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Shamli News: जिस कैराना पलायन ने गरमाई थी सियासत, वहीं पहुंचकर योगी-शाह ने दिया था सुरक्षा का भरोसा
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कैराना। कभी रंगदारी, हत्याओं और पलायन को लेकर देशभर में चर्चा में आया कैराना बाद में बदली कानून व्यवस्था का गवाह बना। व्यापारियों में फैली दहशत और पलायन की घटनाओं के बाद प्रदेश सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी कैराना पहुंचे थे और पीड़ित व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया था।
आठ नवंबर 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैराना पहुंचे थे। उन्होंने चौक बाजार में पलायन के बाद वापस लौटे व्यापारी मुला पंसारी के घर पहुंचकर व्यापारियों से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा था कि प्रदेश में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इस दौरान व्यापारियों ने मुख्यमंत्री के सामने कुख्यात फुरकान का नाम भी बताया था। पुलिस की सक्रियता बढ़ने के बाद फुरकान को एनकाउंटर का डर सताने लगा था। मुख्यमंत्री के दौरे के अगले ही दिन उसने अपने पुराने मुकदमों में जमानत तुड़वाई और जेल चला गया था।
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-गृहमंत्री शाह ने भी व्यापारियों से किया था संवाद
22 जनवरी 2022 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कैराना पहुंचे थे। उन्होंने साधु स्वीट्स की दुकान पर पहुंचकर पलायन पीड़ित व्यापारियों से मुलाकात की थी। करीब 20 मिनट तक चली बातचीत में व्यापारी राकेश गर्ग ने उन्हें पुराने हालात और वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी थी।
व्यापारियों ने बताया था कि पहले रंगदारी और हत्याओं के कारण भय का माहौल था, लेकिन अब हालात बदले हैं। व्यापारी राकेश गर्ग ने गृह मंत्री को बताया था कि वर्ष 2014 में रंगदारी नहीं देने पर तीन व्यापारियों की हत्या कर दी गई थी। उनकी दुकान पर भी 20 लाख रुपये की रंगदारी की चिट्ठी आई थी, जिसके बाद उन्हें डर के कारण अंबाला में जाकर रहना पड़ा था। अमित शाह ने व्यापारियों को सुरक्षा का आश्वासन दिया था।
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आठ नवंबर 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैराना पहुंचे थे। उन्होंने चौक बाजार में पलायन के बाद वापस लौटे व्यापारी मुला पंसारी के घर पहुंचकर व्यापारियों से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा था कि प्रदेश में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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इस दौरान व्यापारियों ने मुख्यमंत्री के सामने कुख्यात फुरकान का नाम भी बताया था। पुलिस की सक्रियता बढ़ने के बाद फुरकान को एनकाउंटर का डर सताने लगा था। मुख्यमंत्री के दौरे के अगले ही दिन उसने अपने पुराने मुकदमों में जमानत तुड़वाई और जेल चला गया था।
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-गृहमंत्री शाह ने भी व्यापारियों से किया था संवाद
22 जनवरी 2022 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कैराना पहुंचे थे। उन्होंने साधु स्वीट्स की दुकान पर पहुंचकर पलायन पीड़ित व्यापारियों से मुलाकात की थी। करीब 20 मिनट तक चली बातचीत में व्यापारी राकेश गर्ग ने उन्हें पुराने हालात और वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी थी।
व्यापारियों ने बताया था कि पहले रंगदारी और हत्याओं के कारण भय का माहौल था, लेकिन अब हालात बदले हैं। व्यापारी राकेश गर्ग ने गृह मंत्री को बताया था कि वर्ष 2014 में रंगदारी नहीं देने पर तीन व्यापारियों की हत्या कर दी गई थी। उनकी दुकान पर भी 20 लाख रुपये की रंगदारी की चिट्ठी आई थी, जिसके बाद उन्हें डर के कारण अंबाला में जाकर रहना पड़ा था। अमित शाह ने व्यापारियों को सुरक्षा का आश्वासन दिया था।