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116 बीघा खेत राप्ती की धारा में समाए
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श्रावस्ती। नेपाल के पहाड़ों सहित तराई में बरसात थम गई है। इससे पहाड़ी नालों का जलस्तर घटने लगा है। केन नाले का जलस्तर घटने के कारण भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग पर आवागमन आंशिक रूप से शुरू हुआ है। राहगीर वाहन सहित पानी से होकर गुजर रहे हैं। वहीं राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर स्थिर बना हुआ है। ऐसे में राप्ती ने किनारे पर स्थित खेतों में कटान तेज कर दी है। बुधवार को करीब 116 बीघा खेत कट कर नदी की धारा में समाहित हो गए हैं।
नेपाल के पहाड़ों सहित जिले के अन्य हिस्सों में मंगलवार से बरसात थम गई है। इससे राप्ती का जलस्तर बुधवार को पांच सेंटीमीटर घट कर स्थिर हो गया है। जो खतरे के निशान से अब भी पांच सेंटीमीटर ऊपर है। बुधवार की सुबह छह बजे राप्ती का जलस्तर बैराज पर 127.80 मीटर मापा गया। जो सुबह आठ बजे पांच सेंटीमीटर घट कर 127.75 मीटर पहुंच गया। जो शाम दो बजे तक स्थिर बना रहा।
यहां राप्ती के खतरे का निशान 127.70 मीटर है। घटे जलस्तर के साथ ही नदी की लहरों ने कछार में बसे लालबोझा दर्वेश गांव, खर्च, गौहनिया, मधयनगर, कोलाभार मजगवां, लैबुड़वा, डिंगुराजोत, अशरफ नगर, टिकुइया, सुल्तानजोत, मनिकापुर, वीरपुर, सर्रा, लक्ष्मनपुर सेहरनिया, संगमपुरवा, खरगौरा गनेश, बेलरी, गंगाभागड़, कलकलवा, मुजेहना, शाहपुर कला, कोटवा, भुतहा, खरगौरा बस्ती, दहावर कला, इमिलिया व मझौवा सुमाल में अपने किनारों पर कटान शुरू कर दी है।
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इन गांवों में करीब 38 बीघा खेत व उसमें लगी फसल कट कर नदी की धारा में विलीन हो चुकी है। उधर इकौना तहसील क्षेत्र के ग्राम बगहा, बिराहिमपुर व मलौना खसियारी में राप्ती तेजी से कटान कर रही है। यहां नदी ने 78 बीघा कृषि भूमि को अपने में मिला लिया है। राप्ती की लहरों ने बगहा निवासी सहजराम, रामउदित, सुरेश, राजेश व विनय का नौ बीघा, कैलाश, धनलाल व जगराम की एक-एक बीघा धान की फसल सहित खेत को अपनी धारा में विलीन कर लिया।
वहीं नदी ने गांव के ही दानबहादुर, रामेश्वर नाथ, कामता प्रसाद, भुसैली व राजित राम का 14 बीघा खेत काट लिया। बिराहिमपुर में नदी ने महाराज कुंवर मिश्र का दो बीघा खेत काट दिया है। वहीं अब महराज कुंवर के घर की ओर नदी कटान करते हुए बढ़ रही है। घर से नदी मात्र 150 मीटर रह गई है। जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। वहीं मलौना खसियारी में नदी की धारा ने श्रीपति का दस बीघा, श्रीप्रकाश का छह बीघा, जगप्रसाद का पांच बीघा, उमानाथ का पांच बीघा व रामबिहारी का पांच बीघा खेत काट दिया है।
वहीं गांव के ही रामपदारथ की बीस बीघा भूमि राप्ती में समाहित हो चुकी है। वहीं बरसात थमने के कारण सिरसिया क्षेत्र में बहने वाले पहाड़ी नालों सहित भिनगा जंगल के मध्य बहने वाले केन नाले का जलस्तर भी सामान्य हो रहा है। इसके बावजूद भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग स्थित रेहली विशुनपुर डिप पर पानी का बहाव बना हुआ है। यहां बहाव धीमा होने व जलस्तर कम हो जाने के कारण मार्ग पर लोग पानी के बीच से होकर निकलने लगे हैं। हालांकि इस मार्ग पर अभी भारी वाहनों का आवागमन बाधित है।
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नेपाल के पहाड़ों सहित जिले के अन्य हिस्सों में मंगलवार से बरसात थम गई है। इससे राप्ती का जलस्तर बुधवार को पांच सेंटीमीटर घट कर स्थिर हो गया है। जो खतरे के निशान से अब भी पांच सेंटीमीटर ऊपर है। बुधवार की सुबह छह बजे राप्ती का जलस्तर बैराज पर 127.80 मीटर मापा गया। जो सुबह आठ बजे पांच सेंटीमीटर घट कर 127.75 मीटर पहुंच गया। जो शाम दो बजे तक स्थिर बना रहा।
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यहां राप्ती के खतरे का निशान 127.70 मीटर है। घटे जलस्तर के साथ ही नदी की लहरों ने कछार में बसे लालबोझा दर्वेश गांव, खर्च, गौहनिया, मधयनगर, कोलाभार मजगवां, लैबुड़वा, डिंगुराजोत, अशरफ नगर, टिकुइया, सुल्तानजोत, मनिकापुर, वीरपुर, सर्रा, लक्ष्मनपुर सेहरनिया, संगमपुरवा, खरगौरा गनेश, बेलरी, गंगाभागड़, कलकलवा, मुजेहना, शाहपुर कला, कोटवा, भुतहा, खरगौरा बस्ती, दहावर कला, इमिलिया व मझौवा सुमाल में अपने किनारों पर कटान शुरू कर दी है।
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इन गांवों में करीब 38 बीघा खेत व उसमें लगी फसल कट कर नदी की धारा में विलीन हो चुकी है। उधर इकौना तहसील क्षेत्र के ग्राम बगहा, बिराहिमपुर व मलौना खसियारी में राप्ती तेजी से कटान कर रही है। यहां नदी ने 78 बीघा कृषि भूमि को अपने में मिला लिया है। राप्ती की लहरों ने बगहा निवासी सहजराम, रामउदित, सुरेश, राजेश व विनय का नौ बीघा, कैलाश, धनलाल व जगराम की एक-एक बीघा धान की फसल सहित खेत को अपनी धारा में विलीन कर लिया।
वहीं नदी ने गांव के ही दानबहादुर, रामेश्वर नाथ, कामता प्रसाद, भुसैली व राजित राम का 14 बीघा खेत काट लिया। बिराहिमपुर में नदी ने महाराज कुंवर मिश्र का दो बीघा खेत काट दिया है। वहीं अब महराज कुंवर के घर की ओर नदी कटान करते हुए बढ़ रही है। घर से नदी मात्र 150 मीटर रह गई है। जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। वहीं मलौना खसियारी में नदी की धारा ने श्रीपति का दस बीघा, श्रीप्रकाश का छह बीघा, जगप्रसाद का पांच बीघा, उमानाथ का पांच बीघा व रामबिहारी का पांच बीघा खेत काट दिया है।
वहीं गांव के ही रामपदारथ की बीस बीघा भूमि राप्ती में समाहित हो चुकी है। वहीं बरसात थमने के कारण सिरसिया क्षेत्र में बहने वाले पहाड़ी नालों सहित भिनगा जंगल के मध्य बहने वाले केन नाले का जलस्तर भी सामान्य हो रहा है। इसके बावजूद भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग स्थित रेहली विशुनपुर डिप पर पानी का बहाव बना हुआ है। यहां बहाव धीमा होने व जलस्तर कम हो जाने के कारण मार्ग पर लोग पानी के बीच से होकर निकलने लगे हैं। हालांकि इस मार्ग पर अभी भारी वाहनों का आवागमन बाधित है।