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अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी भर्ती किए जाएंगे मरीज
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श्रावस्ती। जिले के दूर-दराज गांवों के लोगों को बेहतर इलाज के लिए अब जिला मुख्यालय व सीएचसी तक नहीं जाना होगा। नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही मरीजों को इलाज मिलेगा। गंभीर स्थिति में उन्हें भर्ती भी किया जाएगा। स्वास्थ्य निदेशक की ओर से इस आशय का आदेश जारी किया गया है।
जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के चलते लोगों को काफी दुश्वारियां उठानी पड़ती हैं। सीमावर्ती क्षेत्र व दूर-दराज के लोगों को बेहतर इलाज के लिए जिला मुख्यालय भिनगा स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय अथवा सीएचसी आना पड़ता है। शासन ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के लिए नए सिरे से तैयारी शुरू की है।
यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वीके सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के निदेशक ने प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तय मानक के अनुरूप चार बेडों की सुविधा तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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निरीक्षण के दौरान किसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर यह सुविधा न मिलने पर संबंधितों को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। जिले में कुल 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित हैं। इसके साथ ही छह सीएचसी व एक संयुक्त जिला चिकित्सालय में लोगों का इलाज होता है।
पीएचसी पर मरीज भर्ती होना शुरू होंगे तो सीएचसी व जिला अस्पताल पर मरीजों का दबाव कम होगा । जिससे यहां मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी। साथ ही घर के निकट लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं भी आसानी से मिलेंगी।
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जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के चलते लोगों को काफी दुश्वारियां उठानी पड़ती हैं। सीमावर्ती क्षेत्र व दूर-दराज के लोगों को बेहतर इलाज के लिए जिला मुख्यालय भिनगा स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय अथवा सीएचसी आना पड़ता है। शासन ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के लिए नए सिरे से तैयारी शुरू की है।
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यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वीके सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के निदेशक ने प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तय मानक के अनुरूप चार बेडों की सुविधा तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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निरीक्षण के दौरान किसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर यह सुविधा न मिलने पर संबंधितों को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। जिले में कुल 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित हैं। इसके साथ ही छह सीएचसी व एक संयुक्त जिला चिकित्सालय में लोगों का इलाज होता है।
पीएचसी पर मरीज भर्ती होना शुरू होंगे तो सीएचसी व जिला अस्पताल पर मरीजों का दबाव कम होगा । जिससे यहां मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी। साथ ही घर के निकट लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं भी आसानी से मिलेंगी।