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Shamli News: महिलाओं के पास वोटर आईडी, फिर भी सूची में नाम नहीं
Thu, 05 Feb 2026 12:43 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 05 Feb 2026 12:43 AM IST
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ऊन। एसआईआर के बाद जारी हुई नई मतदाता सूची ने कई परिवारों की परेशानी बढ़ा दी है। सूची में बड़ी संख्या में लोगों को अपना नाम नहीं मिल रहा, जिसके चलते महिलाएं और पुरुष बीएलओ से लेकर तहसील कार्यालय तक चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं।
सबसे ज्यादा दिक्कत उन महिलाओं को हो रही है, जिनकी शादी वर्ष 2003 के बाद हुई थी। कई महिलाओं के पास मतदाता पहचान पत्र मौजूद है, इसके बावजूद नई सूची में नाम नहीं आ रहा। ऐसे में उन्हें अपने मतदाता होने का प्रमाण देने के लिए लगातार तहसील जाना पड़ रहा है। मतदाताओं का कहना है कि एसआईआर सर्वे के बाद नाम गायब होने से लोगों में भ्रम और नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में तत्काल सुधार कराकर सूची में नाम जोड़े जाएं ताकि किसी भी मतदाता का वोट देने का अधिकार प्रभावित न हो।
जन्मतिथि की गलती बनी बड़ी वजह
बुधवार को को तहसील कार्यालय में नाई नंगला निवासी स्वाति अपने पति के साथ पहुंचीं। उन्होंने बताया कि जन्मतिथि में गड़बड़ी के कारण मतदाता सूची में नाम नहीं है, जबकि उनके पास वोटर आईडी कार्ड है।
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पूरे परिवार का नाम, पत्नी का गायब
सकोती निवासी मनोज ने बताया कि पूरे परिवार के वोट बने हुए हैं, लेकिन पत्नी रीना का नाम मतदाता सूची में नहीं है। उन्होंने कहा कि रीना का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में भी नहीं था, जिससे अब परेशानी और बढ़ गई है।
आधार और वोटर कार्ड के बाद भी नाम नहीं
बझेड़ी निवासी राकेश ने बताया कि उनकी पत्नी के पास वोटर आईडी और आधार कार्ड है, लेकिन सूची में नाम नहीं है। उन्होंने कहा कि दो दिन से तहसील के चक्कर लगाए जा रहे हैं, मगर समाधान नहीं हो पा रहा।
सूची में नाम दर्ज कराने के लिए यह देने होंगे प्रमाण
निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड, पुरानी मतदाता पहचान पत्र संख्या। किराएदार हैं तो मकान मालिक का घोषणा पत्र। साथ ही पहली नाम जुड़ रहा है तो आयु प्रमाण पत्र आदि देने होंगे।
ऑनलाइन यहां देखे
6 फरवरी तक दावे व आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं। नोटिस जारी हुआ या नहीं, ऑनलाइन भी देख सकेंगे मतदाता एसआईआर में जिन मतदाताओं का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया है, उन्हें नोटिस भेजा जा रही है। पहले चरण में पचास हजार मतदाताओं को नोटिस भेजा जा चुका है। मतदाता ईसीआईनेट एप पर भी ऑनलाइन देख सकेंगे कि नोटिस उन्हें जारी हुआ है या नहीं। अभी पोर्टल voters.eci.gov.in पर यह सुविधा है
मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। दस्तावेज जमा कराकर मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैंं। सभी प्रशासन का भी सहयोग करें। - विनय कुमार, प्रभारी जिला निर्वाचन कार्यालय
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सबसे ज्यादा दिक्कत उन महिलाओं को हो रही है, जिनकी शादी वर्ष 2003 के बाद हुई थी। कई महिलाओं के पास मतदाता पहचान पत्र मौजूद है, इसके बावजूद नई सूची में नाम नहीं आ रहा। ऐसे में उन्हें अपने मतदाता होने का प्रमाण देने के लिए लगातार तहसील जाना पड़ रहा है। मतदाताओं का कहना है कि एसआईआर सर्वे के बाद नाम गायब होने से लोगों में भ्रम और नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में तत्काल सुधार कराकर सूची में नाम जोड़े जाएं ताकि किसी भी मतदाता का वोट देने का अधिकार प्रभावित न हो।
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जन्मतिथि की गलती बनी बड़ी वजह
बुधवार को को तहसील कार्यालय में नाई नंगला निवासी स्वाति अपने पति के साथ पहुंचीं। उन्होंने बताया कि जन्मतिथि में गड़बड़ी के कारण मतदाता सूची में नाम नहीं है, जबकि उनके पास वोटर आईडी कार्ड है।
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पूरे परिवार का नाम, पत्नी का गायब
सकोती निवासी मनोज ने बताया कि पूरे परिवार के वोट बने हुए हैं, लेकिन पत्नी रीना का नाम मतदाता सूची में नहीं है। उन्होंने कहा कि रीना का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में भी नहीं था, जिससे अब परेशानी और बढ़ गई है।
आधार और वोटर कार्ड के बाद भी नाम नहीं
बझेड़ी निवासी राकेश ने बताया कि उनकी पत्नी के पास वोटर आईडी और आधार कार्ड है, लेकिन सूची में नाम नहीं है। उन्होंने कहा कि दो दिन से तहसील के चक्कर लगाए जा रहे हैं, मगर समाधान नहीं हो पा रहा।
सूची में नाम दर्ज कराने के लिए यह देने होंगे प्रमाण
निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड, पुरानी मतदाता पहचान पत्र संख्या। किराएदार हैं तो मकान मालिक का घोषणा पत्र। साथ ही पहली नाम जुड़ रहा है तो आयु प्रमाण पत्र आदि देने होंगे।
ऑनलाइन यहां देखे
6 फरवरी तक दावे व आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं। नोटिस जारी हुआ या नहीं, ऑनलाइन भी देख सकेंगे मतदाता एसआईआर में जिन मतदाताओं का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया है, उन्हें नोटिस भेजा जा रही है। पहले चरण में पचास हजार मतदाताओं को नोटिस भेजा जा चुका है। मतदाता ईसीआईनेट एप पर भी ऑनलाइन देख सकेंगे कि नोटिस उन्हें जारी हुआ है या नहीं। अभी पोर्टल voters.eci.gov.in पर यह सुविधा है
मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। दस्तावेज जमा कराकर मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैंं। सभी प्रशासन का भी सहयोग करें। - विनय कुमार, प्रभारी जिला निर्वाचन कार्यालय