{"_id":"69f7959848e5e3c762018823","slug":"women-are-moving-ahead-by-becoming-conductors-in-roadways-shamli-news-c-26-1-sal1002-164684-2026-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: रोडवेज में परिचालक बनकर आगे बढ़ रहीं महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: रोडवेज में परिचालक बनकर आगे बढ़ रहीं महिलाएं
Mon, 04 May 2026 12:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 04 May 2026 12:06 AM IST
विज्ञापन
कैराना से बिजनौर रोड पर रोडवेज बस में टिकट बनाती गांव हिरनवाड़ा की नेहा। संवाद
शामली। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम में अब महिलाएं भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पहले जहां परिवहन क्षेत्र पुरुषों का ही गढ़ माना जाता था, अब महिलाएं भी परिचालक के रूप में इस क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। यह बदलाव न केवल रोजगार के अवसरों का विस्तार कर रहा है, बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति में सुधार और समानता की ओर भी एक कदम बढ़ाता नजर आ रहा है।
अब रोडवेज की बसों में महिलाओं की यह भूमिका न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रही है, बल्कि यह समाज में महिलाओं के प्रति जागरूकता और सम्मान बढ़ाने में भी योगदान दे रही है। शामली डिपो में हाल में पांच महिला परिचालक कार्यरत है, वहीं चार महिलाओं का प्रशिक्षण जारी है। सभी महिलाएं कैराना से बिजनौर रोड पर कार्यरत है। महिला विमल कुमारी शामली, कुमारी नेहा हिरनवाड़ा, शिवानी लुहसाना, विनिता नया गांव, प्रीति थानाभवन की रहने वाली है। वहीं अंजलि, कविता, प्रियंका और अंजिल अभी प्रशिक्षण ले रही है। हिरनवाड़ा की रहने वाली नेहा ने कहा कि बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले परिवहन क्षेत्र में महिलाओं का प्रवेश मुश्किल समझा जाता था। लेकिन अब परिवारों और समाज का समर्थन मिल रहा है, जिससे महिलाएं इस क्षेत्र में अपने कॅरियर को आगे बढ़ा रही हैं। परिचालक शिवानी ने बताया कि पहले लोग मुझे देखकर हैरान होते थे, लेकिन अब वे मुझे सम्मान से देखते हैं। यह काम मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाता है और मुझे लगता है कि मैं समाज में बदलाव ला रही हूं।
बस स्टैंड के प्रभारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि महिलाओं की इस पहल से समाज में एक सकारात्मक बदलाव आ रहा है। यह न केवल उनके लिए रोजगार का एक साधन है, बल्कि यह समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अब रोडवेज की बसों में महिलाओं की यह भूमिका न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रही है, बल्कि यह समाज में महिलाओं के प्रति जागरूकता और सम्मान बढ़ाने में भी योगदान दे रही है। शामली डिपो में हाल में पांच महिला परिचालक कार्यरत है, वहीं चार महिलाओं का प्रशिक्षण जारी है। सभी महिलाएं कैराना से बिजनौर रोड पर कार्यरत है। महिला विमल कुमारी शामली, कुमारी नेहा हिरनवाड़ा, शिवानी लुहसाना, विनिता नया गांव, प्रीति थानाभवन की रहने वाली है। वहीं अंजलि, कविता, प्रियंका और अंजिल अभी प्रशिक्षण ले रही है। हिरनवाड़ा की रहने वाली नेहा ने कहा कि बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले परिवहन क्षेत्र में महिलाओं का प्रवेश मुश्किल समझा जाता था। लेकिन अब परिवारों और समाज का समर्थन मिल रहा है, जिससे महिलाएं इस क्षेत्र में अपने कॅरियर को आगे बढ़ा रही हैं। परिचालक शिवानी ने बताया कि पहले लोग मुझे देखकर हैरान होते थे, लेकिन अब वे मुझे सम्मान से देखते हैं। यह काम मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाता है और मुझे लगता है कि मैं समाज में बदलाव ला रही हूं।
विज्ञापन
बस स्टैंड के प्रभारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि महिलाओं की इस पहल से समाज में एक सकारात्मक बदलाव आ रहा है। यह न केवल उनके लिए रोजगार का एक साधन है, बल्कि यह समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
विज्ञापन