम सुरक्षित रहेंगे। - सुनीता देवी
अमर उजाला की ओर सेे आयोजित कार्यक्रम से हमें कई महत्वपूर्ण जानकारियों मिलीं। इस कार्यक्रम से महिला सशक्तीकरण, यातायात नियमों की जो जानकारी मिली उसका जीवन में हर कदम पर लाभ मिलेगा। - रानी सुमन