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-- निरस्त सस्ते गल्ले की पांच दुकानों को संभालेगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं---
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राशन की दुकानें संभालेगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं
शामली। जिले में निरस्त की गईं सस्ते गल्ले की दुकानें अब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं संभालेंगी। खुली बैठक में कैल शिकारपुर की एक दुकान आवंटित हो चुकी है। चार दुकानें जल्द आवंटित की जाएंगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को राशन डीलर की तर्ज पर कार्य करके आय का स्रोत प्राप्त हो जाएगा।
प्रदेश शासन के निर्देश पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न की सस्ते गल्ले की दुकानें आवंटित करने की प्रक्रिया को जिले में लागू किया जाना है। इस प्रक्रिया में निरस्त अथवा समाप्त की गई सस्ते गल्ले की पांच दुकानें शामिल हैं। अनियमिताएं पाए जाने में जिले में निरस्त की गई सस्ते गल्ले की आठ दुकानों को आरक्षण के तहत आवंटित करने की प्रक्रिया में शामिल किया गया था। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने निरस्त की गई लांक, गंगेरु, कैल शिकारपुर, बुटराडी, पांवटीकलां, कांधला देहात, याहियापुर समेत आठ दुकानों के आवंटन के लिए खुली बैठक की तिथि 16 जुलाई निधार्रित की थी।
बैठक में उपस्थित होने के लिए तहसीलदार कैराना, शामली और ऊन, बीडीओ शामली, थानाभवन, कैराना, कांधला नामित अधिकारी नियुक्त किए थे। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछडे़ वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की आरक्षण व्यवस्था के आधार पर राशन की दुकानों का आवंटन होना था। बाद में तीन अगस्त को खुली बैठक में कैराना तहसील के पांवटी कलां में दिव्यांग को राशन की दुकान आवंटित की गई। समूह की महिलाएं दिव्यांग नहीं पाई गईं। इसी प्रकार दो दुकानें बहाल हो जाने के बाद महिला समूह को आवंटित नहीं की गई। जिले में गंगेेरु, बुटराड़ा, लांक, याहियापुुर में खुली बैठक में प्रस्ताव प्रक्रिया पूरी न होने पर अधर में लटकी हुई है। सिर्फ थानाभवन ब्लाक में कैल शिकारपुर की सस्ते गल्ले की दुकान अनुसूचित जाति होने के कारण सिर्फ स्वयं सहायता समूह महिला को आवंटित होने की प्रक्रिया पूरी हो पाई है।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त शैलेन व्यास ने बताया कि गत तीन अगस्त को समूह की महिलाओं को एकमात्र कैल शिकारपुर की दुकान आवांटित की गई हैं। वह कैल शिकारपुर में खाद्यान्न का वितरण करेंगी। अन्य चार दुकानों का अगली तिथि पर आवंटन की प्रक्रिया पूरी होगी।
डीलर की तर्ज पर मिलेगा समूह की महिलाओं को लाभ
शामली। जिला पूर्ति अधिकारी ओमहरि उपाध्याय ने बताया कि निरस्त की गई दुकानें स्वयं सहायता समूह को आवंटित की जाएंगी। राशन डीलर की तरह समूह की महिलाओं को रोजगार का लाभ प्राप्त होगा।
जिले में खाद्यान्न संबंधी आंकड़ा
1- राशन कार्ड 2 लाख 19 हजार
2- उपभोक्ता 9 लाख 33 हजार
3- सस्ते गल्ले की दुकानें 453
4- निलंबित दुकानें 3
5- निरस्त की गई दुकानें 5
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शामली। जिले में निरस्त की गईं सस्ते गल्ले की दुकानें अब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं संभालेंगी। खुली बैठक में कैल शिकारपुर की एक दुकान आवंटित हो चुकी है। चार दुकानें जल्द आवंटित की जाएंगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को राशन डीलर की तर्ज पर कार्य करके आय का स्रोत प्राप्त हो जाएगा।
प्रदेश शासन के निर्देश पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न की सस्ते गल्ले की दुकानें आवंटित करने की प्रक्रिया को जिले में लागू किया जाना है। इस प्रक्रिया में निरस्त अथवा समाप्त की गई सस्ते गल्ले की पांच दुकानें शामिल हैं। अनियमिताएं पाए जाने में जिले में निरस्त की गई सस्ते गल्ले की आठ दुकानों को आरक्षण के तहत आवंटित करने की प्रक्रिया में शामिल किया गया था। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने निरस्त की गई लांक, गंगेरु, कैल शिकारपुर, बुटराडी, पांवटीकलां, कांधला देहात, याहियापुर समेत आठ दुकानों के आवंटन के लिए खुली बैठक की तिथि 16 जुलाई निधार्रित की थी।
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बैठक में उपस्थित होने के लिए तहसीलदार कैराना, शामली और ऊन, बीडीओ शामली, थानाभवन, कैराना, कांधला नामित अधिकारी नियुक्त किए थे। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछडे़ वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की आरक्षण व्यवस्था के आधार पर राशन की दुकानों का आवंटन होना था। बाद में तीन अगस्त को खुली बैठक में कैराना तहसील के पांवटी कलां में दिव्यांग को राशन की दुकान आवंटित की गई। समूह की महिलाएं दिव्यांग नहीं पाई गईं। इसी प्रकार दो दुकानें बहाल हो जाने के बाद महिला समूह को आवंटित नहीं की गई। जिले में गंगेेरु, बुटराड़ा, लांक, याहियापुुर में खुली बैठक में प्रस्ताव प्रक्रिया पूरी न होने पर अधर में लटकी हुई है। सिर्फ थानाभवन ब्लाक में कैल शिकारपुर की सस्ते गल्ले की दुकान अनुसूचित जाति होने के कारण सिर्फ स्वयं सहायता समूह महिला को आवंटित होने की प्रक्रिया पूरी हो पाई है।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त शैलेन व्यास ने बताया कि गत तीन अगस्त को समूह की महिलाओं को एकमात्र कैल शिकारपुर की दुकान आवांटित की गई हैं। वह कैल शिकारपुर में खाद्यान्न का वितरण करेंगी। अन्य चार दुकानों का अगली तिथि पर आवंटन की प्रक्रिया पूरी होगी।
डीलर की तर्ज पर मिलेगा समूह की महिलाओं को लाभ
शामली। जिला पूर्ति अधिकारी ओमहरि उपाध्याय ने बताया कि निरस्त की गई दुकानें स्वयं सहायता समूह को आवंटित की जाएंगी। राशन डीलर की तरह समूह की महिलाओं को रोजगार का लाभ प्राप्त होगा।
जिले में खाद्यान्न संबंधी आंकड़ा
1- राशन कार्ड 2 लाख 19 हजार
2- उपभोक्ता 9 लाख 33 हजार
3- सस्ते गल्ले की दुकानें 453
4- निलंबित दुकानें 3
5- निरस्त की गई दुकानें 5