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ऊन शुगर मिल को नहीं देंगे गन्ना
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Wed, 26 Oct 2016 11:47 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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ऊन। गन्ना समिति कार्यालय ऊन पर डायरेक्टरों की मीटिंग हुई, जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि इस बार ऊन शुगर मिल को गन्ना नहीं दिया जाएगा। साथ ही दूसरी चीनी मिलों के गन्ना क्रय केंद्र ऊन क्षेत्र में खुलवाने के संबंध में भी जिला गन्ना अधिकारी को प्रस्ताव भेज दिया है।
बुधवार को ऊन गन्ना समिति चेयरमैन कटार सिंह की अध्यक्षता में डायरेक्टरों की मीटिंग हुई। जिसमें कहा गया कि ऊन शुगर मिल ने किसानों ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किया है, जिस कारण किसान आंदोलन कर रहे हैं और लगातार धरना दे रहे हैं। डायरेक्टरों ने प्रस्ताव रखा कि किसी भी हाल में क्षेत्र के किसानों का गन्ना ऊन शुगर मिल को नहीं दिया जाएगा।
उसके लिए प्रस्ताव बनाकर जिला गन्ना अधिकारी को भेजा गया है, ताकि दूसरी चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्रों का निर्धारण कराया जा सके। इस दौरान गन्ना समिति सचिव अरविंद, डायरेक्टर नवाब सिंह, विदुर, रतन सिंह, जोगेंद्र सिंह, मंगता, प्रदीप, केला देवी, सुमित्रा देवी आदि मौजूद रहीं।
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किसानों के धरने को एक महीना पूरा
ऊन। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर ऊन शुगर मिल पर किसानों का धरना बुधवार को भी जारी रहा। आंदोलन करते हुए किसानों को 30 दिन हो गए हैं। इसके बावजूद ऊन शुगर मिल प्रबंधन की ओर से बकाया मूल्य भुगतान नहीं किया गया है। बुधवार को धरने पर क्षेत्रीय किसानों की संख्या और बढ़ गई। किसानों के रुख को देखते हुए शुगर मिल में गन्ना पेराई सत्र का शुभारंभ होना मुश्किल लग रहा है। बुधवार को धरने पर भास्कर, नीटू, जगमेर चेयरमैन, देवेंद्र, सनोज, सुनील पिंडोरा, रविंद्र मुंडेट, कपिल आदि किसान मौजूद रहे।
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बुधवार को ऊन गन्ना समिति चेयरमैन कटार सिंह की अध्यक्षता में डायरेक्टरों की मीटिंग हुई। जिसमें कहा गया कि ऊन शुगर मिल ने किसानों ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किया है, जिस कारण किसान आंदोलन कर रहे हैं और लगातार धरना दे रहे हैं। डायरेक्टरों ने प्रस्ताव रखा कि किसी भी हाल में क्षेत्र के किसानों का गन्ना ऊन शुगर मिल को नहीं दिया जाएगा।
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उसके लिए प्रस्ताव बनाकर जिला गन्ना अधिकारी को भेजा गया है, ताकि दूसरी चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्रों का निर्धारण कराया जा सके। इस दौरान गन्ना समिति सचिव अरविंद, डायरेक्टर नवाब सिंह, विदुर, रतन सिंह, जोगेंद्र सिंह, मंगता, प्रदीप, केला देवी, सुमित्रा देवी आदि मौजूद रहीं।
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किसानों के धरने को एक महीना पूरा
ऊन। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर ऊन शुगर मिल पर किसानों का धरना बुधवार को भी जारी रहा। आंदोलन करते हुए किसानों को 30 दिन हो गए हैं। इसके बावजूद ऊन शुगर मिल प्रबंधन की ओर से बकाया मूल्य भुगतान नहीं किया गया है। बुधवार को धरने पर क्षेत्रीय किसानों की संख्या और बढ़ गई। किसानों के रुख को देखते हुए शुगर मिल में गन्ना पेराई सत्र का शुभारंभ होना मुश्किल लग रहा है। बुधवार को धरने पर भास्कर, नीटू, जगमेर चेयरमैन, देवेंद्र, सनोज, सुनील पिंडोरा, रविंद्र मुंडेट, कपिल आदि किसान मौजूद रहे।