{"_id":"687008d45a4d4091dd093227","slug":"women-are-ahead-in-sterilization-operation-behind-in-incentive-money-shamli-news-c-26-1-sal1002-145411-2025-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: नसबंदी ऑपरेशन में महिलाएं आगे, प्रोत्साहन राशि में पीछे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: नसबंदी ऑपरेशन में महिलाएं आगे, प्रोत्साहन राशि में पीछे
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत विभिन्न सरकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन धरातल पर इसका प्रभाव नजर नहीं आता। जिले में नसबंदी ऑपरेशन में महिलाएं बहुत आगे हैं जबकि पुरुषों की भागेदारी बहुत कम हैं। इस तरह से देखा जाए तो जनसंख्या नियंत्रण की जिम्मेदारी महिलाएं संभाल रहीं हैं।
हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन का प्रचार प्रसार कर जागरूक करना होता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं कागजों में दौड़ रहीं हैं जबकि धरातल पर कम नजर आती हैं। पिछले सालों में नसबंदी के आंकड़ों को देखे तो पुरुषों की भागेदारी पांच प्रतिशत से भी कम रहती है, जबकि महिला नसबंदी में बहुत आगे हैं।
यह हाल तब है कि सरकार की तरफ से पुरुषों को नसबंदी कराने पर तीन हजार रुपये और महिला नसबंदी कराने पर दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। 2023-24 में पुरुष नसबंदी 19 और महिला नसबंदी के ऑपरेशन 525 हुए। वर्ष 2024-25 में पुरुष नसबंदी 11 और महिला नसबंदी 421 हुई। इसके अलावा परिवार नियोजन के उपाय व साधन अपनाने में भी महिलाएं ही आगे रहतीं हैं। जिला कार्यक्रम प्रबंधक आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम की जानकारी देने और लोगों में जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत विभिन्न सरकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन धरातल पर इसका प्रभाव नजर नहीं आता। जिले में नसबंदी ऑपरेशन में महिलाएं बहुत आगे हैं जबकि पुरुषों की भागेदारी बहुत कम हैं। इस तरह से देखा जाए तो जनसंख्या नियंत्रण की जिम्मेदारी महिलाएं संभाल रहीं हैं।
हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन का प्रचार प्रसार कर जागरूक करना होता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं कागजों में दौड़ रहीं हैं जबकि धरातल पर कम नजर आती हैं। पिछले सालों में नसबंदी के आंकड़ों को देखे तो पुरुषों की भागेदारी पांच प्रतिशत से भी कम रहती है, जबकि महिला नसबंदी में बहुत आगे हैं।
विज्ञापन
यह हाल तब है कि सरकार की तरफ से पुरुषों को नसबंदी कराने पर तीन हजार रुपये और महिला नसबंदी कराने पर दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। 2023-24 में पुरुष नसबंदी 19 और महिला नसबंदी के ऑपरेशन 525 हुए। वर्ष 2024-25 में पुरुष नसबंदी 11 और महिला नसबंदी 421 हुई। इसके अलावा परिवार नियोजन के उपाय व साधन अपनाने में भी महिलाएं ही आगे रहतीं हैं। जिला कार्यक्रम प्रबंधक आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम की जानकारी देने और लोगों में जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाता है।
विज्ञापन