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34 केंद्रों पर परीक्षा देंगे 19108 परीक्षार्थी
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श्रावस्ती। जिले में परीक्षा केंद्र निर्धारण में हुई मानकों की अनदेखी की जेडी की जांच में पुष्टि के बाद एकेएस पब्लिक इंटर कॉलेज चंदर्खा बुजुर्ग को सूची से बाहर कर दिया गया है।
ऐसे में अब 34 केंद्रों पर 19108 परीक्षार्थी बोर्ड की परीक्षा देंगे। जिले में विगत वर्ष 2018 में 21854 परीक्षार्थियों की बोर्ड परीक्षा के लिए 34 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
जबकि इस वर्ष 2019 में परीक्षार्थियों की संख्या घट कर 19108 पहुंच गई जो विगत वर्ष की तुलना 2746 कम है। इसके बावजूद इस वर्ष मानकों की अनदेखी कर 35 परीक्षा केंद्र बना दिया गया था।
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जिसमें ऐसे विद्यालय भी शामिल कर दिए गए जहां संसाधनों का अभाव होने के साथ ही सिर्फ टीन शेड ही मौजूद था। इसे अमर उजाला ने अपने 19 नवंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
जिसे संज्ञान में लेते हुए संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शीपू गिरी के साथ विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण में इसकी पुष्टि भी हुई।
इसके बाद जेडी ने एकेएस पब्लिक इंटर कॉलेज चंदर्खा बुजुर्ग को परीक्षा केंद्र की सूची से हटाने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद को पत्र लिखा था।
विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाने के लिए गलत सूचना देने पर तत्कालीन डीआईओएस व जूनियर हाईस्कूल इमिलिया करनपुर के प्रधान शिक्षक कमलनाथ यादव से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
अब यूपी बोर्ड की ओर से जारी सूची में 34 विद्यालय परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। एकेएस पब्लिक इंटर कॉलेज चंदर्खा बुजुर्ग को परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर कर दिया गया है।
ऐसे में इस वर्ष 34 परीक्षा केंद्रों पर 19108 परीक्षार्थी बोर्ड की परीक्षा देंगे। इसमें हाईस्कूल के 10931 व इंटरमीडिएट के 8177 परीक्षार्थी शामिल हैं।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शीपू गिरी ने बताया कि अब हमारे पास डीआईओएस का प्रभार नहीं है। तत्कालीन डीआईओएस व प्रधान शिक्षक की ओर से क्या जवाब दिया गया अथवा उस पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी नहीं है।
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ऐसे में अब 34 केंद्रों पर 19108 परीक्षार्थी बोर्ड की परीक्षा देंगे। जिले में विगत वर्ष 2018 में 21854 परीक्षार्थियों की बोर्ड परीक्षा के लिए 34 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
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जबकि इस वर्ष 2019 में परीक्षार्थियों की संख्या घट कर 19108 पहुंच गई जो विगत वर्ष की तुलना 2746 कम है। इसके बावजूद इस वर्ष मानकों की अनदेखी कर 35 परीक्षा केंद्र बना दिया गया था।
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जिसमें ऐसे विद्यालय भी शामिल कर दिए गए जहां संसाधनों का अभाव होने के साथ ही सिर्फ टीन शेड ही मौजूद था। इसे अमर उजाला ने अपने 19 नवंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
जिसे संज्ञान में लेते हुए संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शीपू गिरी के साथ विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण में इसकी पुष्टि भी हुई।
इसके बाद जेडी ने एकेएस पब्लिक इंटर कॉलेज चंदर्खा बुजुर्ग को परीक्षा केंद्र की सूची से हटाने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद को पत्र लिखा था।
विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाने के लिए गलत सूचना देने पर तत्कालीन डीआईओएस व जूनियर हाईस्कूल इमिलिया करनपुर के प्रधान शिक्षक कमलनाथ यादव से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
अब यूपी बोर्ड की ओर से जारी सूची में 34 विद्यालय परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। एकेएस पब्लिक इंटर कॉलेज चंदर्खा बुजुर्ग को परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर कर दिया गया है।
ऐसे में इस वर्ष 34 परीक्षा केंद्रों पर 19108 परीक्षार्थी बोर्ड की परीक्षा देंगे। इसमें हाईस्कूल के 10931 व इंटरमीडिएट के 8177 परीक्षार्थी शामिल हैं।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शीपू गिरी ने बताया कि अब हमारे पास डीआईओएस का प्रभार नहीं है। तत्कालीन डीआईओएस व प्रधान शिक्षक की ओर से क्या जवाब दिया गया अथवा उस पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी नहीं है।