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महिलाओं की फिर बढ़ी जिम्मेदारी, ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाना भारी

Fri, 07 Jan 2022 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jan 2022 11:48 PM IST
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Women's responsibility again increased, teaching children online is heavy
शामली में बच्चे को ऑनलाइन पढ़ाती महिला पारूल। - फोटो : SHAMLI
शामली। कारोना महामारी एक बार फिर से पैर पसार रही है, जिसके चलते स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं। ऐसे में घर की महिलाओं की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। घर के सारे कामकाज के बीच बच्चों की पढ़ाई व होमवर्क आदि का ध्यान भी महिलाओं को रखना पढ़ रहा है। ऐसे में छोटे बच्चों को संभालना, उनका पढ़ाई और घर के सभी जरूरी काम निपटाना भी मुश्किल हो रहा है। ऑनलाइन क्लास को लेकर महिलाओं से बातचीत पर एक रिपोर्ट...
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पहले से निपटाने होते हैं घर के काम
ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होने से घर की महिलाओं की जिम्मेदारी फिर से बढ़ गई। ऑनलाइन शिक्षा छोटे बच्चों के लिए मुश्किल है। बच्चे इस पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। इसके लिए घर की पढ़ी-लिखी महिला को ऑनलाइन पढ़ाई समझकर बच्चों को समझाना पड़ता है। बच्चों के साथ अभिभावकों को भी टाइम देना पड़ता है। बच्चों की क्लास शुरू होने से पहले ही घर के काफी काम निपटाने पड़ते हैं।-निवासी भावना - निवासी मोहल्ला रेलपार।
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परिवार व पढ़ाई में कैसे बैठाएं सामंजस्य
घर के काम और ऑनलाइन क्लास को लेकर कैसे सामंजस्य बैठाएं, यह समझ में नहीं आता। दो बच्चों की अलग-अलग समय पर क्लास लगती है। कई बार बच्चों को समझ में नहीं आता। इसके लिए मोबाइल लेकर बच्चों के साथ बैठना पड़ता है, जिससे कई बार घर के कामों में भी दिक्कत आती है। आखिर पढ़ाई व परिवार के बीच कैसे सामंजस्य बैठाएं। हम महिलाओं की यही समस्या बनी हुई है।-रितु जैन, निवासी मोहल्ला रेलपार।
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छोटे बच्चों के अभिभावकों की बड़ी जिम्मेदारी
ऑनलाइन पढ़ाई फिर से शुरू होने से घर की महिलाओं की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गई है। जिनके बच्चे ज्यादा छोटे हैं और उनको मोबाइल व लैपटॉप चलाने की समझ नहीं है। ऐसे बच्चों के लिए मां या पिता को बैठकर क्लास करवानी पड़ती है। बच्चा भी इस पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान नहीं देता तो अभिभावक को समझकर बच्चे को बैठाकर समझाना पड़ता है। बच्चे की पढ़ाई को ध्यान में रखने को लेकर घर के काफी काम पीछे रह जाते हैं।-गीता, निवासी बुढ़ाना रोड।

नेटवर्क की समस्या से होती है पढ़ाई में बाधक
कई बार नेटवर्क की समस्या रहती है, जिसकी वजह से बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई ठीक से नहीं कर पाते। नेटवर्क समस्या की वजह से पढ़े लिखे अभिभावक तो थोड़ा बहुत समझ लेते हैं, लेकिन बार-बार नेटवर्क आने-जाने से पढ़ाई में परेशानी होती है। कई गरीब घरों के बच्चे जिनके यहां न तो लैपटाप है न मोबाइल, उन घरों की महिलाओं को अपने बच्चों को पिछले कक्षा की किताबों से ही पढ़ाना पढ़ रहा है। - स्वीटी, निवासी बुढ़ाना रोड।
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