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यमुना कटान : भड़ी में जर्जर हुई ठोकर संख्या 0 से एक के बीच का हिस्सा टूटा
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चौसाना के भड़ी मुस्तफाबाद में ध्वस्त ठोकर नंबर एक और आसपास की कटी जमीन । संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
झिंझाना। क्षेत्र के गांव भड़ी में यमुना नदी किनारे कटान की समस्या पांच वर्षों से बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार ठोकर संख्या 0 और 1 के बीच का हिस्सा लगातार टूट रहा है। वर्ष 2020 में ही ठोकर संख्या 1 जर्जर हो गई थी, जिसके बाद से कटान तेज हो गया।
किसान इलयाश का कहना है कि उन्होंने 2020 में पहली बार विभागीय कार्यालय में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब हाल ही में नदी का जल स्तर बढ़ने पर उन्होंने 1 सितंबर 2025 को जन सुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, जो अधिशासी अभियंता सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को भेजी गई है। इसके बावजूद शिकायत 17 दिन बाद भी लंबित है।
ग्रामीण नाजिम राणा, इस्फाक और इलयास ने बताया कि पांच साल से सिर्फ शिकायतें हो रहीं हैं, लेकिन न ठोकर की मरम्मत हुई और न कटान रुका। उनका कहना है कि अगर समय रहते विभाग ने ध्यान नहीं दिया तो उपजाऊ जमीन नदी में समा जाएगी और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। विभागीय लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
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झिंझाना। क्षेत्र के गांव भड़ी में यमुना नदी किनारे कटान की समस्या पांच वर्षों से बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार ठोकर संख्या 0 और 1 के बीच का हिस्सा लगातार टूट रहा है। वर्ष 2020 में ही ठोकर संख्या 1 जर्जर हो गई थी, जिसके बाद से कटान तेज हो गया।
किसान इलयाश का कहना है कि उन्होंने 2020 में पहली बार विभागीय कार्यालय में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब हाल ही में नदी का जल स्तर बढ़ने पर उन्होंने 1 सितंबर 2025 को जन सुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, जो अधिशासी अभियंता सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को भेजी गई है। इसके बावजूद शिकायत 17 दिन बाद भी लंबित है।
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ग्रामीण नाजिम राणा, इस्फाक और इलयास ने बताया कि पांच साल से सिर्फ शिकायतें हो रहीं हैं, लेकिन न ठोकर की मरम्मत हुई और न कटान रुका। उनका कहना है कि अगर समय रहते विभाग ने ध्यान नहीं दिया तो उपजाऊ जमीन नदी में समा जाएगी और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। विभागीय लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।

चौसाना के भड़ी मुस्तफाबाद में ध्वस्त ठोकर नंबर एक और आसपास की कटी जमीन । संवाद
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