{"_id":"5c70323abdec224b6317bfdd","slug":"131550856762-shravasti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों को लेकर रसोइयों ने बुलंद की आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों को लेकर रसोइयों ने बुलंद की आवाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रावस्ती। राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइयां फ्रंट की जिला इकाई के प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान रसोइयों ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर डीएम को संबोधित ज्ञापन बीएसए को सौंपा।
ज्ञापन में राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइयां फ्रंट की जिलाध्यक्ष संगीता देवी ने कहा है कि उनकी ओर से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में मध्याह्न भोजन बनाया जा रहा है। इसके बावजूद उन्हें सम्मान जनक पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है। इससे उनकी स्थिति वर्तमान समय में बंधुआ मजदूर से भी बद्तर हो चुकी है। रसोइयों को कम से कम दस हजार रुपये मानदेय दिया जाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि रसोइयों के न तो काम की सुरक्षा है और न ही सम्मान जनक पैसा ही दिया जा रहा है।
रसोइयों ने एमडीएम योजना का ठेकेदारी करण रोकने, विद्यालय में बना भोजन परोसने, रसोइयों का बकाया मानदेय भुगतान कराने, उन्हें मनमाने तरीके से हटाने पर प्रतिबंध लगाने, मानदेय रसोइयों के खाते में ऑनलाइन भेजने, विद्यालय में गैस चूल्हा उपलब्ध कराने, हटाए गए रसोइयों को वापस लेने तथा कार्य के दौरान दुर्घटना का शिकार हुई रसोइयों को चिकित्सा भत्ता देने की मांग की है। इस मौके पर काफी संख्या में रसोइयां मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञापन में राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइयां फ्रंट की जिलाध्यक्ष संगीता देवी ने कहा है कि उनकी ओर से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में मध्याह्न भोजन बनाया जा रहा है। इसके बावजूद उन्हें सम्मान जनक पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है। इससे उनकी स्थिति वर्तमान समय में बंधुआ मजदूर से भी बद्तर हो चुकी है। रसोइयों को कम से कम दस हजार रुपये मानदेय दिया जाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि रसोइयों के न तो काम की सुरक्षा है और न ही सम्मान जनक पैसा ही दिया जा रहा है।
विज्ञापन
रसोइयों ने एमडीएम योजना का ठेकेदारी करण रोकने, विद्यालय में बना भोजन परोसने, रसोइयों का बकाया मानदेय भुगतान कराने, उन्हें मनमाने तरीके से हटाने पर प्रतिबंध लगाने, मानदेय रसोइयों के खाते में ऑनलाइन भेजने, विद्यालय में गैस चूल्हा उपलब्ध कराने, हटाए गए रसोइयों को वापस लेने तथा कार्य के दौरान दुर्घटना का शिकार हुई रसोइयों को चिकित्सा भत्ता देने की मांग की है। इस मौके पर काफी संख्या में रसोइयां मौजूद रहीं।
विज्ञापन