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हत्या की सजा काटकर 17 साल बाद लौटी महिला
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हत्या की सजा काटकर 17 साल बाद लौटी महिला
झिंझाना (शामली)। मासूम की निर्मम हत्या करने के आरोप में जेल गई महिला 17 साल बाद लखनऊ नारी निकेतन से हेड वार्डन के साथ झिंझाना पहुंची। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्यपाल ने 15 कैदियों की रिहाई के आदेश दिए थे, जिनमें झिंझाना के लपराना गांव की आशा भी शामिल है। लपराना घर खाली मिलने की वजह से उसे बागपत में उसके मायके ले जाया गया।
लखनऊ नारी निकेतन की हेड वार्डन शारदा देवी पुलिस टीम के साथ लपराना निवासी आशा पत्नी विनोद को लेकर थाने पहुंची। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 15 कैदियों की रिहाई के आदेश दिए थे। उनमें आशा भी शामिल है, जो हत्या के मामले में मुजफ्फरनगर जेल गई थी। उन्होंने बताया कि महिला के मनोरोगी होने की वजह से वाराणसी में उसका उपचार भी हुआ था। उसके बाद उसे लखनऊ नारी निकेतन में भेज दिया गया था। स्थानीय पुलिस के साथ वह आशा को लेकर लपराना गांव में पहुंचे, जहां उसके मकान पर ताला लगा मिला। बताया गया कि उसका पति विनोद पिछले करीब 15 दिनों से हरियाणा में खेती की मजदूरी पर गया हुआ है। फिर इसके मायके बागपत के हिलवाड़ी गांव में इसके माता-पिता से फोन करने के बाद यह पुलिस हिलवाड़ी के लिए रवाना हो गई।
बता दें कि सन 2004 में थाना क्षेत्र के गांव लपराना में विनोद कश्यप की पत्नी आशा ने संतान प्राप्ति के लिए तांत्रिकों के चक्कर में पड़कर अपने पारिवारिक जेठ के दो बच्चों को बलकटी से काट दिया था। ग्रामीणों के अनुसार तीन वर्षीय अंकित की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि दूसरे पांच वर्षीय बच्चे को चिकित्सकों ने बचा लिया था। उस समय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आशा को मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया था।
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झिंझाना (शामली)। मासूम की निर्मम हत्या करने के आरोप में जेल गई महिला 17 साल बाद लखनऊ नारी निकेतन से हेड वार्डन के साथ झिंझाना पहुंची। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्यपाल ने 15 कैदियों की रिहाई के आदेश दिए थे, जिनमें झिंझाना के लपराना गांव की आशा भी शामिल है। लपराना घर खाली मिलने की वजह से उसे बागपत में उसके मायके ले जाया गया।
लखनऊ नारी निकेतन की हेड वार्डन शारदा देवी पुलिस टीम के साथ लपराना निवासी आशा पत्नी विनोद को लेकर थाने पहुंची। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 15 कैदियों की रिहाई के आदेश दिए थे। उनमें आशा भी शामिल है, जो हत्या के मामले में मुजफ्फरनगर जेल गई थी। उन्होंने बताया कि महिला के मनोरोगी होने की वजह से वाराणसी में उसका उपचार भी हुआ था। उसके बाद उसे लखनऊ नारी निकेतन में भेज दिया गया था। स्थानीय पुलिस के साथ वह आशा को लेकर लपराना गांव में पहुंचे, जहां उसके मकान पर ताला लगा मिला। बताया गया कि उसका पति विनोद पिछले करीब 15 दिनों से हरियाणा में खेती की मजदूरी पर गया हुआ है। फिर इसके मायके बागपत के हिलवाड़ी गांव में इसके माता-पिता से फोन करने के बाद यह पुलिस हिलवाड़ी के लिए रवाना हो गई।
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बता दें कि सन 2004 में थाना क्षेत्र के गांव लपराना में विनोद कश्यप की पत्नी आशा ने संतान प्राप्ति के लिए तांत्रिकों के चक्कर में पड़कर अपने पारिवारिक जेठ के दो बच्चों को बलकटी से काट दिया था। ग्रामीणों के अनुसार तीन वर्षीय अंकित की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि दूसरे पांच वर्षीय बच्चे को चिकित्सकों ने बचा लिया था। उस समय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आशा को मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया था।
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