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स्थिर हुआ केन नाले का जलस्तर, दुश्वारी बरकरार

Mon, 13 Jul 2020 10:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2020 10:15 PM IST
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46 bigha agricultural land swept into Rapti River
श्रावस्ती। तराई में तीन दिनों से बारिश थमी हुई है। इसके चलते राप्ती नदी का जलस्तर घटा है। राप्ती की लहरें तेजी से कटान कर रही हैं। कटान के कारण सोमवार को करीब 46 बीघा कृषि भूमि व उसमें लगी फसल नदी की धारा में विलीन हो गई है। कटान के मुहाने में आए गांव के लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। पहाड़ी नालों सहित केन नाले का बहाव भी अब धीमा हो चुका है।
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इसके बावजूद जहां भिनगा जंगल पानी से सराबोर है, वहीं बहाव धीमा होने के बावजूद डिप पर जलभराव के कारण भिनगा-लक्ष्मनपुर मार्ग पर यातायात बंद है। आम लोगों को मुख्य मार्ग पर बने डिप में से किसी तरह आना-जाना पड़ रहा है। सोमवार को खिली चटकीली धूप व पुरवाई के कारण बढ़ी उमस से जनजीवन बेहाल है।
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जिले में इस समय मौसम पूरी तरह से सामान्य बना हुआ है। वहीं पिछले दिनों हुई बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की समस्या उत्पन्न है। ऐसे में निकलने वाली चिलचिलाती धूप व पुरवाई के कारण भीषण उमस भरी गर्मी पड़ रही है। इससे न तो लोगों को घर के अंदर सुकून मिल रहा है और न ही घर के बाहर। भीषण उमस के चलते पंखों के नीचे भी लोग पसीने से तरबतर देखे जा रहे हैं।
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वहीं बारिश न होने के कारण सिरसिया क्षेत्र में बहने वाले पहाड़ी नालों सहित राप्ती नदी व केन नाले का जलस्तर भी अब स्थिर हो चुका है। राप्ती नदी के घटते जलस्तर के कारण नदी की लहरें अपने किनारों पर तेजी से कटान कर रही हैं। नदी की तेज कटान के कारण सोमवार को करीब 46 बीघा कृषि भूमि व उसमें लगी फसल नदी की धारा में विलीन हो गई है। वहीं राप्ती की कटान को देख कर कटान के मुहाने में आए गांव के लोगों की धड़कनें तेज हो गई है।

केन नाला स्थिर होने के बावजूद भिनगा जंगल अब भी पानी से सराबोर है। नाले का पानी भिनगा-लक्ष्मनपुर मार्ग पर रेहली विशुनपुर के निकट अब भी भरा हुआ है जिससे मार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप है। ऐसे में लोगों को डिप पार करने के लिए एक-दूसरे का सहारा लेना पड़ रहा है। बारिश बाद खिली चटकीली धूप व पुरवाई के बीच मौसम की परवाह किए बिना किसान धान की रोपाई कर रहे हैं। किसानों को आशंका है कि कहीं खेतों में पानी कम न हो जाए।
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