{"_id":"5cf6b669bdec2207140c7a85","slug":"15596724212-srawasti-news164","type":"story","status":"publish","title_hn":"शनि जयंती व बड़े मंगल पर जगह जगह आयोजित हुआ कार्यक्रम, बटा प्रसाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शनि जयंती व बड़े मंगल पर जगह जगह आयोजित हुआ कार्यक्रम, बटा प्रसाद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रावस्ती। जेठ माह के तीसरे मंगलवार को पूजन-अर्चन के लिए बजरंगबली के मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से राम भक्त हनुमान की पूजा की। मंदिरों में हनुमान चालीसा, सुंदर कांड व हनुमानाष्टक का पाठ कर भक्तों ने पवनपुत्र से आशीष मांगा। इस दौरान जिले भर में जगह-जगह भंडारे का भी आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। उधर शनि जयंती पर सोमवार शाम इकौना के ग्राम पंडित पुरवा बिनुहनी स्थित समय माता स्थान पर शनि जयंती समारोह का आयोजन हुआ। इसमें लोगों ने विधि विधान पूर्वक शनि देव की पूजा कर प्रसाद वितरण किया।
जेठ माह के तीसरे मंगलवार को मंदिरों व घरों में भक्तों ने मंगल मूर्ति श्रीराम भक्त हनुमान की आराधना की। सुबह से शहर, कस्बे और गांवों में स्थित हनुमान मंदिरों में बजरंग बली की पूजा अर्चना के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। किसी ने सिंदूर चढ़ाकर तो किसी ने हनुमान चालीसा का पाठ कर बजरंग बली को प्रसन्न किया। इस अवसर जगह जगह सुंदर कांड के पाठ का भी आयोजन हुआ।
दिन भर मंदिर बजरंगबली के जयकारों से गूंजते रहे। इस दौरान जिले भर में भंडारे आदि का आयोजन कर लोगों ने प्रसाद वितरित किया। भिनगा के गुल्लावीर मंदिर, नई बाजार, खैरी मोड़, पुरानी बाजार, जमुनहा बाजार के रामजानकी मंदिर, गांधीचौक बाजार, बासदेव चौराहा, बस स्टैंड, वीरगंज बाजार सहित जिले के अन्य हिस्सों में लोगों ने बजरंगबली की आराधाना कर भंडारे में प्रसाद वितरण किया। इसमें क्षेत्रवासियों ने बढ़ चढ़ कर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान बजने वाले बजरंगबली के भजनों से माहौल भक्ति मय बना रहा।
विज्ञापन
उधर समय माता स्थान पर सोमवार को आयोजित शनि जयंती समारोह में पंडित केसरी प्रसाद मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि विधान से शनि देव का पूजन कराया। इस दौरान यहां मेले का आयोजन भी हुआ। इसकी शुरूआत शनि देव की आरती व नारियल तोड़ कर की गई। इस दौरान पंडित केसरी प्रसाद मिश्रा ने कहा कि शनि न्याय के देवता है।
व्यक्ति के कर्मों के हिसाब से वह फल प्रदान करते हैं। भगवान शनि का जन्मोत्सव हर साल हिंदू पंचांग के ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। शनि जयंती पर शनि दर्शन और पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दौरान पंडित अनोखी प्रसाद पाठक ने भजन कीर्तन भी प्रस्तुत किया। इस मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
जेठ माह के तीसरे मंगलवार को मंदिरों व घरों में भक्तों ने मंगल मूर्ति श्रीराम भक्त हनुमान की आराधना की। सुबह से शहर, कस्बे और गांवों में स्थित हनुमान मंदिरों में बजरंग बली की पूजा अर्चना के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। किसी ने सिंदूर चढ़ाकर तो किसी ने हनुमान चालीसा का पाठ कर बजरंग बली को प्रसन्न किया। इस अवसर जगह जगह सुंदर कांड के पाठ का भी आयोजन हुआ।
विज्ञापन
दिन भर मंदिर बजरंगबली के जयकारों से गूंजते रहे। इस दौरान जिले भर में भंडारे आदि का आयोजन कर लोगों ने प्रसाद वितरित किया। भिनगा के गुल्लावीर मंदिर, नई बाजार, खैरी मोड़, पुरानी बाजार, जमुनहा बाजार के रामजानकी मंदिर, गांधीचौक बाजार, बासदेव चौराहा, बस स्टैंड, वीरगंज बाजार सहित जिले के अन्य हिस्सों में लोगों ने बजरंगबली की आराधाना कर भंडारे में प्रसाद वितरण किया। इसमें क्षेत्रवासियों ने बढ़ चढ़ कर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान बजने वाले बजरंगबली के भजनों से माहौल भक्ति मय बना रहा।
विज्ञापन
उधर समय माता स्थान पर सोमवार को आयोजित शनि जयंती समारोह में पंडित केसरी प्रसाद मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि विधान से शनि देव का पूजन कराया। इस दौरान यहां मेले का आयोजन भी हुआ। इसकी शुरूआत शनि देव की आरती व नारियल तोड़ कर की गई। इस दौरान पंडित केसरी प्रसाद मिश्रा ने कहा कि शनि न्याय के देवता है।
व्यक्ति के कर्मों के हिसाब से वह फल प्रदान करते हैं। भगवान शनि का जन्मोत्सव हर साल हिंदू पंचांग के ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। शनि जयंती पर शनि दर्शन और पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दौरान पंडित अनोखी प्रसाद पाठक ने भजन कीर्तन भी प्रस्तुत किया। इस मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।