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एक ही बूथ से 256 लोगों का नाम मतदाता सूची से नदारद
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श्रावस्ती। मतदाता सूची पुनरीक्षण में बीएलओ की लापरवाही कहें या इसे अधिकारियों व कर्मचारियों की उदासीनता कि एक ही मतदान केंद्र पर 256 लोगों का नाम मतदाता सूची से गायब था। यह मामला ब्लॉक मुख्यालय सिरसिया का है। यही स्थिति अन्य स्थानों पर भी देखने को मिली।
मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में ज्यादातर शिक्षामित्र, लेखपाल व परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को लगाया गया था। जिनके द्वारा घर-घर जाकर सूची पुनरीक्षण का कार्य किया गया। बाद में इसे खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से तहसील मुख्यालयों को भेजा जाना था। जहां नियुक्त डाटा इंट्री ऑपरेटरों द्वारा उसे कंप्यूटर पर अपलोड किया जाना था। इस कार्य में कितनी पारदर्शिता बरती गई। इसका प्रमाण रविवार को सिरसिया बाजार में देखने को मिला। जहां एक पूर्व सैनिक का तो नाम मतदाता सूची में था। लेकिन उसकी पत्नी, पुत्र व बहू सहित परिवार के अन्य सदस्यों के नाम मतदाता सूची से नदारद था।
ब्लॉक संसाधन केंद्र सिरसिया में मतदान करने पहुंचे करीब 256 लोगों को इसलिए बैरंग वापस लौटना पड़ा क्योंकि उनका नाम मतदाता सूची से नदारद था। यह मात्र बानगी है। जिले के अधिकांश पोलिंग बूथों पर दो चार लोग ऐसे मिले जो पूर्व में मतदाता होते हुए भी इस बार मतदाता सूची में नाम न होने के कारण अपनेे मताधिकार से वंचित रहे। सिरसिया के बीआरसी बूथ पर पहुंचे चुनाव प्रेक्षक से पूर्व सैनिक ने इसकी शिकायत करते हुए सूची से गलत तरीके से नाम गायब करने वाले बीएलओ, सूची को तहसील मुख्यालय पहुंचाने के लिए जिम्मेदार शिक्षक व आपरेटर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग किया है।
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मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में ज्यादातर शिक्षामित्र, लेखपाल व परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को लगाया गया था। जिनके द्वारा घर-घर जाकर सूची पुनरीक्षण का कार्य किया गया। बाद में इसे खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से तहसील मुख्यालयों को भेजा जाना था। जहां नियुक्त डाटा इंट्री ऑपरेटरों द्वारा उसे कंप्यूटर पर अपलोड किया जाना था। इस कार्य में कितनी पारदर्शिता बरती गई। इसका प्रमाण रविवार को सिरसिया बाजार में देखने को मिला। जहां एक पूर्व सैनिक का तो नाम मतदाता सूची में था। लेकिन उसकी पत्नी, पुत्र व बहू सहित परिवार के अन्य सदस्यों के नाम मतदाता सूची से नदारद था।
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ब्लॉक संसाधन केंद्र सिरसिया में मतदान करने पहुंचे करीब 256 लोगों को इसलिए बैरंग वापस लौटना पड़ा क्योंकि उनका नाम मतदाता सूची से नदारद था। यह मात्र बानगी है। जिले के अधिकांश पोलिंग बूथों पर दो चार लोग ऐसे मिले जो पूर्व में मतदाता होते हुए भी इस बार मतदाता सूची में नाम न होने के कारण अपनेे मताधिकार से वंचित रहे। सिरसिया के बीआरसी बूथ पर पहुंचे चुनाव प्रेक्षक से पूर्व सैनिक ने इसकी शिकायत करते हुए सूची से गलत तरीके से नाम गायब करने वाले बीएलओ, सूची को तहसील मुख्यालय पहुंचाने के लिए जिम्मेदार शिक्षक व आपरेटर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग किया है।
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