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114 बीघा खेत राप्ती में समाए
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श्रावस्ती। नेपाल सहित पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण जहां रात में राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर रहा है। वहीं दिन में बरसात थमने के कारण नदी का जलस्तर सामान्य से भी नीचे आ रहा है। ऐसे में घटते व बढ़ते जलस्तर के साथ ही नदी की लहरें अपने किनारों ने तेजी से कटान कर रही है। इसकी चपेट में आने से कछार के गांवों में करीब 114 बीघा कृषि भूमि फसल सहित कट कर नदी की धारा में विलीन हो गई।
नेपाल के पहाड़ों पर होने वाली मूसलाधार बरसात से राप्ती का जलस्तर तेजी से घट व बढ़ रहा है। राप्ती का जलस्तर गुरुवार शाम 127.60 मीटर मापा गया। जो रात बारह बजे 127.90 मीटर पहुंच गया। इससे नदी का पानी खेतों को जलमग्न करता हुआ कछार के गांवों की ओर तेजी से बढ़ने लगा। हालांकि सुबह छह बजे के बाद नदी का जलस्तर धीरे धीरे घटने लगा है। इससे राप्ती का पानी लक्ष्मनपुर बैराज पर सुबह छह बजे 127.80 मीटर पर आ गया।
इसके बाद आठ बजे जलस्तर 127.80 मीटर पर ही स्थिर रहा। वहीं दस बजे यह घटकर 127.70 मीटर और बारह बजे फिर 127.60 मीटर मापा गया। घटते जलस्तर के साथ ही कछार के गांवों में बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है। वहीं घटते जलस्तर के साथ नदी की लहरों ने अपने किनारों पर कटान तेज कर दी है। जिसकी जद में आने से कछार के बारह गांवों में नदी ने अपने तट पर स्थित करीब 114 बीघा कृषि भूमि व उसमें लगी फसल को काट कर अपनी धारा में मिला लिया है। कछार के गांवों में राप्ती नदी का कटान अब भी जारी है। जिससे किसानों सहित कछारवासियों की धड़कने बढ़ गई है।
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बाढ़ से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम तैनात
श्रावस्ती। जिले सहित नेपाल के पहाड़ों पर आए दिन हो रही बरसात के बाद राप्ती का जलस्तर कभी घट तो कभी बढ़ रहा है। ऐसे में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है। जिससे निपटने के लिए जिले में एनडीआरएफ टीम की तैनाती की गई है। जो बाढ़ के दौरान लोगों की मदद करने के साथ ही उन्हें इससे बचाव के लिए प्रशिक्षित भी करेगी।
आए दिन होने वाली बरसात के बाद कभी राप्ती का जलस्तर सामान्य से नीचे तो कभी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच रहा है। इससे जहां कछार के गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो रहा है। वहीं राप्ती की लहरें अपने किनारों पर कटान भी कर रही है। ऐसे में शासन की ओर से बाढ़ आपदा से निपटने व सम्भावित बाढ़ के दौरान राहत व बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम की तैनाती की गई है।
टीम द्वारा एनडीआरएफ के डीआईजी आलोक कुमार सिंह के निर्देश पर जिले में अपनी आमद दर्ज करा दी गई है। निरीक्षक मिथलेश कुमार के नेतृत्व में पहुंची 25 सदस्यीय टीम वाराणसी से आई है। इस टीम में गोताखोर, तैराक, पैरामेडिकल, बेतारसंचार स्टाफ के साथ बाढ़ बचाव के मास्टर ट्रेनर भी शामिल है। यह टीम रेस्क्यू बोट, लाइफ जैकेट, डीप ड्राईवर सेट तथा बाढ़ से बचाव के लिए सभी साधनों एवं अन्य आधुनिक उपकरणों से लैस है।
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नेपाल के पहाड़ों पर होने वाली मूसलाधार बरसात से राप्ती का जलस्तर तेजी से घट व बढ़ रहा है। राप्ती का जलस्तर गुरुवार शाम 127.60 मीटर मापा गया। जो रात बारह बजे 127.90 मीटर पहुंच गया। इससे नदी का पानी खेतों को जलमग्न करता हुआ कछार के गांवों की ओर तेजी से बढ़ने लगा। हालांकि सुबह छह बजे के बाद नदी का जलस्तर धीरे धीरे घटने लगा है। इससे राप्ती का पानी लक्ष्मनपुर बैराज पर सुबह छह बजे 127.80 मीटर पर आ गया।
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इसके बाद आठ बजे जलस्तर 127.80 मीटर पर ही स्थिर रहा। वहीं दस बजे यह घटकर 127.70 मीटर और बारह बजे फिर 127.60 मीटर मापा गया। घटते जलस्तर के साथ ही कछार के गांवों में बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है। वहीं घटते जलस्तर के साथ नदी की लहरों ने अपने किनारों पर कटान तेज कर दी है। जिसकी जद में आने से कछार के बारह गांवों में नदी ने अपने तट पर स्थित करीब 114 बीघा कृषि भूमि व उसमें लगी फसल को काट कर अपनी धारा में मिला लिया है। कछार के गांवों में राप्ती नदी का कटान अब भी जारी है। जिससे किसानों सहित कछारवासियों की धड़कने बढ़ गई है।
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बाढ़ से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम तैनात
श्रावस्ती। जिले सहित नेपाल के पहाड़ों पर आए दिन हो रही बरसात के बाद राप्ती का जलस्तर कभी घट तो कभी बढ़ रहा है। ऐसे में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है। जिससे निपटने के लिए जिले में एनडीआरएफ टीम की तैनाती की गई है। जो बाढ़ के दौरान लोगों की मदद करने के साथ ही उन्हें इससे बचाव के लिए प्रशिक्षित भी करेगी।
आए दिन होने वाली बरसात के बाद कभी राप्ती का जलस्तर सामान्य से नीचे तो कभी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच रहा है। इससे जहां कछार के गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो रहा है। वहीं राप्ती की लहरें अपने किनारों पर कटान भी कर रही है। ऐसे में शासन की ओर से बाढ़ आपदा से निपटने व सम्भावित बाढ़ के दौरान राहत व बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम की तैनाती की गई है।
टीम द्वारा एनडीआरएफ के डीआईजी आलोक कुमार सिंह के निर्देश पर जिले में अपनी आमद दर्ज करा दी गई है। निरीक्षक मिथलेश कुमार के नेतृत्व में पहुंची 25 सदस्यीय टीम वाराणसी से आई है। इस टीम में गोताखोर, तैराक, पैरामेडिकल, बेतारसंचार स्टाफ के साथ बाढ़ बचाव के मास्टर ट्रेनर भी शामिल है। यह टीम रेस्क्यू बोट, लाइफ जैकेट, डीप ड्राईवर सेट तथा बाढ़ से बचाव के लिए सभी साधनों एवं अन्य आधुनिक उपकरणों से लैस है।